Press Trust of India | March 11, 2026 | 03:13 PM IST | 1 min read
सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा कि सरकार ने 8वीं कक्षा ही नहीं बल्कि सभी कक्षाओं की पाठ्यपुस्तकों की समीक्षा करने के लिए कहा है।

नई दिल्ली: केंद्र ने उच्चतम न्यायालय को बुधवार को बताया कि उसने राष्ट्रीय शैक्षणिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (एनसीईआरटी) को सभी कक्षाओं की पाठ्यपुस्तकों की समीक्षा करने का निर्देश दिया है। प्रधान न्यायाधीश सूर्यकांत, न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची और न्यायमूर्ति विपुल एम. पंचोली की पीठ ने कहा कि अगर केंद्र ने एनसीईआरटी से ऐसा करने के लिए कहने के बजाय, पाठ्यक्रम की समीक्षा के लिए एक विशेषज्ञ समिति का गठन किया होता तो बेहतर होता।
कोर्ट ने एनसीईआरटी की 8वीं कक्षा की सामाजिक विज्ञान की पुस्तक से संबंधित उस मामले की सुनवाई के दौरान यह कहा जिसका उसने स्वत: संज्ञान लिया है। सामाजिक विज्ञान की पुस्तक में न्यायपालिका में भ्रष्टाचार पर ''आपत्तिजनक'' सामग्री थी।
सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा कि सरकार ने 8वीं कक्षा ही नहीं बल्कि सभी कक्षाओं की पाठ्यपुस्तकों की समीक्षा करने के लिए कहा है। उन्होंने कहा कि पाठ्यक्रम की समीक्षा के लिए विषय विशेषज्ञों का पैनल गठित किया जाएगा।
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उन्होंने बेंच को बताया, "सब्जेक्ट एक्सपर्ट्स की जांच के बिना कुछ भी पब्लिश नहीं किया जाएगा। मेहता ने पीठ से यह भी कहा कि एनसीईआरटी के निदेशक ने बिना शर्त माफी मांगते हुए एक हलफनामा दायर किया है।
इससे पहले उच्चतम न्यायालय ने एनसीईआरटी की आठवीं कक्षा की सामाजिक विज्ञान की पाठ्यपुस्तक के भविष्य में किसी भी प्रकाशन, पुनर्मुद्रण या डिजिटल प्रसार पर 26 फरवरी को ''पूर्ण प्रतिबंध'' लगा दिया था।