NEET 2024 Controversy: नीट यूजी से जुड़ी 26 याचिकाओं पर 8 जुलाई को आएगा सुप्रीम कोर्ट का फैसला

Press Trust of India | July 2, 2024 | 03:55 PM IST | 2 mins read

नीट परीक्षा 2024 में प्रश्नपत्र लीक होने समेत कई अनियमितताओं के आरोपों के चलते कई शहरों में विरोध प्रदर्शन और राजनीतिक दलों के बीच आपसी आरोप-प्रत्यारोप देखने को मिल रहे हैं।

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नीट यूजी 2024 परीक्षा के लिए लगभग 24 लाख उम्मीदवारों ने पंजीकरण कराया था। (प्रतीकात्मक-विकिमीडिया कॉमन्स)

नई दिल्ली: सुप्रीम कोर्ट ने नीट-यूजी से जुड़े विवादों पर 8 जुलाई को सुनवाई करने का फैसला किया है। इन याचिकाओं में 5 मई को हुई परीक्षा में अनियमितताओं का आरोप लगाने वाली और नए सिरे से परीक्षा कराने का अनुरोध करने वाली याचिकाएं शामिल हैं। चीफ जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ और जस्टिस जेबी पारदीवाला और मनोज मिश्रा की बेंच 26 याचिकाओं पर सुनवाई करेगी।

नीट परीक्षा 2024 में प्रश्नपत्र लीक होने समेत कई अनियमितताओं के आरोपों के चलते कई शहरों में विरोध प्रदर्शन और राजनीतिक दलों के बीच आपसी आरोप-प्रत्यारोप देखने को मिल रहे हैं। छात्र संगठन ने संसद घेराव का आह्वान किया है। वहीं विपक्षी दल संसद सत्र के दौरान अनियमितताओं को लेकर केंद्र पर हमलावर हैं।

सुप्रीम कोर्ट ने इससे पहले 11 जून को कथित प्रश्नपत्र लीक और अन्य अनियमितताओं के आधार पर नीट यूजी 2024 को फिर से आयोजित करने की मांग वाली याचिका पर सुनवाई की थी। इस याचिका पर सुनवाई करते हुए शीर्ष अदालत ने पाया कि नीट यूजी 2024 की पवित्रता प्रभावित हुई है। इस पर उसने केंद्र सरकार और राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) से जवाब मांगा था।

हालांकि, अदालत ने एमबीबीएस, बीडीएस और अन्य पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए सफल उम्मीदवारों की काउंसलिंग पर रोक लगाने से इनकार कर दिया। सर्वोच्च न्यायालय ने 18 जून को परीक्षा से संबंधित अलग-अलग याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए कहा था कि यदि परीक्षा आयोजित करने में किसी की ओर से "0.001 प्रतिशत भी लापरवाही" हुई हो, तो उससे सख्ती से निपटा जाना चाहिए।

20 जून को, शीर्ष अदालत ने मेडिकल प्रवेश परीक्षा के आयोजन में कथित अनियमितताओं पर बढ़ते आक्रोश के बीच नीट यूजी 2024 को रद्द करने और अदालत की निगरानी में जांच की मांग करने वाली याचिकाओं सहित कई याचिकाओं पर केंद्र, एनटीए और अन्य से जवाब मांगा।

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NEET 2024 Controversy: टॉपर्स की संख्या 67 से घटकर 61

केंद्र और एनटीए ने 13 जून को अदालत को बताया था कि उन्होंने 1,563 उम्मीदवारों को दिए गए ग्रेस मार्क्स रद्द कर दिए हैं। उन्हें दोबारा परीक्षा देने या समय की हानि के लिए दिए गए क्षतिपूर्ति अंकों को छोड़ने का विकल्प दिया गया था। इसके बाद एनटीए ने 23 जून को नीट पुन: परीक्षा आयोजित की।

अब दोबारा परीक्षा के नतीजे जारी करने के बाद सोमवार (1 जुलाई) को संशोधित रैंक सूची घोषित की गई। पहले जहां कुल 67 छात्रों ने 720 अंक हासिल किए थे, वहीं एनटीए द्वारा दोबारा परीक्षा के नतीजे घोषित किए जाने के बाद नीट-यूजी में शीर्ष रैंक साझा करने वाले उम्मीदवारों की संख्या 67 से घटकर 61 हो गई।

नीट यूजी 2024 परीक्षा 4,750 केंद्रों पर आयोजित की गई थी। इसमें करीब 24 लाख अभ्यर्थी शामिल हुए थे। पहले नीट परीक्षा 2024 के नतीजे 14 जून को आने की उम्मीद थी, लेकिन उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन समय से पहले पूरा हो जाने के कारण नतीजे 4 जून को घोषित किए गए। इसके बाद परीक्षा में अनियमितताओं को लेकर हंगामा हुआ, जिस पर कोर्ट 8 जुलाई को अपना अंतिम फैसला सुनाएगा।

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