Abhay Pratap Singh | March 25, 2026 | 04:16 PM IST | 2 mins read
इस कार्यक्रम का उद्देश्य जैव विविधता संरक्षण और प्राकृतिक संसाधन प्रबंधन के क्षेत्र में युवाओं की क्षमता का विकास करना, पर्यावरण के प्रति जागरूकता को सुदृढ़ करना तथा रोजगार के अवसरों को बढ़ाना है।

नई दिल्ली: राष्ट्रीय जैव विविधता प्राधिकरण (National Biodiversity Authority) ने स्नातक (UG) और स्नातकोत्तर (PG) की पढ़ाई कर रहे छात्रों के लिए ‘जैव विविधता संरक्षण और प्राकृतिक संसाधन प्रबंधन’ में इंटर्नशिप कार्यक्रम शुरू किया है। 3 माह के इस इंटर्नशिप में एनबीए कार्यक्रमों के साथ व्यावहारिक और परियोजना-आधारित शिक्षा प्रदान की जाएगी।
इसके अलावा, एनबीए नियमित रूप से एक वर्ष का जैव विविधता संरक्षण इंटर्नशिप कार्यक्रम (BSIP) आयोजित करता है, जिसे दो वर्ष तक आगे बढ़ाया जा सकता है। इस वर्ष छठे चक्र में 24 इंटर्न का चयन किया गया और उन्हें विभिन्न राज्य जैव विविधता बोर्डों (SBB) और केंद्र शासित प्रदेश जैव विविधता परिषदों (UTBC) में व्यावहारिक प्रशिक्षण के लिए नियुक्त किया गया है।
इस इंटर्नशिप अवधि के दौरान एसबीबी/ यूटीबीसी में तैनात इंटर्न बैठकों में भाग लेने, कार्यक्रमों का आयोजन करने और नियमित गतिविधियों के साथ फील्ड स्टडी भी करते हैं। साथ ही, एनबीए इच्छुक इंटर्न को इंटर्नशिप को दो वर्ष तक बढ़ाने का अवसर देता है, जिससे वे जैव विविधता संरक्षण में अपने ज्ञान और कौशल को और बेहतर कर सकें।
पीआईबी के अनुसार, इस कार्यक्रम का उद्देश्य जैव विविधता संरक्षण और प्राकृतिक संसाधन प्रबंधन के क्षेत्र में युवाओं की क्षमता का विकास करना, पर्यावरण के प्रति जागरूकता को सुदृढ़ करना तथा रोजगार के अवसरों को बढ़ाना है। साथ ही, प्रतिभागियों को “जैव विविधता राजदूत” के रूप में तैयार करना भी इसका प्रमुख लक्ष्य है।
जैव विविधता संरक्षण कार्यक्रम (बीएसआईपी) का पहला चक्र (2019-20) 22 मई 2020 को अंतर्राष्ट्रीय जैव विविधता दिवस के अवसर पर केंद्रीय पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्री ने शुरू किया था। नेशनल बायोडायवर्सिटी अथॉरिटी वर्तमान में इन इंटर्नशिप कार्यक्रमों के समर्थन में लगभग एक करोड़ रुपये का निवेश कर रहा है।
पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय, एनबीए और संयुक्त राष्ट्र विकास कार्यक्रम की साझेदारी में एक वर्षीय बीएसआईपी कार्यक्रम शुरू किया गया। इसका उद्देश्य व्यावहारिक अनुभव के जरिए प्रशिक्षित युवा पेशेवर तैयार करना है। चयनित इंटर्न को विभिन्न राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में जैव विविधता संरक्षण कार्यों में तैनात किया जाता है।