Pariksha Pe Charcha 2026: स्वयं को तकनीक का गुलाम न बनाएं, क्षमता बढ़ाने में करें उपयोग- छात्रों से पीएम मोदी
Abhay Pratap Singh | February 9, 2026 | 03:15 PM IST | 3 mins read
पीएम नरेंद्र मोदी ने विद्यार्थियों से परीक्षाओं में बेहतर प्रदर्शन करने के लिए पिछले प्रश्न पत्रों का अभ्यास करने और पर्याप्त नींद लेने का भी आग्रह किया।
नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 9 फरवरी को कहा कि विद्यार्थियों को अपने आप को प्रौद्योगिकी का गुलाम नहीं बनने देना चाहिए, बल्कि इसका उपयोग अपनी क्षमता बढ़ाने के लिए करना चाहिए। मोदी ने ‘परीक्षा पे चर्चा’ (Pariksha Pe Charcha) की दूसरी कड़ी में कहा कि मोबाइल फोन उन कुछ बच्चों के मालिक बन गए हैं, जो उनके या टेलीविजन स्क्रीन के बिना खाना भी नहीं खा सकते।
कोयंबटूर, रायपुर, गुवाहाटी और गुजरात में विद्यार्थियों से की बातचीत -
मोदी ने कोयंबटूर, रायपुर, गुवाहाटी और गुजरात में विद्यार्थियों से हुई बातचीत में कहा, “इसका मतलब है कि आप मोबाइल के गुलाम बन गए हैं। आपको यह दृढ़ संकल्प लेना होगा कि आप अपने आप को प्रौद्योगिकी (तकनीक) का गुलाम नहीं बनने देंगे।”
प्रधानमंत्री ने विद्यार्थियों से आग्रह किया कि वे कृत्रिम बुद्धिमत्ता जैसी उभरती प्रौद्योगिकियों से न डरें, बल्कि उनका उपयोग अपने कौशल को निखारने और अपनी क्षमता को बढ़ाने के लिए करें। उन्होंने कहा, “हमें एआई या मोबाइल को सर्वोपरि बनाने की कोशिश नहीं करनी चाहिए; कुछ बच्चे स्मार्टफोन देखे बिना खाना नहीं खाते। हम एआई का कुशलतापूर्वक उपयोग कर सकते हैं।”
परीक्षाओं की तैयारी को लेकर पीएम मोदी का संदेश -
उन्होंने विद्यार्थियों से परीक्षाओं में बेहतर प्रदर्शन करने के लिए पिछले प्रश्न पत्रों का अभ्यास करने और पर्याप्त नींद लेने का भी आग्रह किया। मोदी ने कहा, “परीक्षाओं की अच्छी तैयारी करने के बाद आपको कभी तनाव महसूस नहीं होगा। रात में अच्छी नींद लेने से आप दिन भर खुश रहेंगे।”
प्रधानमंत्री ने कहा कि यह देखकर उन्हें प्रसन्नता हुई कि देश के 10वीं और 12वीं कक्षा के छात्र भी विकसित भारत 2047 के सपने को अपने मन में संजोए हुए हैं। उन्होंने कहा, “यह मेरे लिए अत्यंत प्रसन्नता का विषय है। हमें विकसित देशों की आदतों को अपनाना चाहिए -हमें लाल बत्ती पर इंजन बंद करना चाहिए, भोजन नहीं छोड़ना चाहिए और भोजन की बर्बादी कम करनी चाहिए... अनुशासन हमारे जीवन में बहुत महत्वपूर्ण है...।”
पीएम ने अपने छात्र जीवन में शिक्षकों की भूमिका को किया याद -
प्रधानमंत्री ने अपने छात्र जीवन में अपने शिक्षकों की भूमिका और स्वस्थ रहने के लिए व्यायाम पर उनके जोर को याद किया। उन्होंने कहा, “अगर आप किसी भी महान व्यक्ति से पूछेंगे, तो वे कहेंगे कि उनकी मां और शिक्षकों ने उनके जीवन को आकार देने में मदद की।”
नेतृत्व के विषय पर प्रधानमंत्री ने कहा कि बेहतर संवाद करने की क्षमता एक महत्वपूर्ण गुण है। प्रधानमंत्री ने कहा, “नेता बनने के लिए पहल करने की मानसिकता विकसित करें। नेतृत्व का मतलब सिर्फ चुनाव लड़ना नहीं है। नेतृत्व की एक बड़ी खूबी कम से कम दस लोगों को अपने विचार स्पष्ट रूप से संप्रेषित करने की क्षमता है।”
परीक्षा पे चर्चा का नौवें संस्करण -
परीक्षा पे चर्चा के नौवें संस्करण की पहली कड़ी पिछले सप्ताह प्रसारित हुई थी, जिसमें प्रधानमंत्री ने छात्रों को सलाह दी थी कि वे सबकी सलाह सुनें, लेकिन जीवनशैली में बदलाव तभी करें जब वे चाहें। उन्होंने यह भी कहा कि शिक्षा को बोझ नहीं समझना चाहिए और उन्हें केवल अंकों पर ही नहीं, बल्कि जीवन को बेहतर बनाने पर भी ध्यान देना चाहिए।
परीक्षा पे चर्चा टाउनहॉल प्रारूप में छात्रों के साथ बातचीत के रूप में 2018 में शुरू हुआ और बाद में यह भारत के सबसे बड़े शैक्षिक सहभागिता कार्यक्रमों में से एक बन गया। वर्ष 2023 में लगभग 38.8 लाख पंजीकरणों से बढ़कर 2024 में 2.26 करोड़ हो गए और 2025 में यह आंकड़ा 3.53 करोड़ तक पहुंच गया। इस उपलब्धि ने कार्यक्रम को 'गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड' दिलाया। नौवें संस्करण ने 4.5 करोड़ से अधिक पंजीकरणों के साथ पिछला रिकॉर्ड तोड़ दिया।
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