UP Board Result: यूपी बोर्ड 10वीं की छात्रा थ्योरी में पास, स्कूल ने सभी विषयों के प्रैक्टिकल में किया फेल
Saurabh Pandey | May 1, 2026 | 12:52 PM IST | 3 mins read
यह मामला केवल एक छात्रा के फेल होने का नहीं है, बल्कि यह उस पूरी प्रक्रिया पर सवाल उठाता है जिसके तहत स्कूल छात्रों का आंतरिक मूल्यांकन (Internal Assessment) करते हैं।
नई दिल्ली : उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद (यूपीएमएसपी) ने यूपी बोर्ड 10वीं और 12वीं का रिजल्ट जारी कर दिया है। नतीजों ने जहां लाखों चेहरों पर मुस्कान बिखेरी है, वहीं अयोध्या से एक ऐसी खबर आई है, जिसने शिक्षा व्यवस्था और स्कूल प्रशासन की संवेदनशीलता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। आजाद इंटर कॉलेज की एक छात्रा नंदिनी मिश्रा, जिसने अपनी मेहनत से थ्योरी की लिखित परीक्षा तो शानदार अंकों से पास कर ली, लेकिन स्कूल की कथित लापरवाही ने उसे फेल की श्रेणी में खड़ा कर दिया। थ्योरी में पास होने के बावजूद, स्कूल ने प्रैक्टिकल में उसे नाम मात्र के नंबर देकर उसका भविष्य दांव पर लगा दिया है।
अयोध्या के कुचेरा स्थित आजाद इंटर कॉलेज की इस छात्रा के साथ विद्यालय प्रशासन ने जो 'खेल' किया है, उसने न केवल उसकी साल भर की मेहनत पर पानी फेर दिया, बल्कि बोर्ड के दावों की भी पोल खोल दी है। स्कूल की एक चूक या साजिश ने एक होनहार छात्रा को आज प्रार्थना पत्र लेकर न्याय की गुहार लगाने पर मजबूर कर दिया है।
यह मामला केवल एक छात्रा के फेल होने का नहीं है, बल्कि यह उस पूरी प्रक्रिया पर सवाल उठाता है जिसके तहत स्कूल छात्रों का आंतरिक मूल्यांकन (Internal Assessment) करते हैं। यदि समय रहते मार्कशीट में सुधार नहीं किया गया, तो छात्रा का एक पूरा साल बर्बाद हो जाएगा और उसका मानसिक मनोबल भी टूट जाएगा। अब हर किसी की नजर शिक्षा विभाग की कार्रवाई पर टिकी है कि क्या इस बेटी को न्याय मिल पाएगा?
इस मामले के सोशल मीडिया में आने के बाद करिअर्स360 की टीम ने नंदिनी के घरवालों से संपर्क स्थापित करने की कोशिक की, लेकिन उनसे बात नहीं हो पाई है।
प्रैक्टिकल में पासिंग मार्क्स भी मिलता तो पास होती नंदिनी
अगर प्रैक्टिकल में पासिंग मार्क्स भी दिए गए होते तो कुल 294 अंक (थ्योरी 234+ प्रैक्टिकल 60) होते यानी 49% अंकों के साथ नंदिनी पास होती और पूरे अंक प्रैक्टिकल के पूरे 180 अंक मिलने पर कुल 414 अंक (थ्योरी 234+ प्रैक्टिकल 180) मिलते यानी 69% रिजल्ट आया होता। लेकिन सभी विषयों के प्रैक्टिकल में फेल कर दिए जाने की वजह से यूपी बोर्ड की एक छात्रा का कॅरियर बेटी पढ़ाओ बेटी बचाओ का नारा बुलंद करने वाली सरकार के राज में अंधकारमय होने की कगार पर है।
छात्रा द्वारा दिया गया प्रार्थना पत्र-
मैं नंदिनी मिश्रा पुत्री श्री हरिराम मिश्रा अनुक्रमांक 1167585 कक्षा 10 की आजाद इंटर कॉलेज पलिया, जगमोहन सिंह कुचेरा, जनपद अयोध्या विद्यालय कोड 1174 जनपद कोड 62 कि सत्र 2026 की नियमित छात्रा थी। इस विद्यालय में शासकीय सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालय भी संचालित होता है, जिसके प्रधानाचार्य श्री देव कुमार यादव उर्फ बिल्लू जी हैं जो अपत्यक्ष रूप से इंटर कॉलेज के प्रबंधक भी हैं। इनका व्यवहार मेरे प्रति कुछ गलत नजरिए से था, जिसका मैंने विरोध किया और घर पर शिकायत की। अभिभावक के शिकायत करने पर इन्होंने गंदी गालियां दी और मुझे कहा कि मेरी कलम में इतनी ताकत है कि हम तुम्हें किसी विद्यालय में पढ़ने लायक नहीं छोडेंगे और ना ही तुम्हें कक्षा 10 पास होने देंगे, इसकी रिकॉर्डिंग भी मेरे पास उपलब्ध है।
23 अप्रैल 2026 को जब परीक्षा परिणाम घोषित हुआ तो मैंने देखा कि मैं लिखित परीक्षा में सभी विषयों में उत्तीर्ण हो गई किंतु विद्यालय द्वारा प्रत्येक विषय से 30 अंक वाला प्रैक्टिकल का नंबर जो मिलता है उसमें मुझे अधिकतम चार नंबर तक दिया गया है। जिसके कारण मैं बोर्ड परीक्षा में फेल हो गई हूं। इनसे पूछने पर इन्होंने कहा कि मुझे जो करना था कर दिया, तुम्हें जो करना है कर लो। इस प्रकार इन्होने मुझे शारीरिक और मानसिक प्रताड़ना दी तथा मेरा 1 वर्ष खराब कर दिया। तथा टी सी में चरित्र प्रमाण पत्र खराब करने को भी कहा है अतः श्री मान जी से निवेदन है कि मुझे न्याय प्रदान किया जाए।
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