सीबीएसई का स्कूलों को नोटिस, एफिलिएशन के लिए ‘मेंडेटरी पब्लिक डिस्क्लोजर’ नियमों के पालन का निर्देश
Santosh Kumar | January 13, 2026 | 04:31 PM IST | 2 mins read
सीबीएसई ने स्कूलों को निर्देश दिया है कि वे बताए गए फॉर्मेट का पालन करें और 15 फरवरी तक वेबसाइट पर पूरी और सही जानकारी अपलोड करें।
नई दिल्ली: सेंट्रल बोर्ड ऑफ सेकेंडरी एजुकेशन (सीबीएसई) ने एक नोटिस जारी कर सभी एफिलिएटेड स्कूलों को अपने 'मेंडेटरी पब्लिक डिस्क्लोजर' नियमों का पालन करने का निर्देश दिया है। नोटिस में खास तौर पर अपनी ऑफिशियल वेबसाइट पर अपडेटेड और सही जानकारी बनाए रखने पर जोर दिया गया है। बोर्ड ने बताया कि स्कूलों को जारी किए गए एक ऑफिशियल कम्युनिकेशन के अनुसार, ऐसा न करने पर एफिलिएशन बाय-लॉज के तहत दंडात्मक कार्रवाई हो सकती है।
सीबीएसई के अनुसार, जो स्कूल एफिलिएशन चाहते हैं या पहले से बोर्ड से एफिलिएटेड हैं, उन्हें फंक्शनल वेबसाइट बनानी होगी जो संस्थान के बारे में पूरी जानकारी दे। बोर्ड ने नोटिस में एफिलिएशन बाय-लॉज के क्लॉज के जारी किए हैं।
15 फरवरी तक वेबसाइट पर डिटेल्स करें अपलोड
सीबीएसई ने स्कूलों को निर्देश दिया है कि वे बताए गए फॉर्मेट का पालन करें और 15 फरवरी तक वेबसाइट पर पूरी और सही जानकारी अपलोड करें। एफिलिएशन बाय-लॉज के क्लॉज 14.1 के अनुसार, निर्देशों का पालन करना अनिवार्य है।
हर एफिलिएटेड स्कूल को वेबसाइट पर विस्तृत जानकारी होस्ट करनी होगी, जिसमें एफिलिएशन स्टेटस, इंफ्रास्ट्रक्चर डिटेल्स, फीस स्ट्रक्चर, छात्रों की संख्या, संपर्क जानकारी, और शिक्षकों की डिटेल्स के साथ उनकी क्वालिफिकेशन शामिल हैं।
हर साल की वार्षिक रिपोर्ट बनानी होगी
स्कूलों को अपेंडिक्स IX में बताए अनुसार, “मेंडेटरी पब्लिक डिस्क्लोजर” सेक्शन के तहत सेल्फ-अटेस्टेड और वैध दस्तावेज भी अपलोड करने होंगे। इसके अलावा स्कूलों को हर साल सितंबर तक वार्षिक रिपोर्ट प्रकाशित करनी होगी।
रिपोर्ट में शैक्षणिक कैलेंडर, टीचर्स की योग्यता, शैक्षणिक परिणाम, खेल उपलब्धियां, पर्यावरण शिक्षा पहल, अभिभावक-शिक्षक संघ की गतिविधियां, स्कूल प्रबंधन समिति के निर्णय, और छात्रों की कुल संख्या जैसी जानकारी शामिल है।
बोर्ड के निर्देश देने के बावजूद कई स्कूल वेबसाइट अपडेट नहीं कर रहे हैं, या अधूरी जानकारी अपलोड कर रहे हैं। खास तौर पर, शिक्षकों और उनकी क्वालिफिकेशन के बारे में जानकारी अक्सर पब्लिक डिस्क्लोजर सेक्शन से गायब रहती है।
नियमों का उल्लंघन करने पर जुर्माना
बोर्ड ने इस बात पर जोर दिया कि यह जानकारी माता-पिता के लिए स्कूल में उपलब्ध शैक्षणिक इंफ्रास्ट्रक्चर और शिक्षण सुविधाओं का मूल्यांकन करने के लिए जरूरी है, और स्कूल के कामकाज में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए यह केंद्रीय है।
बोर्ड ने चेतावनी दी है कि इन निर्देशों का पालन न करने को एफिलिएशन बाय-लॉज के क्लॉज 12.2.3 का उल्लंघन माना जाएगा। जारी बयान के अनुसार, ऐसे उल्लंघनों पर बाय-लॉज के अध्याय 12 में बताए अनुसार जुर्माना लगाया जा सकता है।
अगली खबर
]विशेष समाचार
]- CBSE OSM Controversy: सीबीएसई चेयरमैन व सचिव का तबादला, केजरीवाल ने कहा- छात्रों के घावों पर नमक छिड़कने जैसा
- संसदीय समिति ने नीट मामले पर एनटीए अधिकारियों से पूछे तीखे सवाल, एजेंसी बोली- ‘हमारे सिस्टम से नहीं हुआ लीक’
- बिहार में खुलेगा राष्ट्रीय कला विश्वविद्यालय, ‘भोजपुरी के शेक्सपियर’ भिखारी ठाकुर के नाम पर बनेगा म्यूजियम
- NEET Exam: नीट की कंप्यूटर आधारित परीक्षा से गड़बड़ियों पर लगेगी रोक, बोले पूर्व यूजीसी अध्यक्ष जगदीश कुमार
- JEE Main 2026 Session 2: जेईई मेन सेशन 2 के लिए परसेंटाइल, रॉ मार्क्स व नॉर्मलाइजेशन का सरल विश्लेषण जानें
- JEE Main 2026: एनआईटी भोपाल में बीटेक प्रवेश के लिए जेईई मेन में कितने अंक होने चाहिए; जानें कटऑफ, फीस, पैकेज
- JEE Main 2026 Cutoff for General Category: जेईई मेन 2026 के लिए सामान्य कैटेगरी की अपेक्षित कटऑफ जानें
- JEE Main 2026: एनआईटी पटना के लिए जेईई मेन में कितने मार्क्स चाहिए? जानें पात्रता, फीस, कटऑफ, औसत पैकेज
- JEE Main 2026: एनआईटी इलाहाबाद में प्रवेश के लिए जेईई मेन में कितने अंक चाहिए? पात्रता, फीस और कटऑफ जानें
- JEE Main 2026: एनआईटी दिल्ली के लिए जेईई मेन में कितने मार्क्स चाहिए? जानें पात्रता, फीस, कटऑफ, औसत पैकेज