NEET Controversy: सीबीआई ने गड़बड़ी के 5 मामले अपने हाथ में लिए; आरजेडी ने नीट भ्रष्टाचार को चुनावों से जोड़ा
Press Trust of India | June 24, 2024 | 08:52 PM IST | 3 mins read
मनोज झा ने कहा कि प्रधान को इस्तीफा देना चाहिए। उन्होंने दावा किया कि नीट भ्रष्टाचार का चुनाव से लिंक है। इससे अर्जित धन से चुनाव लड़े गए हैं।
नई दिल्ली: मेडिकल प्रवेश परीक्षा नीट-यूजी में कथित अनियमितताओं के 5 नए मामलों की जांच सीबीआई ने अपने हाथ में ले ली है। ये मामले गुजरात, राजस्थान और बिहार के हैं, जिनकी जांच अब तक स्थानीय पुलिस कर रही थी। अधिकारियों ने सोमवार (24 जून) को मीडिया से यह जानकारी साझा की। नीट यूजी परीक्षा 2024 मामले में सीबीआई हरकत में आ गई है। दूसरी ओर, विपक्ष परीक्षा में भ्रष्टाचार के मुद्दे को चुनाव से जोड़ रहा है।
सीबीआई अधिकारियों ने बताया कि केंद्रीय एजेंसी ने गुजरात और बिहार से एक-एक मामले और राजस्थान से तीन मामलों को फिर से एफआईआर के तौर पर दर्ज किया है, जबकि महाराष्ट्र के लातूर से एक और मामले को भी अपने हाथ में लिए जाने की संभावना है। अधिकारियों ने बताया कि बिहार के मामले को छोड़कर, बाकी चार मामले स्थानीय अधिकारियों, निरीक्षकों और उम्मीदवारों द्वारा धोखाधड़ी और जालसाजी की अलग-अलग घटनाएं प्रतीत होती हैं।
उन्होंने बताया कि केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय से व्यापक जांच के लिए मिले संदर्भ पर सीबीआई ने पहले ही मामले के संबंध में एफआईआर दर्ज कर ली है। अधिकारियों ने बताया कि इन नए मामलों को अपने हाथ में लेने के बाद सीबीआई अब नीट-यूजी में कथित अनियमितताओं से जुड़े कुल छह मामलों की जांच कर रही है।
इस दौरान शिक्षा मंत्रालय ने भी सीबीआई से अभ्यर्थियों, संस्थानों और बिचौलियों द्वारा कथित अनियमितताओं, साजिश, धोखाधड़ी, प्रतिरूपण, विश्वासघात और सबूतों को नष्ट करने के पूरे मामले की व्यापक जांच करने का अनुरोध किया है।
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NEET UG Paper Leak: 'नीट भ्रष्टाचार का चुनाव से लिंक'
आरजेडी सांसद मनोज झा ने दावा किया कि "नीट भ्रष्टाचार" चुनावों से जुड़ा हुआ है और पेपर लीक के लिए नामित लोगों और जेडी(यू) और बीजेपी के नेताओं के बीच कथित निकटता है। प्रेस कॉन्फ्रेंस में, राष्ट्रीय जनता दल के राज्यसभा सांसद ने प्रदर्शनकारी छात्रों के साथ एकजुटता व्यक्त की और शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान पर उनके भविष्य के साथ खिलवाड़ करने का आरोप लगाया।
झा ने कहा, "धर्मेंद्र प्रधान जी कहां हैं, जिन्होंने इस परीक्षा को क्लीन चिट दी थी? आप छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ कर रहे हैं।" उन्होंने कहा, "सब कुछ होने के बावजूद, शिक्षा मंत्री ने क्लीन चिट दे दी और एक कहानी गढ़ी कि वे एक उच्चस्तरीय समिति बना रहे हैं। पर्याप्त सबूत हैं, फिर भी दोषियों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है।"
उन्होंने कहा, "परीक्षा रद्द होनी चाहिए, आप लाखों छात्रों के भविष्य के साथ नहीं खेल सकते। एनटीए एक धोखाधड़ी है... इस एनटीए को बंगाल की खाड़ी में फेंक दिया जाना चाहिए।" झा ने भारतीय जनता पार्टी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार पर कटाक्ष करते हुए कहा, "हमने एक राष्ट्र, एक परीक्षा की कीमत चुकाई है... आप एक राष्ट्र, एक चुनाव करना चाहते हैं, आप एक परीक्षा भी नहीं करा सकते।"
NEET UG, UGC NET Row: धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा मांगा
मनोज झा ने कहा कि प्रधान को इस्तीफा दे देना चाहिए। उन्होंने दावा किया कि नीट भ्रष्टाचार चुनाव से जुड़ा हुआ है। इससे अर्जित धन से चुनाव लड़े गए हैं। झा ने पूछा, "एक गेस्टहाउस के बारे में एक डरावनी कहानी बनाई जा रही है, जिसका कोई सबूत नहीं है। एक संजीव मुखिया है, जो बीपीएससी परीक्षा घोटाले का मास्टरमाइंड भी था... संजीव मुखिया कौन है? यह जानने के लिए आपको रॉकेट साइंस की जरूरत नहीं है। उसकी पत्नी जनता दल (यूनाइटेड) की नेता है।"
झा ने एक अमित आनंद का भी नाम लिया, हरियाणा के एक स्कूल मालिक की राज्य के मुख्यमंत्री के साथ कुछ तस्वीरें दिखाईं और आरोप लगाया कि स्कूल धोखाधड़ी में शामिल था। उन्होंने कहा, "17 महीनों तक, जब (राजद नेता) तेजस्वी यादव (बिहार) के उपमुख्यमंत्री थे, कोई प्रश्नपत्र लीक नहीं हुआ, पांच लाख लोगों को नौकरी मिली और 3.5 लाख लोगों की भर्ती की प्रक्रिया शुरू हुई।"
राजद नेता ने पेपर लीक में "बिहार-गुजरात" कनेक्शन का भी आरोप लगाया। कथित पेपर लीक और उसके बाद यूजीसी-नेट परीक्षा को रद्द करने और नीट-पीजी परीक्षा को स्थगित करने को लेकर एनटीए विवादों में है। केंद्र ने शनिवार को एनटीए महानिदेशक सुबोध कुमार सिंह को हटा दिया। मंत्रालय के संदर्भ के बाद सीबीआई ने रविवार को मेडिकल प्रवेश परीक्षा, नीट-यूजी में कथित अनियमितताओं की जांच अपने हाथ में ले ली।
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