UGC: यूजीसी ने एक और भारतीय भाषा सीखें पहल पर उच्च शिक्षा संस्थानों के लिए जारी की गाइडलाइंस
Saurabh Pandey | December 4, 2025 | 12:37 PM IST | 3 mins read
इस पहल का उद्देश्य छात्रों और संकाय सदस्यों को एक अतिरिक्त भारतीय भाषा सीखने के लिए प्रोत्साहित करना है। विशेष रूप से किसी अन्य राज्य या क्षेत्र से, ताकि अंतर-सांस्कृतिक समझ को मजबूत किया जा सके, रोजगार क्षमता को बढ़ाया जा सके।
नई दिल्ली : भारतीय भाषा समिति (बीबीएस) ने सभी उच्च शिक्षा संस्थानों (HEIs) में "एक और भारतीय भाषा सीखें" पहल को बढ़ावा देने की सिफारिश की है। इस पहल का उद्देश्य छात्रों और संकाय सदस्यों को एक अतिरिक्त भारतीय भाषा सीखने के लिए प्रोत्साहित करना है। विशेष रूप से किसी अन्य राज्य या क्षेत्र से, ताकि अंतर-सांस्कृतिक समझ को मजबूत किया जा सके, रोजगार क्षमता को बढ़ाया जा सके और विकसित भारत@2047 के विजन में योगदान दिया जा सके।
राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 बहुभाषावाद पर जोर देती है और भारतीय भाषाओं को ओवरऑल शिक्षा और राष्ट्रीय एकता दोनों के लिए एक बेहतरीन साधन के रूप में प्रस्तुत करती है। 'विकसित भारत@2047' की राष्ट्रीय आकांक्षा को प्राप्त करने के लिए कई भारतीय भाषाओं की समझ रखने वाले कुशल और जानकार युवाओं की आवश्यकता है।
उच्च शिक्षा संस्थान छात्रो को प्रोत्साहित करें
भविष्य में, कई भारतीय भाषाओं, विशेष रूप से अन्य राज्यों में बोली जाने वाली भाषाओं का ज्ञान, छात्रों को भारत में कहीं भी भविष्य के रोजगार परिदृश्य में मदद करेगा। इसलिए यह जरूरी है कि उच्च शिक्षा संस्थान विभिन्न भारतीय भाषाओं पर क्रेडिट कोर्स के रूप में पाठ्यक्रम प्रदान करें और छात्रों को अधिक भारतीय भाषाएं सीखने के लिए प्रोत्साहित करें।
विशेष रूप से, व्यावसायिक पाठ्यक्रम प्रदान करने वाले उच्च शिक्षा संस्थानों को छात्रों को बहुभाषी बनाना होगा ताकि वे भविष्य के भारत की आवश्यकताओं को पूरा कर सकें। एक और भारतीय भाषा सीखना पूरी तरह से एक नई भाषा सीखने जैसा नहीं है, क्योंकि सभी भारतीय भाषाओं की शब्दावली, वाक्य संरचना, ध्वनि प्रणाली, अक्षर और अंतर्निहित व्याकरण में बहुत समानताएं होती हैं। इसलिए, उच्च शिक्षा संस्थानों के छात्रों, शिक्षकों और कर्मचारियों के लिए एक अतिरिक्त भारतीय भाषा सीखना आसान होगा।
उच्च शिक्षा संस्थानों के लिए गाइडलाइंस
यह पहल राष्ट्रीय शिक्षा नीति में परिकल्पित बहुभाषावाद को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण योगदान देगी। उच्च शिक्षा संस्थानों के लिए अपने छात्रों, शिक्षकों, कर्मचारियों और स्थानीय समुदाय के बीच 'एक और भारतीय भाषा सीखें' पहल को बढ़ावा देने के लिए निम्नलिखित दिशानिर्देश तैयार किए गए हैं।
- उच्च शिक्षा संस्थानों के सभी छात्रों को अपनी मातृभाषा/स्थानीय भाषा/जो उन्होंने पहले सीखा है, उसके अलावा कम से कम एक और भारतीय भाषा सीखने के लिए प्रेरित किया जाएगा।
