Khalsa College Delhi: डीयू के खालसा कॉलेज में दो छात्र गुटों में झड़प, एफआईआर दर्ज, जानें क्या है मामला
Santosh Kumar | September 23, 2024 | 03:55 PM IST | 2 mins read
खालसा कॉलेज के प्रिंसिपल गुरमोहिंदर सिंह ने डीयू प्रशासन को पत्र लिखकर कहा है कि कॉलेज अपना छात्र चुनाव स्वयं कराएगा।
नई दिल्ली: दिल्ली विश्वविद्यालय (डीयू) के श्री गुरु तेग बहादुर खालसा कॉलेज में दो छात्र गुटों के बीच झड़प का मामला सामने आया है। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जो 22 सितंबर का बताया जा रहा है। इस झड़प के बाद मौरिस नगर थाने में एफआईआर दर्ज कर ली गई है और मामले की जांच जारी है।
एफआईआर में कहा गया है कि छात्र और उसका समूह डूसू चुनाव 2024 के लिए नामांकन दाखिल करने जा रहा था, तभी छात्रों के दूसरे समूह ने इस पर आपत्ति जताई। इसके बाद दोनों समूहों के बीच बहस हुई, जो अंततः हाथापाई में बदल गई।
इन धाराओं के तहत दर्ज हुआ मामला
इस दौरान एक सिख छात्र की पगड़ी भी उतर गई। छात्र ने आरोप लगाया कि उसके बाल खींचे गए और उसकी पिटाई की गई। वीडियो में छात्रों का एक समूह प्रिंसिपल के कार्यालय के बाहर खड़ा दिखाई दे रहा है। लाल पगड़ी पहने एक छात्र को कुछ छात्र खींच रहे हैं और लात-घूंसों से पीट रहे हैं।
दिल्ली पुलिस ने भारतीय दंड संहिता की धारा 299 (धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने के लिए जानबूझकर किया गया कार्य), 115 (2) (स्वेच्छा से चोट पहुंचाना), 351 (2) (आपराधिक धमकी) और 3 (5) (दो या अधिक व्यक्तियों पर हमला या आपराधिक बल का प्रयोग) के तहत एफआईआर दर्ज की है।
कॉलेज अपना छात्र चुनाव खुद कराएगा
समाचार एजेंसी एएनआई के अनुसार, इससे पहले कॉलेज के प्रिंसिपल गुरमोहिंदर सिंह ने डीयू प्रशासन को पत्र लिखकर कहा था कि कॉलेज अपना खुद का छात्र चुनाव कराएगा। उन्होंने कहा कि यह फैसला डीएसजीएमसी के निर्देश के बाद लिया गया है।
डीएसजीएमसी दिल्ली विश्वविद्यालय के 4 कॉलेजों - श्री गुरु तेग बहादुर खालसा कॉलेज, श्री गुरु नानक देव खालसा कॉलेज और श्री गुरु गोबिंद सिंह कॉलेज ऑफ कॉमर्स का प्रबंधन करता है, जो सभी डूसू से संबद्ध है।
हालांकि, डीएसजीएमसी के अंतर्गत आने वाला एक अन्य कॉलेज, माता सुंदरी कॉलेज फॉर विमेन, डूसू से संबद्ध नहीं है। श्री गुरु तेग बहादुर खालसा कॉलेज के प्रिंसिपल ने कहा कि कॉलेज में अपने खुद के चुनाव होंगे और पदाधिकारियों को स्टाफ सलाहकार समिति द्वारा नामित किया जाएगा।
इस निर्णय के विरोध में आरएसएस से जुड़े एबीवीपी और कांग्रेस से जुड़े एनएसयूआई के छात्र सदस्यों ने कॉलेज में एकत्र होकर इस फैसले का विरोध किया। एबीवीपी ने डीएसजीएमसी कॉलेजों को डूसू से अलग करने के फैसले को चुनौती देते हुए दिल्ली की अदालत में याचिका दायर की है।
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