Press Trust of India | May 18, 2026 | 02:27 PM IST | 1 min read
अधिकारियों ने बताया कि सीबीआई का आरोप है कि मोटेगांवकर नीट यूजी प्रश्नपत्र को लीक करने और प्रसारित करने में शामिल संगठित गिरोह का एक सक्रिय सदस्य था।
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नई दिल्ली: केन्द्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा- स्नातक (नीट यूजी) प्रश्नपत्र लीक मामले में महाराष्ट्र के लातूर शहर में रेणुकाई केमिस्ट्री क्लासेस (आरसीसी) के संस्थापक शिवराज रघुनाथ मोटेगांवकर को गिरफ्तार किया है। अधिकारियों ने सोमवार को यह जानकारी दी। रविवार को एजेंसी द्वारा ली गई तलाशी के दौरान मोटेगांवकर के मोबाइल फोन से मेडिकल प्रवेश परीक्षा का लीक हुआ प्रश्न पत्र मिला। इसके बाद उसे गिरफ्तार कर लिया गया।
अधिकारियों ने बताया कि केन्द्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) का आरोप है कि मोटेगांवकर नीट यूजी प्रश्नपत्र को लीक करने और प्रसारित करने में शामिल संगठित गिरोह का एक सक्रिय सदस्य था।
उन्होंने बताया कि मोटेगांवकर ने अन्य आरोपियों के साथ मिलकर 23 अप्रैल, 2026 को होने वाली नीट यूजी परीक्षा से पहले ही प्रश्न पत्र और उत्तर प्राप्त कर लिए थे। आरोप है कि उसने प्रश्न पत्र कई लोगों को वितरित किए थे।
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इससे पहले, नीट-यूजी प्रश्नपत्र "लीक" मामले की जांच कर रहे सीबीआई ने रविवार को महाराष्ट्र के लातूर शहर में कोचिंग संस्थान रेणुकाई केमिस्ट्री क्लासेज (आरसीसी) के मुख्य कार्यालय में छापेमारी की। सूत्रों ने यह जानकारी दी।
सीबीआई अधिकारियों ने शुक्रवार को आरसीसी के संस्थापक शिवराज मोटेगांवकर से करीब 8 घंटे तक पूछताछ की थी। सूत्रों के मुताबिक, सीबीआई को संदेह था कि लातूर के कुछ डॉक्टरों ने कथित तौर पर लीक हुए प्रश्नपत्र को खरीदा था।
सीबीआई की एक टीम पिछले कुछ दिन से लातूर में डेरा डाले हुए है। एजेंसी ने प्रश्नपत्र "लीक" मामले में प्राथमिकी दर्ज की है और जांच के लिए कई टीम गठित की है। 3 मई को हुई परीक्षा प्रश्नपत्र लीक होने के आरोपों के चलते रद्द कर दी गई थी।