संस्थान की प्रेस विज्ञप्ति में कहा गया है कि इंटरनेट ऑफ थिंग्स (आईओटी) और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) की प्रगति चुनौतियों को बढ़ा रही है।
बीएचयू को पहले ही इसी तरह के काम के लिए दो जर्मन पेटेंट मिल चुके हैं। टीम ने दो अंतरराष्ट्रीय और दो अतिरिक्त भारतीय पेटेंट भी दाखिल किए हैं।
आईआईएमए ने एक याचिका के जवाब में गुजरात एचसी को सूचित किया था कि वह मानद उपाधि संबंधी कार्यक्रमों में 2025 से रिजर्व कैटेगरी के लिए आरक्षण लागू कर सकता है।
आईडीई बूटकैंप का उद्देश्य भारत भर में स्टूडेंट इनोवेटर्स के नवाचार, डिजाइन और उद्यमशीलता कौशल को बढ़ावा देना है।