IIT Kanpur-C3iHub: आईआईटी कानपुर, C3iHub ने 6 महीने का साइबर कमांडो ट्रेनिंग प्रोग्राम किया शुरू
Saurabh Pandey | October 9, 2024 | 01:50 PM IST | 2 mins read
विभिन्न केंद्रीय और राज्य पुलिस बलों के कुल 38 अधिकारी इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में भाग लें रहे हैं । प्रतिभागियों को साइबर सुरक्षा के विविध पहलुओं में व्यापक, व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया जाएगा
नई दिल्ली : देश की साइबर सुरक्षा को बढ़ाने के लिए आईआईटी कानपुर के C3iHub ने साइबर कमांडो प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू किया है, जो छह महीने का एक विशेष आवासीय पाठ्यक्रम है, जो प्रतिभागियों को साइबर सुरक्षा में अत्याधुनिक स्किल सिखाने के लिए डिजाइन किया गया है। यह पहल केंद्रीय गृह मंत्रालय और गृह मंत्रालय (एमएचए) के तहत भारतीय साइबर अपराध समन्वय केंद्र (I4C) के बीच सहयोग के तहत है।
इस समारोह में कई अतिथियों की मौजूदगी रही, जिनमें I4C, गृह मंत्रालय के सीईओ राजेश कुमार, I4C गृह मंत्रालय के उप निदेशक मयंक घिल्डियाल, C3iHub आईआईटी कानपुर की अंतरिम सीईओ और सीओओ डॉ. तनिमा हाजरा, सीएफओ ए.के. मिश्रा और C3iHub के सीएसओ रोहित नेगी शामिल थे।
साइबर कमांडो प्रशिक्षण कार्यक्रम का लक्ष्य
साइबर कमांडो प्रशिक्षण कार्यक्रम" के तहत, देश के साइबर सुरक्षा परिदृश्य में बढ़ते खतरों से निपटने के लिए राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों (यूटी) और केंद्रीय पुलिस संगठनों (सीपीओ) के भीतर प्रशिक्षित साइबर कमांडो की एक विशेष इकाई स्थापित की जाएगी। ये प्रशिक्षित साइबर कमांडो डिजिटल स्पेस की सुरक्षा में राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों और केंद्रीय एजेंसियों की सहायता करेंगे।
साइबर कमांडो ट्रेनिंग प्रोग्राम लॉन्चिंग के दौरान, आईआईटी कानपुर के कार्यवाहक निदेशक प्रो. अमलेंदु चंद्रा ने देश की साइबर सुरक्षा को मजबूत करने में इस पहल के महत्व पर प्रकाश डाला और कहा कि साइबर कमांडो प्रशिक्षण कार्यक्रम भारत के अपने डिजिटल बुनियादी ढांचे की सुरक्षा के प्रयासों में एक महत्वपूर्ण कदम है।
C3iHub, I4C और केंद्रीय गृह मंत्रालय के बीच यह सहयोग देश के सामने आने वाले साइबर खतरों की बढ़ती जटिलता का जवाब देने में सक्षम, एक उच्च कुशल कार्यबल विकसित करने की हमारी साझा प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
आईआईटी कानपुर में C3iHub के प्रोग्राम डायरेक्टर प्रो. संदीप के. शुक्ला ने कार्यक्रम की मेजबानी की। उन्होंने कहा कि यह प्रशिक्षण कार्यक्रम केवल ज्ञान प्रदान करने के बारे में नहीं है, बल्कि यह भारत के लिए एक सक्रिय साइबर सुरक्षा ढांचा बनाने के बारे में है।
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विभिन्न केंद्रीय और राज्य पुलिस बलों के कुल 38 अधिकारी इस गहन प्रशिक्षण कार्यक्रम में भाग लें रहे हैं । प्रतिभागियों को साइबर सुरक्षा के विविध पहलुओं में व्यापक, व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया जाएगा, जिससे उन्हें जटिल साइबर खतरों से निपटने, सुरक्षा घटनाओं का प्रबंधन करने और कई क्षेत्रों में मजबूत रक्षा तंत्र को लागू करने में मदद मिलेगी।
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