Santosh Kumar | May 12, 2026 | 03:55 PM IST | 2 mins read
परीक्षा शेड्यूल जल्द ही आधिकारिक वेबसाइट पर जारी कर दिया जाएगा। छात्रों के लिए राहत की खबर यह है कि एनटीए परीक्षा शुल्क वापस लौटाएगा।
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नई दिल्ली: नीट यूजी 2026 पेपर लीक विवाद के बाद, नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (एनटीए) ने एक बड़ा फैसला लिया है। एनटीए ने घोषणा की है कि पेपर लीक प्रभावित परीक्षा को रद्द कर दोबारा परीक्षा का आयोजन किया जाएगा। अच्छी खबर यह है कि छात्रों को नए सिरे से रजिस्ट्रेशन करने की जरूरत नहीं पड़ेगी। उम्मीदवार पुराने रजिस्ट्रेशन पर ही री-एग्जाम में बैठ सकेंगे। एनटीए की जारी अधिसूचना के अनुसार, जो फीस पहले ही जमा हो चुकी है, वह छात्रों को वापस की जाएगी।
एनटीए के अनुसार, जिन छात्रों ने नीट 2026 के लिए आवेदन किया था, वे सभी बिना किसी अतिरिक्त फॉर्म या प्रक्रिया के री-एग्जाम में शामिल हो सकेंगे। एजेंसी ने स्पष्ट किया कि नीट री-एग्जाम 2026 के लिए मूल आवेदन वैध माना जाएगा।
परीक्षा शेड्यूल जल्द ही आधिकारिक वेबसाइट पर जारी कर दिया जाएगा। छात्रों के लिए राहत की एक और बड़ी खबर यह है कि एनटीए परीक्षा शुल्क वापस लौटाएगा। जिन छात्रों ने फीस जमा की थी, उन्हें पूरी राशि वापस की जाएगी।
एनटीए द्वारा जारी अधिसूचना में कहा गया है कि परीक्षा एनटीए के अपने आंतरिक संसाधनों का इस्तेमाल करके दोबारा आयोजित की जाएगी। री-एग्जाम डेट और एडमिट कार्ड संबंधी अपडेट एनटीए कि वेबसाइट पर जल्द जारी किया जाएगा।
बता दें कि नीट पेपर लीक और अनियमितताओं के आरोपों ने पूरे देश में हलचल मचा दी है। राजस्थान पुलिस के एसओजी की जांच में एक 'गेस पेपर' सामने आया, जिसमें असली पेपर के 100 से अधिक सवालों से चौंकाने वाली समानता पाई गई।
नतीजतन, अब लगभग 23 लाख छात्रों के लिए आयोजित नीट 2026 परीक्षा एनटीए ने रद्द कर दी है। भारत सरकार ने इस मामले को केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) को सौंपा है, ताकि इसमें लगाए गए आरोपों की विस्तृत जांच की जा सके।