शिवराज सिंह ने छात्रों को किया संबोधित; कृषि शिक्षा में सुधार के लिए आईसीएआर को रिक्त पदों को भरने का निर्देश
Press Trust of India | October 27, 2025 | 03:08 PM IST | 2 mins read
उन्होंने कहा कि अब समय आ गया है कि हम बेस्ट हॉर्टिकल्चर कॉलेज, बेस्ट एनिमल हसबेंडरी कॉलेज जैसी पहचान स्थापित करें; इसपर तुरंत काम करना चाहिए।
नई दिल्ली: केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (आईसीएआर) को रिक्त पदों को तत्काल भरने का सोमवार को निर्देश दिया। केंद्रीय कृषि मंत्री ने राष्ट्रीय कृषि छात्र सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि वह राज्य के मुख्यमंत्रियों को पत्र लिखेंगे और कृषि मंत्रियों के साथ इस मुद्दे पर चर्चा करेंगे। कृषि मंत्री ने कहा, ‘‘ कृषि छात्रों के भविष्य से किसी भी कीमत पर समझौता नहीं किया जाना चाहिए।’’
संसदीय समिति की 2025 की रिपोर्ट के अनुसार, आईसीएआर को अपने संस्थानों एवं विश्वविद्यालयों में स्वीकृत कर्मियों की भारी कमी का सामना करना पड़ रहा है। 31 मार्च 2025 तक 3,550 पद रिक्त थे। अधिकतर रिक्तियां वैज्ञानिक, तकनीकी और प्रशासनिक पदों पर हैं।
उन्होंने कहा कि हमारे कृषि विश्वविद्यालयों और कॉलेजों का कोर स्पेशलाइजेशन होना चाहिए। अब समय आ गया है कि हम बेस्ट हॉर्टिकल्चर कॉलेज, बेस्ट एनिमल हसबेंडरी कॉलेज जैसी पहचान स्थापित करें; इसपर हमें तुरंत काम करना चाहिए।
'विश्वविद्यालयों और कॉलेजों की ग्रेडिंग करें'
चौहान ने आईसीएआर को कृषि छात्रों का एक दल बनाने का भी निर्देश दिया ताकि कमियों को दूर करने के लिए रचनात्मक सुझाव हासिल किए जा सकें। उन्होंने कहा, "अब समय आ गया है कि हम कृषि विश्वविद्यालयों और कॉलेजों की ग्रेडिंग करें।"
उन्होंने कहा कि आईसीएआर को वैश्विक सर्वोत्तम प्रथाओं का अध्ययन करके उन्हें देश में लागू करना चाहिए। मंत्री ने कहा कि कृषि एवं गांवों का एक साथ विकास करने से ग्रामीण क्षेत्रों से पलायन को रोका जा सकता है।
कृषि मंत्री ने कृषि छात्रों से किया सीधा संवाद
शिवराज सिंह ने कहा, ‘‘कृषि के विकास के बिना विकसित और आत्मनिर्भर भारत का अस्तित्व नहीं हो सकता। छात्रों को व्यावहारिक ज्ञान प्राप्त करने और उनकी समस्याओं को समझने के लिए वर्ष में एक बार किसानों के खेतों का दौरा करना चाहिए।"
आईसीएआर के कृषि शिक्षा प्रभाग एवं भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान द्वारा आयोजित इस सम्मेलन में कृषि छात्रों ने अपने अनुभव साझा किए और मंत्री के साथ संवाद किया। कृषि राज्य मंत्री भागीरथ चौधरी ने कार्यक्रम में ऑनलाइन माध्यम से शिरकत की।
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