TECHBOOK launch : भारतीय स्कूलों में छात्रों की पढ़ाई में टेकबुक से आएगा बदलाव

Mithilesh Kumar | September 10, 2024 | 04:30 PM IST | 2 mins read

टेकबुक में ऑनलाइन पुस्तक वाचन करने पर छात्रों को गलती पता चलेगी और संभावित वांछित सुधार के सुझाव मिलेंगे।

प्रेस कॉन्फ्रेंस में टेकबुक लॉन्च करते लीड ग्रुप के सह-संस्थापक सुमीत मेहता और स्मिता देवरा।

नई दिल्ली : भारत की स्कूल एडटेक कंपनी लीड ग्रुप ने मंगलवार को टेकबुक के लॉन्च की घोषणा की। टेकबुक पारंपरिक पाठ्यपुस्तक वाली शिक्षा को बदलने के लिए डिजाइन की गई एक इंटेलिजेंट पुस्तक है। टेकबुक स्कूली छात्रों के बीच सीखने की चुनौतियों का समाधान करने के लिए तीन अत्याधुनिक तकनीक वाली पाठ्यक्रम लेकर आई है। इसमें ऑगमेंटेड रियलिटी, व्यक्तिगत वाचन प्रवाह (पर्सनलाइज्ड रीडिंग फ्लूएंसी) और व्यक्तिगत अभ्यास (पर्सनलाइज्ड प्रैक्टिस) की सुविधा है।

लीड ग्रुप के सह-संस्थापक और सीईओ सुमीत मेहता ने कहा, "सदियों से कक्षाओं में अध्यापन के बुनियादी संसाधन पाठ्यपुस्तकों में कोई बदलाव नहीं आया है जबकि जबकि AI और AR/VR ने विभिन्न क्षेत्रों में सीखने की प्रक्रिया को कई तरीकों से व्यक्तिविशेष की जरूरत के मुताबिक मनोरंजक बनाने का काम किया है। टेकबुक प्रौद्योगिकी, शिक्षाशास्त्र और पाठ्यक्रम में वर्षों की रिसर्च का परिणाम है और यह छात्रों के सीखने के तरीके को हमेशा के लिए बदल देगा। 2028 तक हम उम्मीद करते हैं कि भारत के शीर्ष 5000 स्कूल टेकबुक में अपग्रेड हो जाएंगे, जिससे देश भर की कक्षाओं में इंटरैक्टिव शिक्षा का मॉडल बनेगा।"

टेकबुक पाठ्यपुस्तक की पारंपरिक विशेषताओं से अलग है। यह प्रत्येक छात्र को व्यक्तिगत निर्देश देता है। टेकबुक विज्ञान और गणित जैसे विषयों को ARI (संवर्धित वास्तविकता प्रशिक्षक) के साथ जीवंत बनाता है, जिससे छात्र 3D में विषयों पर बातचीत कर सकते हैं।

भाषा सीखने के लिए, टेकबुक का IRA (स्वतंत्र वाचन सहायक) व्यक्तिगत शिक्षक के रूप में कार्य करता है, जो छात्रों को किताबें पढ़कर सुनाता है। साथ ही छात्र के वाचन को सुनता है और उनके पढ़ने के प्रवाह और उच्चारण को ठीक करने से जुड़े सुझाव देता है।

PIE (व्यक्तिगत इंटरैक्टिव अभ्यास) के साथ, छात्रों को असीमित अभ्यास का अवसर मिलेगा। इसलिए छात्र अपनी गति से विषयों में को सीख सकेंगे, इससे सीखने की प्रक्रिया उनके लिए मज़ेदार हो बनेगी।

सुमित ने आगे कहा कि हम दुनिया को दिखाना चाहते हैं कि भारत स्कूलों में एआई और प्रौद्योगिकी को शामिल करने के मामले में भी ग्रणी है।”

लीड ग्रुप की सह-संस्थापक और सह-सीईओ स्मिता देवरा ने कहा कि, "पाठ्यपुस्तक के स्पर्शनीय अनुभव को प्रौद्योगिकी की शक्ति और गहन शोध वाली शैक्षिक सामग्री के साथ जोड़कर, हम यह सुनिश्चित कर रहे हैं कि प्रत्येक छात्र को उच्च-गुणवत्ता वाली व्यक्तिगत शिक्षा मिले।"

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