UP News: यूपी के सभी विश्वविद्यालयों-कॉलेजों की मान्यता और प्रवेश प्रक्रिया की होगी जांच, सीएम ने दिया आदेश
Press Trust of India | September 8, 2025 | 05:37 PM IST | 2 mins read
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि यह कार्रवाई सिर्फ औपचारिकता नहीं, बल्कि छात्रों के भविष्य और शिक्षा की गुणवत्ता से जुड़ा संवेदनशील मुद्दा है।
लखनऊ: उत्तर प्रदेश में उच्च शिक्षा के क्षेत्र में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश के सभी विश्वविद्यालयों, महाविद्यालयों और शैक्षणिक संस्थानों में संचालित पाठ्यक्रमों की मान्यता और प्रवेश प्रक्रिया की गहन जांच के आदेश दिए हैं। योगी के आदेश के बाद अब प्रत्येक मंडलायुक्त अपने-अपने मंडल के तहत आने वाले सभी जनपदों में विशेष जांच टीम गठित करेंगे।
इन टीमों में एक वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी, एक पुलिस विभाग का अधिकारी और एक शिक्षा विभाग का अधिकारी अनिवार्य रूप से शामिल होगा। यह टीम जमीनी स्तर पर जांच कर संस्थानों की मान्यता और प्रवेश प्रक्रिया की वास्तविकता को सामने लाएगी।
एक बयान के मुताबिक, जांच के दौरान प्रत्येक शैक्षणिक संस्था से शपथ पत्र लिया जाएगा। इसमें यह स्पष्ट करना होगा कि संस्थान केवल उन्हीं पाठ्यक्रमों का संचालन कर रहा है, जिन्हें नियामक निकाय, विश्वविद्यालय अथवा बोर्ड से मान्यता प्राप्त है। इसके साथ ही, शैक्षणिक संस्थानों में संचालित सभी पाठ्यक्रमों की सूची और उनके मान्यता-पत्र प्रस्तुत करना अनिवार्य होगा।
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया है कि किसी भी छात्र का दाखिला बिना मान्यता प्राप्त पाठ्यक्रम में नहीं होना चाहिए। अगर जांच में किसी संस्थान में अवैध प्रवेश या बिना मान्यता के पाठ्यक्रम संचालित पाए जाते हैं तो उनके खिलाफ कठोर दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। इतना ही नहीं, ऐसे संस्थानों को छात्रों से लिया गया संपूर्ण शुल्क ब्याज सहित वापस करना होगा।
सरकार ने स्पष्ट कर दिया है कि छात्रों का भविष्य किसी भी हाल में दांव पर नहीं लगाया जाएगा। जांच प्रक्रिया तत्काल शुरू करने के आदेश दिए गए हैं। प्रत्येक जनपद स्तर पर जांच पूरी कर 15 दिनों के भीतर शासन को समेकित रिपोर्ट भेजना अनिवार्य होगा।
मुख्यमंत्री ने कहा है कि यह कार्रवाई सिर्फ औपचारिकता नहीं, बल्कि छात्रों के भविष्य और शिक्षा की गुणवत्ता से जुड़ा संवेदनशील मुद्दा है। जांच की पूरी प्रक्रिया पर मंडलायुक्त प्रत्यक्ष निगरानी रखेंगे। योगी ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि किसी भी स्तर पर लापरवाही या ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
उत्तर प्रदेश सरकार का यह कदम अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (अभाविप) के एक प्रतिनिधिमंडल द्वारा लखनऊ में रविवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात के एक दिन बाद आया है।
इससे कुछ दिन पहले बाराबंकी के एक निजी विश्वविद्यालय में विधि पाठ्यक्रम में कथित अनियमितताओं को लेकर अभाविप के सदस्यों की राज्य पुलिस के साथ झड़प हुई थी। बैठक के बाद, अभाविप की ओर से जारी एक प्रेस विज्ञप्ति में कहा गया कि मुख्यमंत्री ने 'शैक्षणिक अराजकता से संबंधित सभी मुद्दों पर व्यापक चर्चा की और प्रतिनिधिमंडल को आश्वासन दिया कि उनकी मांगें पूरी की जाएंगी।
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