Santosh Kumar | February 6, 2026 | 05:07 PM IST | 2 mins read
पीएम मोदी ने छात्रों से कहा कि एआई उपयोगी टूल है, लेकिन यह सोचने और सीखने की बुनियादी प्रक्रियाओं की जगह नहीं ले सकता।

नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ‘परीक्षा पे चर्चा’ (पीपीसी) 2026 के 9वें एडिशन में सीधे छात्रों से बातचीत की और उन्हें परीक्षा की तैयारी करते समय अपने खुद के स्टडी पैटर्न पर भरोसा करने की सलाह दी। यह कार्यक्रम आज सुबह 10 बजे शुरू हुआ, और पहली बार पीएम मोदी ने न सिर्फ दिल्ली बल्कि तमिलनाडु, छत्तीसगढ़, गुजरात और असम सहित भारत के कई दूसरे शहरों के छात्रों से भी बात की। इस साल के पीपीसी में 4.5 करोड़ से अधिक रजिस्ट्रेशन हुए, जो पिछले एडिशन की तुलना में काफी ज्यादा हैं।
सीबीएसई, सीआईएससीई और दूसरे स्टेट बोर्ड की परीक्षाएं नजदीक आने के साथ, पीएम ने नई दिल्ली में 7, लोक कल्याण मार्ग स्थित अपने आधिकारिक आवास पर 'परीक्षा पे चर्चा' के 9वें एडिशन के दौरान "एग्जाम वॉरियर्स" से बातचीत की।
पीएम मोदी ने छात्रों से कहा कि एआई उपयोगी टूल है, लेकिन यह सोचने और सीखने की बुनियादी प्रक्रियाओं की जगह नहीं ले सकता। स्टूडेंट्स एआई टूल्स पर निर्भर रहने के बजाय अपनी बुद्धि, क्रिएटिविटी और कड़ी मेहनत पर भरोसा करें।
पीएम ने उदाहरण दिया कि एआई जानकारी तो दे सकता है, लेकिन उस जानकारी को समझना, एनालिसिस करना और उसे याद रखना छात्रों की कोशिशों से ही आता है। प्रधानमंत्री मोदी ने शिक्षा में टेक्नोलॉजी के संतुलित इस्तेमाल पर जोर दिया।
पीएम ने छात्रों से भारतीय पौराणिक कथाओं पर आधारित गेम बनाने की अपील की। उन्होंने सुझाव दिया कि वे रामायण, महाभारत और दूसरी पौराणिक कहानियों पर आधारित गेम बनाएं, जो मनोरंजक भी होंगे और ज्ञान भी फैलाएंगे।
पीएम मोदी ने विद्यार्थियों से कहा, ''भारत के अंदर इतनी कथा-कहानियां हैं। आपने कभी सोचा है कि पंचतंत्र पर एक गेम बनाऊं। मैंने अभी गेम में जुआ खेलने के खिलाफ कानून बनाया है। गेमिंग एक कौशल है और उसमें गति भी होती है।''
कार्यक्रम के दौरान, प्रधानमंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि किसी को भी बुनियादी सिद्धांतों से कभी भटकना नहीं चाहिए। उन्होंने छात्रों को पढ़ाई, आराम, स्किल्स और हॉबीज़ के बीच बैलेंस बनाने की सलाह दी, क्योंकि यही तरक्की की कुंजी है।
बोर्ड ने परीक्षा के दौरान अतिरिक्त सावधानी बरतने का फैसला किया है। राज्य के 18 जिलों को अत्यधिक संवेदनशील घोषित किया गया है, और इन इलाकों में परीक्षाओं के दौरान कड़ी निगरानी रखी जाएगी।
Santosh Kumar