ODL and Online Programs: यूजीसी ने ओडीएल और ऑनलाइन कार्यक्रमों में प्रवेश के लिए नई नामांकन प्रक्रिया की शुरू
Abhay Pratap Singh | August 14, 2024 | 03:32 PM IST | 2 mins read
यूजीसी-डीईबी वेब पोर्टल पर एक बार जनरेट किया गया डीईबी-आईडी आजीवन ओडीएल/ऑनलाइन कार्यक्रमों में प्रवेश के लिए वैध रहेगा।
नई दिल्ली: विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) ने इस शैक्षणिक वर्ष में मुक्त एवं दूरस्थ शिक्षा (Open and Distance Learning/ ODL) और ऑनलाइन कार्यक्रमों (Online Programs) में प्रवेश देने के लिए एक नई नामांकन प्रक्रिया शुरू की है। यूजीसी के अध्यक्ष ममीडाला जगदीश कुमार ने इसकी जानकारी दी है।
यूजीसी अध्यक्ष एम. जगदीश कुमार ने कहा, “नई योजना के तहत ओडीएल और ऑनलाइन कार्यक्रमों में दाखिला लेने वाले छात्रों को पहले यूजीसी के दूरस्थ शिक्षा ब्यूरो (UGC-DEB) वेब पोर्टल deb.ugc.ac.in और deb.ugc.ac.in/StudentDebId पर अपने एकेडमिक बैंक ऑफ क्रेडिट (ABC) आईडी के साथ पंजीकरण करना होगा और एक यूनिक डीईबी-आईडी बनाना होगा।”
जगदीश कुमार ने कहा, “विदेशी शिक्षार्थियों को छोड़कर, मान्यता प्राप्त ओडीएल/ऑनलाइन कार्यक्रमों में प्रवेश लेने वाले सभी छात्रों के लिए डीईबी-आईडी अनिवार्य होगी और यह जीवन भर के लिए वैध रहेगी। उच्च शिक्षा संस्थानों (HEI) से इस नई प्रवेश प्रक्रिया को लागू करने और नए शिक्षार्थियों को इसे बढ़ावा देने के लिए प्रोत्साहित करने का आग्रह किया, ताकि इसे सफलतापूर्वक अपनाया और संचालित किया जा सके।”
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उन्होंने कहा कि यह बदलाव सितंबर 2024 से लागू होगा। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि छात्र केवल ओडीएल और ऑनलाइन कार्यक्रम प्रदान करने वाले अनुमोदित उच्च शिक्षण संस्थानों (एचईआई) में ही दाखिला लें। आगे कहा कि इस नई प्रक्रिया का उद्देश्य प्रवेश प्रक्रिया में पारदर्शिता बढ़ाना है।
यूजीसी चेयरमैन ने इस बात पर भी जोर दिया कि यूजीसी (ओडीएल कार्यक्रम और ऑनलाइन कार्यक्रम) विनियम, 2020 ऐसे कार्यक्रमों के लिए न्यूनतम मानक निर्धारित करता है। मान्यता प्राप्त संस्थानों की सूची यूजीसी दूरस्थ शिक्षा ब्यूरो की वेबसाइट पर उपलब्ध है। बता दें, प्रवेश में यह प्रक्रिया हाल ही में गैर-मान्यता प्राप्त संस्थानों द्वारा छात्रों को प्रवेश देने से संबंधित समस्याओं के बाद आई है।
एक आधिकारिक बयान में कहा गया, “हाल ही में आयोग के संज्ञान में आया कि कुछ उच्च शिक्षा संस्थानों ने गैर-मान्यता प्राप्त ओडीएल/ऑनलाइन कार्यक्रमों में छात्रों को प्रवेश दिया है और इस तरह छात्रों का भविष्य दांव पर लगा दिया है। ऐसी घटनाओं को रोकने और ओडीएल व ऑनलाइन मोड में प्रवेश में पारदर्शिता बढ़ाने के लिए आयोग ने 25 जून 2024 को आयोजित अपनी 581वीं बैठक में ओडीएल और ऑनलाइन मोड में दाखिला लेने वाले छात्रों के लिए प्रवेश प्रक्रिया को मानकीकृत करने का निर्णय लिया है, ताकि उनके शैक्षणिक भविष्य और करियर की संभावनाओं की रक्षा की जा सके।”
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