Saurabh Pandey | June 4, 2026 | 04:58 PM IST | 3 mins read
मध्य प्रदेश के मऊगंज में NEET UG परीक्षा रद्द होने से डिप्रेशन में आई छात्रा आकांक्षा चतुर्वेदी ने फांसी लगाकर खुदकुशी कर ली, जिसके पिता ने कर्ज लेकर और कुक की नौकरी करके उसे नागपुर में कोचिंग कराई थी। इस दुखद घटना पर नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने ट्वीट कर सरकार को घेरा है।

नई दिल्ली : मध्य प्रदेश के नवनिर्मित जिले मऊगंज के मगनिया गांव से एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसने देश की परीक्षा प्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। यहां नेशनल एलिजिबिलिटी कम एंट्रेंस टेस्ट (NEET UG) की तैयारी कर रही एक छात्रा, आकांक्षा चतुर्वेदी ने मानसिक तनाव के चलते अपने घर में फांसी लगाकर जान दे दी। परिजनों के अनुसार, आकांक्षा को हालिया परीक्षा में 650 से अधिक अंक मिलने की उम्मीद थी, लेकिन पेपर लीक विवाद और उसके बाद परीक्षा रद्द होने के फैसले ने उसे गहरे अवसाद में धकेल दिया, जिसका अंत इस खौफनाक कदम के रूप में हुआ।
आकांक्षा के इस आत्मघाती कदम उठाने के बाद मौके से एक सुसाइड नोट बरामद हुआ है, जो किसी भी संवेदनशील इंसान को झकझोर कर रख दे। उसने अपने आखिरी शब्दों में लिखा, "सॉरी, मम्मी-पापा... आप दोनों को पूरा भरोसा था कि आपकी बेटी दिन-रात पढ़कर एक दिन डॉक्टर बनेगी, लेकिन अब दोबारा नीट की परीक्षा में बैठने का हौसला मुझमें नहीं बचा है। मैंने आप दोनों को तबाह कर दिया, क्योंकि इस बात की कोई गारंटी नहीं है कि अगली बार भी पेपर अच्छा ही जाएगा।"
आकांक्षा का परिवार बेहद साधारण पृष्ठभूमि से आता है। आर्थिक तंगहाली के बावजूद, उसके किसान पिता कृष्ण कुमार चतुर्वेदी ने बेटी की पढ़ाई में कोई कमी नहीं आने दी। उन्होंने किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) के माध्यम से 3 लाख रुपये का कर्ज लिया और बेटी को नागपुर के एक नामी कोचिंग संस्थान में दाखिला दिलाया। इतना ही नहीं, बेटी की पढ़ाई का खर्च निकालने के लिए पिता ने अपनी खेती छोड़ दी और खुद नागपुर में एक कुक (रसोइया) के रूप में काम करने लगे। 3 मई को जब परीक्षा संपन्न हुई, तो पूरे परिवार की आंखों में बेटी को डॉक्टर बनते देखने का सपना तैर रहा था, पर सिस्टम की एक चूक ने पूरे परिवार की खुशियों को मातम में बदल दिया।
मऊगंज की इस घटना की गूंज अब देश की संसद और राजनीतिक गलियारों में भी सुनाई दे रही है। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने इस सुसाइड को लेकर सोशल मीडिया (ट्विटर) पर एक पोस्ट साझा की है। उन्होंने छात्रा की मौत पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए केंद्र सरकार और देश के परीक्षा तंत्र की विफलता पर तीखा प्रहार किया है।
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वर्तमान में इस संवेदनशील मामले की जांच सीबीआई कर रही है। सीबीआई की टीम ने अब तक इस संगठित पेपर लीक नेटवर्क से जुड़े 13 मुख्य आरोपियों को सलाखों के पीछे भेज दिया है। दूसरी तरफ, देश की सर्वोच्च अदालत (सुप्रीम कोर्ट) में भी परीक्षा प्रणाली को पारदर्शी बनाने के लिए लगातार याचिकाएं लग रही हैं। कोर्ट से मांग की जा रही है कि पुराने पेन-पेपर (ऑफलाइन) पैटर्न को पूरी तरह बंद करके इसकी जगह कंप्यूटर आधारित परीक्षा लागू की जाए, ताकि भविष्य में किसी और 'आकांक्षा' को अपनी जान न गंवानी पड़े।
इस बार आयोजित हुई NEET UG 2026 परीक्षा विवादों के घेरे में है, जिसने देशभर के लाखों अभ्यर्थियों का भविष्य अधर में लटका दिया है-
3 मई - देशव्यापी स्तर पर NEET UG 2026 परीक्षा का आयोजन हुआ, जिसके तुरंत बाद पेपर लीक की खबरें आईं।
7 मई - राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) को परीक्षा में बड़े पैमाने पर अनियमितताओं की आधिकारिक जानकारी मिली, जिसके बाद जांच केंद्रीय एजेंसियों को सौंपी गई।
12 मई - अनियमितताओं की पुष्टि होने के बाद पूरी परीक्षा को रद्द करने का फैसला लिया गया।
15 मई - शिक्षा मंत्रालय और NTA ने नोटिफिकेशन जारी कर 21 मई को दोबारा परीक्षा (री-एग्जाम) कराने का ऐलान किया।