UP Madarsa Closed: उत्तर प्रदेश के श्रावस्ती में अवैध और बिना मान्यता के संचालित 7 और मदरसे किए गए बंद
Press Trust of India | April 28, 2025 | 09:54 AM IST | 2 mins read
जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी देवेंद्र राम ने बताया कि श्रावस्ती में कुल 297 मदरसे हैं, जिनमें 192 गैर मान्यता प्राप्त हैं।
नई दिल्ली: उत्तर प्रदेश (UP) के श्रावस्ती जिले में अवैध रूप से संचालित किए जा रहे मदरसों के विरूद्ध की जा रही कार्रवाई के तहत रविवार (27 अप्रैल, 2025) को 7 और मदरसों को बंद करा दिया गया। जिले में पिछले दो दिनों के भीतर कथित तौर पर अवैध रूप से संचालित किए जा रहे कुल 17 मदरसों को बंद कराया गया है।
इन दो दिनों में भारत-नेपाल सीमा के 15 किलोमीटर दायरे में विशेष अभियान चलाकर सरकारी भूमि पर बने 119 अवैध कब्जों को भी खत्म कराया गया है। जिलाधिकारी कार्यालय से रविवार शाम को जारी विज्ञप्ति के अनुसार भिनगा तहसील के तीन और जमुनहा तहसील के चार मदरसों को मान्यता के संबंध में कोई वैध कागजात प्रस्तुत नहीं करने के कारण बंद कराया गया है।
बयान में कहा गया कि शासन के निर्देशानुसार जिलाधिकारी अजय कुमार द्विवेदी के आदेश पर जिले में अवैध एवं बिना मान्यता के संचालित मदरसों के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है। इससे पहले शनिवार को नेपाल सीमा क्षेत्र के 15 किलोमीटर के दायरे में स्थित 10 मदरसों को बंद कराने की कार्रवाई की गई थी।
जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी देवेंद्र राम ने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया कि ‘‘श्रावस्ती में कुल 297 मदरसे हैं, जिनमें 192 गैर मान्यता प्राप्त हैं। शनिवार को नेपाल सीमा की 15 किलोमीटर परिधि में भारतीय क्षेत्र में 10 मदरसों को बंद कराया गया। इनमें कई तरह की अनियमितताएं पाई गई हैं।’’
उन्होंने कहा, ‘‘इनमें से अधिकांश मदरसे चोरी छिपे संचालित किए जा रहे थे, कुछ अवैध तौर पर किराए के मकानों या घरों में और कुछ अर्धनिर्मित भवनों में संचालित किए जा रहे थे।’’ बयान के अनुसार, जिलाधिकारी अजय कुमार द्विवेदी के निर्देश पर अवैध और गैर मान्यता प्राप्त मदरसों के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है।
बयान में कहा गया है कि भारत-नेपाल सीमा के 15 किलोमीटर के दायरे में आने वाली सरकारी जमीन को अवैध पक्के मकानों आदि से मुक्त कराने के लिए राजस्व अधिनियम की धारा 67 के तहत कार्रवाई की गई है। अवैध मदरसों के खिलाफ प्रदेश सरकार द्वारा शुरू की गई कार्रवाई में श्रावस्ती जिले में कुल मदरसों में आधे से अधिक गैर-मान्यता प्राप्त हैं।
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