बिहार में बालिका शिक्षा को बढ़ावा देने वाले आंदोलन पर बने डॉक्यूमेंट्री को संयुक्त राष्ट्र का पुरस्कार

Press Trust of India | October 31, 2026 | 12:34 PM IST | 1 min read

इस आंदोलन की अगुवाई इन्फोसिस के सह-संस्थापक और पूर्व मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) एस डी शिबूलाल कर रहे हैं।

यह पुरस्कार रोम में 'हीरोज ऑफ टुमॉरो : संयुक्त राष्ट्र एसडीजी कार्रवाई पुरस्कार' समारोह में प्रदान किया गया। (प्रतीकात्मक-पिक्सल)

बेंगलुरु: बिहार में बालिका शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए महिलाओं के नेतृत्व में चलाए जा रहे जमीनी आंदोलन पर आधारित वृत्तचित्र 'मदर्स ऑफ करेज' ने रचनात्मकता श्रेणी में वर्ष 2026 का 'संयुक्त राष्ट्र सतत विकास लक्ष्य (एसडीजी) कार्रवाई पुरस्कार' जीता है।

यह पुरस्कार रोम में 'हीरोज ऑफ टुमॉरो : संयुक्त राष्ट्र एसडीजी कार्रवाई पुरस्कार' समारोह में प्रदान किया गया। 'शिक्षाग्रह' ने बयान में बताया कि इस वृत्तचित्र का चयन 190 देशों और क्षेत्रों से आए 7,000 से अधिक आवेदनों में से किया गया।

यह वृत्तचित्र सार्वजनिक शिक्षा को मजबूत करने के लिए चलाए जा रहे जन-आंदोलन 'शिक्षाग्रह' का हिस्सा है। इस आंदोलन की अगुवाई इन्फोसिस के सह-संस्थापक और पूर्व मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) एस डी शिबूलाल कर रहे हैं।

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इसे बेंगलुरु स्थित गैर-लाभकारी संस्थाओं 'शिक्षालोकम' और 'मंत्रा4चेंज' का समर्थन प्राप्त है। यह वृत्तचित्र उन महिलाओं की कहानी दिखाता है, जो लड़कियों की शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए सामाजिक रूढ़ियों को चुनौती दे रही हैं।

इसमें ऐसी माताओं और सास के प्रयासों को दर्शाया गया है, जो अपनी बेटियों और बहुओं को पढ़ाई जारी रखने या दोबारा शुरू करने में मदद कर रही हैं।

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