- सभी उच्च शिक्षा संस्थान यानी यूजीसी से मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय (केंद्रीय/राज्य/निजी/डीम्ड), संबद्ध कॉलेज, आईएनआई (शिक्षा मंत्रालय द्वारा विनियमित), तकनीकी शिक्षा संस्थान (एआईसीटीई द्वारा विनियमित) कम से कम तीन भारतीय भाषाओं के लिए एईसी/क्रेडिट/ऑडिट पाठ्यक्रम प्रदान करेंगे- एक स्थानीय भाषा होगी और अन्य दो 22 अनुसूचित भाषाओं में से कोई अन्य भारतीय भाषाएं हो सकती हैं।
- उच्च शिक्षा संस्थानों में क्षमता संवर्धन पाठ्यक्रम (एईसी), क्रेडिट पाठ्यक्रम, ऑडिट पाठ्यक्रम और संस्थान द्वारा तय किए गए किसी अन्य पाठ्यक्रम के रूप में कई भारतीय भाषाओं को पढ़ाने का प्रावधान उपलब्ध होगा।
Also read DRDO Paid Internship: डीआरडीओ में इंटर्नशिप का मौका, पात्रता मानदंड, चयन प्रक्रिया जानें
कोर्स के लिए टारगेट ऑडियंश
- उच्च शिक्षा संस्थानों के सभी छात्र (स्नातक, स्नातकोत्तर और डॉक्टरेट) इस पहल के लिए मुख्य टारगेट पॉपुलेशन हैं, चाहे उनके विषय/प्रकृति और कार्यक्रमों का स्तर कुछ भी हो।
- भाषा पाठ्यक्रम उच्च शिक्षा संस्थानों के सभी शिक्षकों और अन्य कर्मचारियों के लिए भी खोले जाएंगे।
- स्थानीय समुदाय के इच्छुक व्यक्ति भी भाषा पाठ्यक्रमों में दाखिला ले सकते हैं।
- छात्रों को भाषा पाठ्यक्रमों में शामिल होने के लिए अपने दोस्तों, माता-पिता/अभिभावकों और रिश्तेदारों को भी आमंत्रित करने के लिए प्रोत्साहित किया जा सकता है।
- यदि भाषा पाठ्यक्रम ऑनलाइन मोड में पेश किए जाएंगे, तो इन्हें दुनिया भर में कहीं से भी शामिल होने के लिए किसी के लिए भी खोला जा सकता है।
अगली खबर
]Bihar News: बिहार सरकार का 5 साल में 1 करोड़ नौकरियां देने का लक्ष्य, 27 मेडिकल कॉलेजों का निर्माण कार्य जारी
राज्यपाल ने कहा, “मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना के तहत 1.56 करोड़ महिलाओं के खातों में 10-10 हजार रुपये की राशि भेजी जा चुकी है। जल्द ही यह लाभ उन तक भी पहुंचाया जाएगा जिन्हें अभी तक राशि नहीं मिली है।”
Press Trust of India | 3 mins readविशेष समाचार
]- Rajasthan Budget 2026: एनटीए की तर्ज पर बनेगी स्टेट टेस्टिंग एजेंसी, भर्तियों का तोहफा; बजट में प्रमुख घोषणाएं
- Pariksha Pe Charcha 2026: स्वयं को तकनीक का गुलाम न बनाएं, क्षमता बढ़ाने में करें उपयोग- छात्रों से पीएम मोदी
- Budget 2026: 15,000 स्कूलों में कंटेंट क्रिएटर लैब, हर जिले में गर्ल्स हॉस्टल, बजट पर लोगों के रिएक्शन जानें
- UGC Act 2026: यूजीसी के नए रेगुलेशन के विरोध में बरेली के सिटी मजिस्ट्रेट का इस्तीफा, नियमों को बताया दमनकारी
- Coaching Reforms: कक्षा 11 के स्तर पर प्रवेश परीक्षाएं कराने की संभावना तलाश रहा केंद्र, अधिकारी ने दी जानकारी
- MP School News: मध्य प्रदेश में 200 सांदीपनि विद्यालयों के लिए 3,660 करोड़ रुपये स्वीकृत, मंत्री ने की घोषणा
- VBSA Bill: लोकसभा ने 'विकसित भारत शिक्षा अधिष्ठान विधेयक' को संयुक्त समिति को भेजने की दी मंजूरी, जानें महत्व
- Govt in Lok Sabha: केवीएस में 10,173 पद रिक्त; 2014 से भर्ती और कॉन्ट्रैक्ट टीचरों का साल-वार विवरण जारी
- एसएमवीडीआईएमई में हिंदुओं के लिए आरक्षण और मुस्लिम छात्रों को स्थानांतरण करने की मांग को लेकर प्रदर्शन
- IIM Indore Admission Guidelines 2026-28: आईआईएम इंदौर ने पीजीपी एडमिशन गाइडलाइंस जारी की, पात्रता मानदंड जानें