Press Trust of India | June 20, 2024 | 03:42 PM IST | 3 mins read
उम्मीदवार नीट यूजी 2024 परीक्षा में अनियमितताओं, पेपर लीक और मेरिट लिस्ट में भारी उछाल से परेशान हैं। उनका मानना है कि 1,563 छात्रों के लिए ग्रेस मार्क्स रद्द करने के केंद्र के फैसले से उनकी चिंता कम नहीं हुई है।
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नई दिल्ली: देशभर में नीट यूजी 2024 परीक्षा में पेपर लीक का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। विपक्षी दल केंद्र और एनटीए से कड़े सवाल पूछ रहे हैं, वहीं मामले की सुनवाई सुप्रीम कोर्ट में भी चल रही है। इस बीच कुछ नीट अभ्यर्थी परीक्षा में हुई अनियमितताओं से परेशान हैं। अभ्यर्थियों का कहना है कि उनका एनटीए पर से भरोसा उठ गया है। अगर परीक्षा में गड़बड़ी हुई है, जो साफ तौर पर दिख रही है तो एनटीए को सभी अभ्यर्थियों के लिए दोबारा परीक्षा आयोजित करनी चाहिए।
मेडिकल के उम्मीदवार नीट यूजी 2024 परीक्षा में अनियमितताओं, पेपर लीक और मेरिट लिस्ट में भारी उछाल से परेशान हैं। उनका मानना है कि 1,563 छात्रों के लिए ग्रेस मार्क्स रद्द करने के केंद्र के फैसले से उनकी चिंता कम नहीं हुई है।
पश्चिम बंगाल की नीट अभ्यर्थी अहेली घोष हाजरा ने समाचार एजेंसी पीटीआई से कहा, "अंकों में वृद्धि इतनी अधिक है कि 1,563 छात्रों की चुनिंदा पुन: परीक्षा इसकी भरपाई नहीं कर सकती। मुझे लगता है कि प्रत्येक छात्र के अंकों का पुनर्मूल्यांकन किया जाना चाहिए। या तो सार्वभौमिक पुन: परीक्षा आयोजित की जानी चाहिए, जिसके लिए सरकार को हमें तैयारी के लिए एक से दो महीने का समय देना चाहिए।"
मध्य प्रदेश के अनिमेष ने कहा कि उनके दृष्टिकोण से चीजें "काफी अन्यायपूर्ण" हैं। वे नीट पेपर लीक घोटाले को छिपाना चाहते हैं। उन्होंने कहा, "चीजें बहुत स्पष्ट नहीं हैं... मुझे लगता है कि मामले की जांच किसी तीसरे पक्ष द्वारा की जानी चाहिए।" उन्होंने सभी उम्मीदवारों के लिए फिर से परीक्षा की मांग की।
इसी तरह, नीट परीक्षा पास करने वाले दिल्ली के तेजस गौर ने कहा कि अगर परीक्षा दोबारा होती है तो वह फिर से परीक्षा देंगे। 4,627वीं रैंक पाने वाले तेजस ने कहा, "मुझे नहीं लगता कि घोटाला 1,563 छात्रों तक सीमित है। यह संख्या इतनी छोटी है कि अंकों में इतनी बढ़ोतरी नहीं की जा सकती।"
सुप्रीम कोर्ट ने नीट यूजी 2024 परीक्षा रद्द करने और मेडिकल प्रवेश परीक्षा में कथित अनियमितताओं की अदालत की निगरानी में जांच की मांग वाली याचिकाओं पर केंद्र, एनटीए और अन्य से जवाब मांगा है। शीर्ष अदालत ने देश भर के विभिन्न उच्च न्यायालयों में लंबित नीट 2024 परीक्षा से संबंधित याचिकाओं पर आगे की कार्यवाही पर रोक लगा दी।
पीठ ने कहा, "नोटिस जारी करें, जिसका जवाब 8 जुलाई को दिया जाएगा।" इस बीच, उच्च न्यायालयों के समक्ष आगे की कार्यवाही पर रोक रहेगी। पीठ ने कई अन्य याचिकाओं पर भी विचार किया, जिनमें से एक याचिका 20 मेडिकल प्रवेश परीक्षा उम्मीदवारों द्वारा दायर की गई थी, जिसमें 5 मई को आयोजित परीक्षा को रद्द करने की मांग की गई थी।
उन्होंने एनटीए और अन्य को नए सिरे से परीक्षा आयोजित करने का निर्देश देने की भी मांग की है। पीठ ने इन याचिकाओं पर केंद्र, एनटीए और अन्य को नोटिस जारी कर जवाब मांगा और कहा कि इन याचिकाओं पर 8 जुलाई को नीट-यूजी 2024 से संबंधित अन्य लंबित मामलों के साथ सुनवाई की जाएगी।
सुनवाई के दौरान पीठ ने स्पष्ट किया कि वह काउंसलिंग प्रक्रिया पर रोक नहीं लगा रही है। याचिकाकर्ताओं में से एक की ओर से पेश वकील ने पूछा कि क्या काउंसलिंग को 8 जुलाई के बाद तक के लिए टाला जा सकता है। एनटीए के वकील ने कहा, "काउंसलिंग 6 जुलाई से शुरू होगी, लेकिन यह 6 जुलाई को खत्म नहीं होगी। इसमें समय लगेगा।"
हाईकोर्ट ने पिछले साल की गई आरक्षण बढ़ोतरी पर रोक लगा दी है जिसके तहत सरकारी नौकरियों और शिक्षण संस्थानों में दलितों, पिछड़ों और आदिवासियों के लिए कोटा 50 से बढ़ाकर 65 फीसदी कर दिया गया था।
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