Trusted Source Image

CBSE Three Language Policy: न्यायालय ने त्रि-भाषा नीति लागू करने के खिलाफ याचिका पर अंतरिम आदेश से किया इनकार

Press Trust of India | June 18, 2026 | 06:10 PM IST | 2 mins read

सीबीएसई ने 1 जुलाई से कक्षा 9वीं के छात्रों के लिए 3 भाषाओं की पढ़ाई अनिवार्य कर दी है, जिनमें कम से कम दो भारतीय भाषाएं शामिल हैं।

उच्चतम न्यायालय ने कहा कि इस चरण में कोई अंतरिम आदेश पारित करने का आधार नहीं बनता। (प्रतीकात्मक-विकिमीडिया कॉमन्स)
उच्चतम न्यायालय ने कहा कि इस चरण में कोई अंतरिम आदेश पारित करने का आधार नहीं बनता। (प्रतीकात्मक-विकिमीडिया कॉमन्स)

नई दिल्ली: उच्चतम न्यायालय ने सीबीएसई की उस नीति को लेकर दायर याचिका पर कोई अंतरिम राहत देने से इनकार कर दिया, जिसमें 2026-27 सत्र से कक्षा 9वीं के छात्रों के लिए दो भारतीय भाषाओं समेत 3 भाषाओं का अध्ययन अनिवार्य किया गया है। अदालत ने कहा कि इस चरण में कोई अंतरिम आदेश पारित करने का आधार नहीं बनता।

प्रधान न्यायाधीश सूर्यकांत और न्यायमूर्ति वी मोहना की पीठ ने गैर सरकारी संगठन (एनजीओ) 'फ्रेंड्स ऑफ पीपल फॉर एक्टिव डेमोक्रेसी' की याचिका को इस मुद्दे पर पहले से लंबित ऐसी ही याचिकाओं के साथ जोड़ दिया।

पीठ ने याचिका को अन्य याचिकाओं के साथ जोड़ने का निर्देश देते हुए कहा ''हम आज एक पंक्ति का आदेश पारित नहीं कर सकते। इस मामले में लंबी बहस हुई है। अंतरिम राहत देने का कोई सवाल ही नहीं है।''

CBSE Three Language Policy: प्रधान न्यायाधीश ने क्या कहा?

संक्षिप्त सुनवाई के दौरान, एनजीओ की ओर से पेश हुए वकील ने कहा कि वे तीन-भाषा नीति को सीधे तौर पर चुनौती नहीं दे रहे हैं, बल्कि इसके केवल कार्यान्वयन वाले हिस्से को चुनौती दे रहे हैं।

इसके बाद प्रधान न्यायाधीश ने एनजीओ के नाम 'फ्रेंड्स ऑफ पीपल फॉर एक्टिव डेमोक्रेसी' पर सवाल उठाया और हल्के-फुल्के अंदाज में पूछा कि क्या इस तरह का नाम रखने का मकसद अदालत या लोगों के मन में डर पैदा करना था।

वकील ने जवाब देते हुए कहा, ''नहीं। यह एक ट्रस्ट का नाम है। यह 2013 में स्थापित एक पुराना ट्रस्ट है।'' उन्होने यह भी कहा कि सीबीएसई को 15 जून तक विस्तृत दिशानिर्देश जारी करने थे।

Also readCBSE 12th Result 2026: कक्षा 12 अंक सुधार परिणाम घोषित करने से जुड़ी याचिका पर एससी ने सीबीएसई को भेजा नोटिस

CBSE Three Language Policy: मामले की अगली सुनवाई 14 जुलाई को

पीठ ने इस मामले को 14 जुलाई को सुनवाई के लिए सूचीबद्ध किया। कोर्ट ने 27 मई को सीबीएसई की उस नीति को चुनौती देने वाली याचिका पर विचार करने के संबंध में सहमति जताई, जिसमें तीन भाषाएं पढ़ना अनिवार्य किया गया था।

अदालत ने केंद्र, केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) और राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद (एनसीईआरटी) को नोटिस जारी कर दो हफ़्ते के अंदर विस्तृत जवाब मांगा।

सीबीएसई के परिपत्र के अनुसार, 1 जुलाई से कक्षा 9वीं के छात्रों के लिए 3 भाषाओं की पढ़ाई अनिवार्य कर दी गई है, जिनमें कम से कम दो भारतीय भाषाएं शामिल हैं। यह कदम एनईपी 2020 और एनसीएफ-एसई 2023 के अनुरूप है।

MakeCAREERS360
My Trusted Source
Trusted Source ImageAdd as a preferred source on google
[

विशेष समाचार

]

Download Our App

Start you preparation journey for JEE / NEET for free today with our APP

  • Students300M+Students
  • College36,000+Colleges
  • Exams550+Exams
  • Ebooks1500+Ebooks
  • Certification16000+Certifications