NEET PG Supreme Court Hearing: नीट पीजी विवाद पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई 30 सितंबर तक टली, जानें ताजा अपडेट
Santosh Kumar | September 27, 2024 | 06:40 PM IST | 2 mins read
एनबीईएमएस ने आज (27 सितंबर) नीट पीजी 2024 परीक्षा में हुई गलतियों और आखिरी समय में बदलाव के आरोपों पर अपना जवाब दिया।
नई दिल्ली: भारत के सर्वोच्च न्यायालय ने नीट पीजी 2024 के नतीजों की पारदर्शिता पर एक महत्वपूर्ण याचिका पर सुनवाई सोमवार (30 सितंबर) तक टाल दी है। सीजेआई की अगुवाई वाली बेंच एनबीई के प्रश्नपत्र, उत्तर कुंजी या रिस्पॉन्स शीट जारी न करने के फैसले के खिलाफ दर्ज याचिका पर सुनवाई करेगी। याचिका में नीट पीजी 2024 परीक्षा पैटर्न में अंतिम समय में किए गए बदलावों का भी उल्लेख है।
उम्मीदवारों ने परिणाम घोषित करने की प्रक्रिया को और अधिक पारदर्शी बनाने की भी मांग की है। पिछले सप्ताह के सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के बाद, आज एनबीईएमएस ने नीट पीजी 2024 परीक्षा में हुई गलतियों और अंतिम समय में बदलाव के आरोपों के बारे में अपना जवाब पेश किया।
हालांकि, सुप्रीम कोर्ट की बेंच ने इस तथ्य पर गौर किया कि केंद्र सरकार की ओर से कोई भी पेश नहीं हुआ। इसलिए, सीजेआई डीवाई चंद्रचूड़, जस्टिस जेबी पारदीवाला और मनोज मिश्रा की बेंच ने एएसजी में से किसी एक को कोर्ट की सहायता करने के लिए कहा है।
NEET PG Supreme Court Hearing: सीजेआई ने क्या कहा?
एडेक्स लाइव ने आज सीजेआई के हवाले से कहा, "हम सोमवार को अपनी बात रखेंगे। भारत संघ (यूओआई) को वहां उपस्थित होना होगा। यदि वे उपस्थित नहीं होते हैं, तो हम इस न्यायालय की सहायता के लिए किसी भी एएसजी की उपस्थिति का अनुरोध करते हैं।"
इससे पहले 20 सितंबर को हुई सुनवाई में सुप्रीम कोर्ट ने परीक्षा आयोजित करने वाले बोर्ड एनबीईएमएस को फटकार लगाई थी। कोर्ट ने एनबीई के खिलाफ नोटिस जारी किया था। कोर्ट ने कहा था कि परीक्षा से महज 3 दिन पहले परीक्षा पैटर्न में बदलाव करना बेहद असामान्य है।
NEET PG Counselling 2024 Schedule: शेड्यूल जल्द होगा जारी
मेडिकल काउंसलिंग कमेटी (एमसीसी) ने अभी तक नीट पीजी 2024 काउंसलिंग का शेड्यूल जारी नहीं किया है। राउंड 1 के लिए रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया 20 सितंबर से शुरू हो चुकी है। काउंसलिंग शेड्यूल को अंतिम रूप देने का फैसला आज सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई पर निर्भर करेगा।
याचिकाकर्ताओं सहित नीट पीजी मेडिकल छात्र न्यायालय के निर्णय पर उत्सुकता से नजर रखे हुए हैं। उन्हें उम्मीद है कि सर्वोच्च न्यायालय पारदर्शिता के पक्ष में फैसला सुनाएगा, उन्हें वह जानकारी देगा जो वे चाहते हैं और निष्पक्ष मूल्यांकन प्रक्रिया सुनिश्चित करेगा।
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