CBSE RO and CoE In Dubai: सीबीएसई ने दुबई में पहला अंतरराष्ट्रीय क्षेत्रीय कार्यालय और उत्कृष्टता केंद्र खोला
Abhay Pratap Singh | September 6, 2024 | 12:38 PM IST | 2 mins read
उत्कृष्टता केंद्र का उद्देश्य शिक्षकों को वैश्विक शैक्षिक प्रथाओं से अपडेट रखते हुए अत्याधुनिक शिक्षक प्रशिक्षण प्रदान करना है।
नई दिल्ली: संयुक्त अरब अमीरात (UAE) में भारतीय शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) ने दुबई में अपने पहले अंतरराष्ट्रीय क्षेत्रीय कार्यालय (RO) और उत्कृष्टता केंद्र (CoE) का उद्घाटन किया है। पीएम मोदी ने यूएई की अपनी यात्रा के दौरान 13 फरवरी 2024 को दुबई में सीबीएसई आरओ एवं सीओई खोलने की घोषणा की थी।
सत्र में नए कार्यालय के लक्ष्यों को रेखांकित किया गया, जिसमें क्षेत्र में परीक्षाओं की देखरेख, योग्यता-आधारित शिक्षा को लागू करना, खेल, कहानी सुनाना और खिलौना-आधारित शिक्षा जैसी नवीन तकनीकों के माध्यम से अनुभवात्मक शिक्षा को बढ़ावा देना शामिल है।
मीडिया संस्थान एएनआई के अनुसार, “दुबई में सीबीएसई आरओ और सीओई के निदेशक डॉ. राम शंकर ने नए कौशल विषयों को वैश्विक रुझानों के साथ जोड़ने और परिणाम-आधारित शिक्षा को बढ़ावा देने पर बोर्ड के फोकस पर प्रकाश डाला। दुबई में भारत के महावाणिज्यदूत सतीश कुमार सिवन ने शिक्षकों को सशक्त बनाने और क्षेत्र में छात्रों के लिए सीखने के अनुभव को बढ़ाने में केंद्र की भूमिका पर जोर दिया।”
इस उपलब्धि का जश्न शिक्षक दिवस पर एक विशेष अभिमुखीकरण सत्र के साथ मनाया गया, जिसमें सीबीएसई के अधिकारी, दुबई में भारतीय मिशन के प्रतिनिधियों और दुबई एवं उत्तरी अमीरात के 78 स्कूलों के प्रधानाचार्यों ने भाग लिया। यह सत्र नए कार्यालयों के उद्देश्यों, दायरे और अपेक्षित प्रभाव पर चर्चा करने के लिए एक मंच के रूप में कार्य करता है।
डॉ शंकर ने कहा कि सीबीएसई परिणाम-आधारित शिक्षा पर केंद्रित एक मॉडल लागू करेगा, जिसमें विभिन्न स्तरों पर विषयों की पेशकश की जाएगी। दुबई में भारत के महावाणिज्य दूतावास में 2 जुलाई 2024 को इसका संचालन शुरू हुआ, जो भारत की शैक्षिक पहुंच में एक नया अध्याय है।
दुबई में स्थित सीबीएसई का अंतरराष्ट्रीय क्षेत्रीय कार्यालय परीक्षाओं की देखरेख करेगा और उत्कृष्टता केंद्र का उद्देश्य शिक्षकों को वैश्विक शैक्षिक प्रथाओं से अपडेट रखते हुए अत्याधुनिक शिक्षक प्रशिक्षण प्रदान करना है। साथ ही शिक्षकों को नवाचारों और वैश्विक शिक्षण पद्धतियों के साथ तालमेल बनाए रखने के लिए कौशल और ज्ञान प्रदान करेगा।
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