LPU : एलपीयू के रिसर्च -प्रोजेक्ट विभाग ने बनाया HEXDOC रोबोट, खुदाई के दौरान दुर्घटनाओं को रोकने में आएगी कमी
Saurabh Pandey | June 10, 2024 | 05:07 PM IST | 2 mins read
HEXDOC रोबोट अपने आसपास का 3D मानचित्र बनाने के लिए LiDAR तकनीक और ROS (रोबोट ऑपरेटिंग सिस्टम) का उपयोग करता है।
नई दिल्ली : लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी (एलपीयू) के छात्र अनुसंधान और परियोजना विभाग की द्वारा HEXDOC रोबोट बनाया गया है। इसने हाल ही में युक्ति इनोवेशन चैलेंज 3.0 में जीत हासिल की और शिक्षा मंत्रालय और स्मार्ट इंडिया हैकथॉन 2023 से 5 लाख रुपये की फंडिंग भी प्राप्त की है।
रोबोट HEXDOC का आविष्कार सुरंगों और गुफाओं की खुदाई के दौरान होने वाले हादसों से लोगों को बचाना के लिए किया गया है। HEXDOC स्वायत्त नेविगेशन के लिए अत्याधुनिक लाइट डिटेक्शन एंड रेंजिंग (LiDAR) तकनीक और रोबोट ऑपरेटिंग सिस्टम (ROS) का उपयोग करता है। यह 3डी मानचित्र बनाता है, सभी मुश्किलों को पार करता है और वास्तविक समय में अपना रास्ता चुनता है। इसकी सेंसिंग इकाई में पर्यावरण निगरानी उपकरण और एक MAX 3012 हृदय गति सेंसर शामिल है, जो सुरक्षा और कुशल बचाव संचालन सुनिश्चित करता है।
एलपीयू प्रबंधन की तरफ से जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, HEXDOC रोबोट सर्च और बचाव कार्यों में बड़े पैमाने पर मदद पहुंचाता है। यह सुरंगों, गुफाओं और ढही हुई चीजों के बीच में कुशलता से नेविगेट करके दक्षता बढ़ाता है, जिससे बचाव के प्रयासों में काफी मदद मिलती है। इसके अलावा, खतरनाक क्षेत्रों तक पहुंचने की इसकी क्षमता संभावित खतरों के जोखिम को कम करके मानव जोखिम को कम करती है, जिससे यह आपदाग्रस्त क्षेत्रों में एक मूल्यवान संपत्ति बन जाती है।
HEXDOC रोबोट महत्वपूर्ण कार्यों के दौरान बचाव टीमों के बीच प्रभावी समन्वय सुनिश्चित करते हुए वास्तविक समय डेटा और संचार क्षमताएं प्रदान करता है। HEXDOC रोबोट में एक मॉड्यूलर डिजाइन है।
Also read NTA SWAYAM 2024 January Result: स्वयं जनवरी रिजल्ट exams.nta.ac.in/swayam पर जारी, ऐसे करें चेक
आपदा प्रबंधन और आपातकालीन प्रतिक्रिया के लिए जिम्मेदार सरकारी एजेंसियां HEXDOC रोबोट की तैनाती से काफी लाभान्वित हो सकती हैं। इसकी क्षमताएं उनके उद्देश्यों के अनुरूप हैं और उन्हें बचाव कार्यों को अधिक प्रभावी ढंग से चलाने में सक्षम बनाती हैं।
स्मार्ट इंडिया हैकथॉन में HEXDOC रोबोट की सफलता ने निजी क्षेत्र की भागीदारी के लिए मौके खोले हैं। इस रोबोट पर आधारित स्टार्टअप नवाचार और अत्याधुनिक तकनीक को सामने लाकर स्थापित उद्योग के साथ प्रतिस्पर्धा कर सकते हैं।
अगली खबर
]विशेष समाचार
]- आजादी के 80वें साल में भी 'कागजी' दावों के बीच फंसी शिक्षा व्यवस्था; पेपर लीक व बजट की कमी से जूझ रहे छात्र
- Teacher Vacancy Crisis: बिहार में टीचर्स के 2.70 लाख+ पद खाली; झारखंड, एमपी समेत कई राज्यों में हजारों वैकेंसी
- NEET 2026 Paper Leak: नीट पेपर तैयार और अनुवाद का काम एक ही समूह के शिक्षकों को देने से हुई गड़बड़ी - सूत्र
- MCC NEET Counselling 2026: नीट काउंसलिंग शेड्यूल जल्द, जेपी नड्डा ने की समीक्षा, छात्र-केंद्रित कई बड़े सुधार
- NEET Paper Leak: एक नहीं कई बार लीक हो चुका है नीट का पेपर; जानिए काला सच
- AISHE Reports: अखिल भारतीय उच्च शिक्षा सर्वेक्षण रिपोर्ट वर्ष 2022-23 और 2023-24 के लिए जारी
- UDISE Report: वर्ष 2023-24 और 2025-26 के बीच सरकारी स्कूलों में दाखिले में लगभग 86 लाख की कमी आई
- NEET Retest 2026: नीट रीटेस्ट कल, सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद; गाइडलाइंस जारी, एनटीए की आज देशभर में मॉक ड्रिल
- CBSE OSM Controversy: सीबीएसई चेयरमैन व सचिव का तबादला, केजरीवाल ने कहा- छात्रों के घावों पर नमक छिड़कने जैसा
- संसदीय समिति ने नीट मामले पर एनटीए अधिकारियों से पूछे तीखे सवाल, एजेंसी बोली- ‘हमारे सिस्टम से नहीं हुआ लीक’