Santosh Kumar | February 6, 2026 | 04:01 PM IST | 2 mins read
निर्देश दिए गए कि परीक्षा कमरों और परिसर में लगे वॉयस रिकॉर्डर वाले सीसीटीवी कैमरों की फंक्शनैलिटी और क्वालिटी सुनिश्चित की जाए।
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नई दिल्ली: उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद (यूपीएमएसपी) ने नकल रोकने और यूपी बोर्ड 2026 की परीक्षाओं को सुचारू रूप से कराने के लिए गाइडलाइंस जारी की हैं। यूपी बोर्ड कक्षा 10वीं-12वीं की परीक्षाएं 18 फरवरी से 12 मार्च तक होंगी, जिसमें 50 लाख से अधिक छात्रों के शामिल होने की उम्मीद है। बोर्ड ने परीक्षा के दौरान अतिरिक्त सावधानी बरतने का फैसला किया है। राज्य के 18 जिलों को अत्यधिक संवेदनशील घोषित किया गया है, और इन इलाकों में परीक्षाओं के दौरान कड़ी निगरानी रखी जाएगी।
4 फरवरी को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए एक मीटिंग हुई, जिसकी अध्यक्षता यूपी सरकार के चीफ सेक्रेटरी ने की और इसमें राज्य के सभी जिलों के डिस्ट्रिक्ट मजिस्ट्रेट शामिल हुए। मीटिंग में बोर्ड परीक्षाओं की तैयारियों पर चर्चा हुई।
मीटिंग में माध्यमिक शिक्षा परिषद के सचिव भगवती सिंह समेत कई अधिकारी शामिल हुए। इसमें पिछले सालों में नकल-मुक्त परीक्षाएं कराने के लिए किए गए प्रयासों और 2026 में लागू की जा रही नई प्रणालियों के बारे में विस्तार से बताया।
निर्देश दिए गए कि परीक्षा कमरों और परिसर में लगे वॉयस रिकॉर्डर वाले सीसीटीवी कैमरों की फंक्शनैलिटी और क्वालिटी सुनिश्चित की जाए। यह भी देखा जाए कि प्रश्न पत्र खोलने की प्रक्रिया अनिवार्य रूप से सीसीटीवी निगरानी में ही हो।
जिला कंट्रोल रूम में अधिकारियों को तैनात करने और शिकायतें पाने के लिए एक्टिव फोन नंबर और ईमेल सिस्टम बनाए रखने पर भी जोर दिया गया। डीएम को परीक्षाओं से पहले सभी संबंधित अधिकारियों के साथ मीटिंग करनी होगी।
इसमें प्रभावशाली नागरिकों, माता-पिता और मीडिया प्रतिनिधियों को शामिल कर सकते हैं। इसके अलावा, स्ट्रांग रूम की सुरक्षा, उचित रोशनी, केंद्रों की निगरानी और परीक्षा केंद्रों के पास फोटोकॉपी की दुकानों पर प्रतिबंध सुनिश्चित करें।
बोर्ड ने नकल-मुक्त परीक्षा सुनिश्चित करने के लिए, अधिकारियों को लगातार पेट्रोलिंग करने और सोशल मीडिया पर पुराने प्रश्न पत्र पोस्ट करके गलत जानकारी फैलाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने का निर्देश दिया गया है।
चीफ सेक्रेटरी ने निर्देश दिया है कि 18 जिलों में खास निगरानी रखी जाए, क्वेश्चन पेपर सही समय पर और तय शिफ्ट के हिसाब से ही खोले जाएं, और गलत सब्जेक्ट के क्वेश्चन पेपर न खोले जाएं। नकल, पेपर लीक करने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
बोर्ड परीक्षाओं से जुड़े सभी सरकारी आदेशों का पूरी तरह पालन सुनिश्चित करने, शिक्षा विभाग के अधिकारियों को दूसरी ड्यूटी से मुक्त करने और परीक्षाओं में शामिल सभी अधिकारियों को उचित ट्रेनिंग देने के भी निर्देश दिए गए हैं।
पहले, परीक्षा सिर्फ 8 फरवरी को होनी थी, लेकिन अधिक संख्या में रजिस्ट्रेशन होने के कारण इसे दो दिनों के लिए बढ़ा दिया गया है। यह परीक्षा देश भर के लगभग 140 शहरों में पेन और पेपर मोड में होगी। परीक्षा में शामिल होने वाले उम्मीदवारों को दिशानिर्देशों का पालन करना होगा।
Santosh Kumar