Saurabh Pandey | June 12, 2026 | 12:51 PM IST | 2 mins read
छत्तीसगढ़ व्यावसायिक परीक्षा मंडल ने प्री-डीएलएड परीक्षा 2026 के प्रश्न पत्र का मॉडल उत्तर अपनी आधिकारिक वेबसाइट पर जारी कर दिया है। अभ्यर्थी 17 जून 2026 को दोपहर 3 बजे तक प्रति प्रश्न 50 रुपये शुल्क का भुगतान करके ऑनलाइन दावा-आपत्ति दर्ज करा सकते हैं।

नई दिल्ली : छत्तीसगढ़ व्यावसायिक परीक्षा मंडल (CG Vyapam), रायपुर ने प्री डी.एल.एड. प्रवेश परीक्षा 2026 की मॉडल आंसर की जारी कर दिया है। इस परीक्षा में शामिल हुए अभ्यर्थी व्यापम के आधिकारिक पोर्टल vyapamcg.cgstate.gov.in पर जाकर मॉडल उत्तर देख सकते हैं। यदि किसी अभ्यर्थी को किसी प्रश्न के उत्तर पर कोई आपत्ति है, तो वे तय समय सीमा के भीतर सप्रमाण ऑनलाइन दावा-आपत्ति दर्ज करा सकते हैं।
यदि किसी उम्मीदवार को व्यापम द्वारा जारी मॉडल उत्तरों में कोई विसंगति या गड़बड़ी नजर आती है, तो वे 17 जून 2026 को दोपहर 3 बजे तक अपनी आपत्ति दर्ज करा सकते हैं। बोर्ड ने स्पष्ट किया है कि केवल ऑनलाइन मोड में ही आपत्तियां स्वीकार की जाएंगी। डाक द्वारा या व्यक्तिगत रूप से स्वयं उपस्थित होकर प्रस्तुत किए गए किसी भी दावा-आपत्ति पर विचार नहीं किया जाएगा।
प्री-डीएलएड मॉडल उत्तर पर दावा-आपत्ति दर्ज करने के लिए अभ्यर्थियों को प्रति प्रश्न 50 रुपये का शुल्क देना होगा। इस दावा-आपत्ति शुल्क का भुगतान ऑनलाइन माध्यम से करना अनिवार्य है। बिना शुल्क भुगतान किए ऑनलाइन दावा-आपत्ति दर्ज करने की प्रक्रिया को अधूरा माना जाएगा और ऐसी आपत्तियों को खारिज कर दिया जाएगा।
दावा-आपत्ति दर्ज करने के लिए अभ्यर्थियों को व्यापम की आधिकारिक वेबसाइट vyapamcg.cgstate.gov.in पर जाना होगा। इसके बाद अपने पंजीकृत मोबाइल नंबर और पासवर्ड का उपयोग करके अपनी प्रोफाइल में लॉगिन करना होगा। लॉगिन करने के बाद 'दावा-आपत्ति टैब' में जाकर निर्देशों के अनुसार अपनी आपत्ति पंजीकृत करनी होगी।
अभ्यर्थियों को सलाह दी गई है कि पोर्टल पर दावा-आपत्ति दर्ज करने से पहले वे आपत्ति के समर्थन में दिए जाने वाले दस्तावेजों की सॉफ्ट कॉपी अपलोड करने के लिए तैयार रखें। बिना किसी पुख्ता प्रमाण या साक्ष्य के किए गए दावों को पूरी तरह से अमान्य कर दिया जाएगा। प्रक्रिया सफलतापूर्वक पूरी होने के बाद अभ्यर्थी इसकी पावती (Receipt) जरूर डाउनलोड कर लें। नियत तिथि और समय के बाद पोर्टल बंद कर दिया जाएगा। प्राप्त आपत्तियों के परीक्षण के बाद विषय विशेषज्ञों द्वारा लिया गया निर्णय ही अंतिम और सर्वमान्य होगा।