राजस्थान के राज्यपाल ने जारी किए कड़े निर्देश, उच्च शिक्षा में ‘सुधरो नहीं तो बंद करो’ नीति पर कार्य किया जाए

Press Trust of India | January 22, 2026 | 11:35 AM IST | 1 min read

उप मुख्यमंत्री और उच्च शिक्षा मंत्री प्रेमचंद बैरवा ने कहा कि 'नैक' रैंकिंग के अंतर्गत विश्वविद्यालयों में शिक्षकों की भर्ती के लिए प्रस्ताव मांगे गए हैं।

राज्य विश्वविद्यालयों के कुलाधिपति ने कहा कि जिन शिक्षण संस्थानों में गुणवत्ता नहीं है, उन्हें बंद किया जाए। (इमेज-एक्स/@BagadeHaribhau)

जयपुर: राजस्थान के राज्यपाल हरिभाऊ बागडे ने कहा कि राज्य में शैक्षिक गुणवत्ता पर कोई समझौता नहीं किया जाएगा और ऐसे शिक्षण संस्थान जिनके पास शैक्षिक गुणवत्ता नहीं है उन्हें बंद किया जाए। राज्य विश्वविद्यालयों के कुलाधिपति बागडे ने कहा कि जिन शिक्षण संस्थानों में गुणवत्ता नहीं है, उन्हें बंद किया जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि उच्च शिक्षा में “सुधरो नहीं तो बंद करो” नीति अपनाए और बिना अनुमति किसी कॉलेज या संस्था को मान्यता देने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।

राज्यपाल ने विश्वविद्यालयों को सुदृढ़ किए जाने और वहां नियुक्त कुलगुरुओं का मनोबल बढ़ाने के लिए भी काम किए जाने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि शिक्षा ही विकास की नींव है, इसलिए इसके उत्थान के लिए सभी स्तरों पर प्रयास हों।

बागडे ने सभी विश्वविद्यालयों को निर्देश दिए कि नैक रैंकिंग के लिए समय पर और प्रभावी कदम उठाए जाएं। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय शिक्षा की गुणवत्ता, पाठ्यक्रम और पढ़ाने के तरीकों में नवाचार से जुड़े काम जल्द पूरा करें।

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राजस्थान के राज्यपाल हरिभाऊ बागडे ने आगे कहा कि राज्य सरकार स्तर से जुड़ी भर्ती और वित्तीय स्वीकृतियां से जुड़ी प्रक्रियाओं को भी पूरा करने का जल्द प्रयास किया जाएगा।

उप मुख्यमंत्री और उच्च शिक्षा मंत्री प्रेमचंद बैरवा ने कहा कि 'नैक' रैंकिंग के अंतर्गत विश्वविद्यालयों में शिक्षकों की भर्ती के लिए प्रस्ताव मांगे गए हैं। उन्होंने कहा कि रिक्त पदों का रोस्टर बनाकर उन्हें भरने की कार्रवाई जल्द की जाएगी।

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