UP News: केंद्रीय राज्य मंत्री जयंत चौधरी ने की बेसिक शिक्षा विभाग की समीक्षा, पीएमश्री योजना की ली जानकारी
Press Trust of India | August 28, 2024 | 02:23 PM IST | 2 mins read
जयंत चौधरी ने विभागीय समीक्षा के दौरान सभी स्कूलों में आईसीटी लैब स्थापित करने के महत्व पर भी जोर दिया है।
नई दिल्ली: केन्द्र सरकार के कौशल विकास और उद्यमिता तथा शिक्षा राज्यमंत्री जयंत चौधरी ने मंगलवार (27 अगस्त) को उत्तर प्रदेश में बेसिक शिक्षा विभाग के अधिकारियों के साथ बैठक कर विभागीय समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने पीएमश्री और पीएम पोषण स्कीम के बारे में जानकारी ली।
जयंत ने ‘एक्स’ (पूर्व में ट्विटर) पर कहा, “हमारा लक्ष्य भारत की स्कूली शिक्षा प्रणाली में स्थायी परिवर्तन लाने के लिए सभी राज्य सरकारों के साथ मिलकर काम करके प्रत्येक छात्र के लिए इन परिवर्तनकारी पहलुओं के प्रभाव को बढ़ाना है।”
केंद्रीय राज्य मंत्री जयंत चौधरी ने बेसिक शिक्षा विभाग की समीक्षा बैठक के दौरान उत्तर प्रदेश की योगी सरकार के प्रयासों की सराहना भी की। राज्य सरकार द्वारा जारी एक बयान के मुताबिक केंद्रीय राज्य मंत्री ने विभागीय अधिकारियों को प्रीतिभोज जैसे कार्यक्रमों को संचालित कर सरकार के प्रयास को अत्यधिक प्रभावी बनाने का सुझाव भी दिया।
केन्द्र सरकार के अपर सचिव विपिन कुमार ने विद्या समीक्षा केंद्र (वीएसके) का दौरा कर उसकी कार्यप्रणाली को जाना। उन्होंने विद्या समीक्षा केंद्र के कामकाज के तरीके की सराहना की है। लखनऊ स्थित वीएसके देश का दूसरा केंद्र है। इसके पहले, अहमदाबाद (गुजरात) में वीएसके केंद्र स्थापित हुआ है।
कौशल विकास एवं उद्यमिता तथा शिक्षा राज्यमंत्री जयंत चौधरी ने पीएमश्री और पीएम पोषण स्कीम, इन हाउस किचन इत्यादि के बारे में अधिकारियों से जानकारी ली। राज्य में प्रथम दो चरणों में क्रमशः 925 तथा 782 विद्यालय पीएमश्री विद्यालय के रूप में चयनित किए गए हैं।
जयंत चौधरी ने विभागीय समीक्षा के दौरान विद्यालयों में प्रीतिभोज जैसे कार्यक्रमों का आयोजन कर सरकार के प्रयासों को अत्यधिक प्रभावी बनाने की सलाह दी। उन्होंने दीक्षा, पीएम ई-विद्या कार्यक्रमों के लिए होने वाले प्रयासों के बारे में भी जाना।
पीएम पोषण, समग्र शिक्षा और पीएम श्री योजनाओं की सार्थक समीक्षा की अध्यक्षता की। प्रगति का आकलन करने और भविष्य की कार्यनीति बनाने के लिए केंद्रीय और राज्य शिक्षा मंत्रालय के अधिकारियों के साथ चर्चा की।
इस दौरान चौधरी ने अधिकारियों को माध्यमिक विद्यालय के बच्चों को औद्योगिक अनुभव प्रदान करने की सलाह दी है। उन्होंने कहा कि इसके लिए आईटीआई और पॉलिटेक्निक से समझौता किया जा सकता है। उन्होंने सभी स्कूलों में आईसीटी लैब स्थापित करने के महत्व पर भी जोर दिया।
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