Saurabh Pandey | August 3, 2026 | 05:08 PM IST | 2 mins read
केंद्रीय गृह मंत्रालय (MHA) ने दिल्ली फायर सर्विस में 10,473 नए पद बनाने की मंज़ूरी दे दी है, जिससे सर्विस में लंबे समय से चली आ रही कमी को दूर करने का रास्ता साफ हो गया है।

नई दिल्ली : केंद्रीय गृह मंत्रालय ने दिल्ली फायर सर्विस (DFS) में 10,743 नए पदों पर भर्ती के एक बड़े प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। इसका मकसद विभाग में कर्मचारियों की कमी को दूर करना और आपातकालीन स्थिति में कार्रवाई करने की क्षमता को मजबूत करना है। अब इस प्रस्ताव को अंतिम प्रशासनिक और वित्तीय मंजूरी के लिए दिल्ली सरकार के पास भेजा गया है, और मंजूरी मिलने के बाद भर्ती प्रक्रिया आधिकारिक तौर पर शुरू हो जाएगी।
दिल्ली फायर सर्विस के चीफ फायर ऑफिसर एके मलिक ने लगभग पांच महीने पहले केंद्रीय गृह मंत्रालय को एक विस्तृत प्रस्ताव सौंपा था, जिसमें विभाग में कर्मचारियों की भारी कमी का जिक्र किया गया था। प्रस्ताव की समीक्षा के बाद, गृह मंत्रालय की एक उच्च-स्तरीय समिति ने 10,743 पदों पर भर्ती की योजना को मंजूरी दे दी।
मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो इस आदेश से विभाग में मंजूर पदों की संख्या 3,175 से बढ़कर 13,918 हो जाएगी। यह 2010 के बाद से दिल्ली फायर सर्विस (DFS) में कर्मचारियों की संख्या में की गई सबसे बड़ी बढ़ोतरी है।
दिल्ली सरकार की मंजूरी मिलने के बाद, भर्ती की फाइल दिल्ली सबऑर्डिनेट सर्विसेज सिलेक्शन बोर्ड (DSSSB) को भेजी जाएगी। बोर्ड भर्ती का आधिकारिक नोटिफिकेशन जारी करेगा और भर्ती से जुड़ी सभी प्रक्रियाएं पूरी करेगा, जिसमें लिखित परीक्षा भी शामिल होने की उम्मीद है।
दिल्ली फायर सर्विस भर्तीलके तहत चयनित अभ्यर्थियों को सीधे फायर स्टेशनों पर तैनात नहीं किया जाएगा। सभी सफल उम्मीदवारों को पहले दिल्ली फायर सर्विस की विशेष प्रोफेशनल ट्रेनिंग से गुजरना होगा। ट्रेनिंग पूरा होने के बाद ही उनकी विभिन्न फायर स्टेशनों पर नियुक्ति की जाएगी।
| पद का नाम | पदों की संख्या |
| स्टेशन ऑफिसर | 176 |
| सब ऑफिसर | 294 |
| लीडिंग फायरमैन | 776 |
| फायर ऑपरेटर | 3,823 |
| डिप्टी चीफ फायर ऑफिसर | 4 |
| डिविजनल ऑफिसर | 11 |
| असिस्टेंट डिविजनल ऑफिसर | 32 |
| इमरजेंसी रेस्क्यू | 3,546 |
| स्टाफ ट्रेनिंग सेंटर (STC) | 294 |
| प्रवर्तन, निरीक्षण एवं प्रशासनिक कार्य | 170 |
| सर्च एंड रेस्क्यू कंपनी | 44 |
| कम्यूनिकेशन, ऑटोमोबाइल वर्कशॉप, लीगल, आईटी, ऑपरेशन बैंड आदि | 420 |
| मल्टी-टास्किंग स्टाफ (MTS) | 1,153 |