Santosh Kumar | June 6, 2025 | 12:27 PM IST | 2 mins read
30 मई को सुप्रीम कोर्ट ने एनबीई को नीट पीजी 2025 परीक्षा दो पालियों के बजाय एक ही पाली में आयोजित करने का आदेश दिया।
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नई दिल्ली: सुप्रीम कोर्ट ने आज यानी 6 जून को नेशनल बोर्ड ऑफ एग्जामिनेशन इन मेडिकल साइंसेज (एनबीईएमएस) को नीट पीजी 2025 एग्जाम को 3 अगस्त, 2025 तक पुनर्निर्धारित करने की अनुमति दे दी। न्यायमूर्ति प्रशांत कुमार मिश्रा और न्यायमूर्ति ऑगस्टीन जॉर्ज मसीह की पीठ ने एनबीई द्वारा 3 अगस्त, 2025 तक नीट परीक्षा आयोजित करने के लिए समय बढ़ाने के लिए दायर आवेदन को अनुमति दी है।
इससे पहले, 30 मई को सुप्रीम कोर्ट ने एनबीई को नीट पीजी 2025 परीक्षा दो पालियों के बजाय एक ही पाली में आयोजित करने का आदेश दिया और परीक्षा को पहले से निर्धारित तिथि 15 जून, 2025 को ही आयोजित करने का निर्देश दिया।
कोर्ट ने एनबीई को परीक्षा की तारीख आगे बढ़ाने की इजाजत दी। इसके बाद, 3 जून को एनबीई ने एक आवेदन दिया, जिसमें कहा गया कि उसे परीक्षा केंद्रों की संख्या 450 से बढ़ाकर 900 करनी है और सुरक्षा की भी खास तैयारी करनी होगी।
एनबीई ने कहा कि उसके प्रौद्योगिकी भागीदार टीसीएस के अनुसार, 3 अगस्त परीक्षा के लिए निकटतम उपलब्ध तिथि है। आज सुप्रीम कोर्ट की बेंच ने सबसे पहले एनबीई से पूछा कि उन्हें 3 अगस्त तक का समय क्यों चाहिए।
एनबीई के वकील ने कहा कि पहले 450 केंद्रों पर परीक्षा आयोजित करने की योजना थी, जिसमें 2.5 लाख से अधिक अभ्यर्थी भाग लेंगे। चूंकि कोर्ट ने एक शिफ्ट में परीक्षा कराने का निर्देश दिया, इसलिए केंद्रों की संख्या दोगुनी करनी होगी।
उन्होंने कहा कि नए केंद्रों की पहचान करने और वहां सुरक्षा व्यवस्था करने में समय लगेगा। इसके बाद अभ्यर्थियों परीक्षा केंद्रों के बारे में जानकारी दी जाएगी, ताकि वे अपना चयन कर सकें। इसलिए 3 अगस्त की तिथि जरूरी है।
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लाइव लॉ की रिपोर्ट के मुताबिक, सुप्रीम कोर्ट की बेंच ने सवाल उठाया कि परीक्षा की तैयारी के लिए दो महीने क्यों चाहिए। जस्टिस मिश्रा ने पूछा, "आप 3 अगस्त तक का समय क्यों चाहते हैं? क्या आपने प्रक्रिया शुरू भी कर दी है?"
उन्होंने कहा कि कोर्ट का आदेश 30 मई को आया था, उसके बाद आपने क्या किया? जस्टिस मसीह ने यह भी पूछा कि पूरे दो महीने क्यों चाहिए। इसके जवाब में एनबीई के वकील ने कहा परीक्षा 3 अगस्त को ही आयोजित की जा सकती है।
केंद्र सरकार की ओर से एएसजी केएम नटराज ने कोर्ट को बताया कि कई उच्चस्तरीय बैठकों के बाद 3 अगस्त की तारीख तय की गई है। जब जस्टिस मसीह ने पूछा कि जुलाई में परीक्षा क्यों नहीं हो सकती, तो एएसजी ने सोमवार तक का समय मांगा।
लेकिन जस्टिस मिश्रा ने कहा कि कोर्ट आज ही अपना फैसला सुनाएगा। कोर्ट ने माना कि एनबीई की मांग सही है और उसे 3 अगस्त 2025 को परीक्षा आयोजित करने की अनुमति दे दी और यह भी साफ कर दिया कि अब समय नहीं बढ़ाया जाएगा।
मायावती ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर पोस्ट कर कहा कि देश व राज्यों में किसी भी परीक्षा को एक ही दिन व एक ही पाली में कराना जरूरी है। इससे पारदर्शिता बनी रहती है और अभ्यर्थियों के साथ कोई भेदभाव नहीं होता।
Santosh Kumar