Press Trust of India | February 17, 2026 | 07:55 AM IST | 1 min read
ऑस्ट्रेलिया द्वारा 16 वर्ष से कम आयु के बच्चों के लिए सोशल मीडिया पर प्रतिबंध लगाने जैसे वैश्विक उदाहरणों का उल्लेख करते हुए रोहन खुंटे ने कहा कि भारत में भी इस विषय पर विचार-विमर्श की आवश्यकता है।

नई दिल्ली: गोवा के सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री रोहन खुंटे ने कहा कि राज्य सरकार 16 वर्ष से कम आयु के बच्चों के लिए सोशल मीडिया के उपयोग पर प्रतिबंध लगाने की संभावना पर विचार कर रही है। उन्होंने “डिजिटल लत, साइबर धौंस और ऑनलाइन सुरक्षा जोखिमों” को लेकर बढ़ती चिंताओं का हवाला दिया।
मंत्री ने बताया कि इस मुद्दे का अध्ययन करने और नीतिगत ढांचा सुझाने के लिए राज्य सरकार अकादमिक जगत, अभिभावक-शिक्षक संघों, उद्योग और सरकार के प्रतिनिधियों को शामिल करते हुए विशेष बल गठित करने की योजना बना रही है।
ऑस्ट्रेलिया द्वारा 16 वर्ष से कम आयु के बच्चों के लिए सोशल मीडिया पर प्रतिबंध लगाने जैसे वैश्विक उदाहरणों का उल्लेख करते हुए खुंटे ने कहा कि भारत में भी इस विषय पर विचार-विमर्श की आवश्यकता है।
उन्होंने कहा कि 16 वर्ष “बहुत छोटी आयु” है, जब बच्चों को पढ़ाई और समग्र विकास पर ध्यान देना चाहिए लेकिन डिजिटल लत और आपत्तिजनक सामग्री के संपर्क में आने के कारण चिंता और अवसाद जैसी समस्याओं तथा व्यक्तिगत डेटा के दुरुपयोग की बढ़ती घटनाओं ने चिंता बढ़ा दी है।
मंत्री रोहन खुंटे ने कहा कि राज्य की योजना इस विषय पर विशेष बल गठित करने की है।
उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य जल्दबाजी में फैसला लेना नहीं है, बल्कि यह सुनिश्चित करना है कि 16 वर्ष से कम आयु के बच्चों को सोशल मीडिया के जोखिमों से कैसे सुरक्षित रखा जाए, साथ ही डिजिटल साधनों के रचनात्मक और शैक्षणिक उपयोग को बढ़ावा दिया जाए।
आम आदमी पार्टी (आप) ने साकेत के एक निजी स्कूल द्वारा शुल्क में कथित तौर पर बढ़ोतरी के खिलाफ सोमवार को विरोध प्रदर्शन किया, वहीं अभिभावकों ने केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) परीक्षाओं में बैठने वाले छात्रों को अनुक्रमांक जारी करने में देरी पर चिंता व्यक्त की।
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