Trusted Source Image

JMI Protest: छात्र संघ चुनाव की मांग के बीच जामिया के 2 छात्रों को पुलिस ने हिरासत में लिया - एनएसयूआई

Press Trust of India | October 28, 2026 | 06:55 PM IST | 2 mins read

विश्वविद्यालय ने सोमवार को आदेश जारी कर कहा था कि छात्र संघ के संविधान को मंजूरी मिलने के 15 दिन के भीतर चुनाव कराए जाएंगे।

हिरासत में लिए गए छात्रों की पहचान फैजान और जीशान के रूप में की गई है। (इमेज-आधिकारिक एक्स/NSUI)
हिरासत में लिए गए छात्रों की पहचान फैजान और जीशान के रूप में की गई है। (इमेज-आधिकारिक एक्स/NSUI)

नई दिल्ली: कांग्रेस की छात्र इकाई भारतीय राष्ट्रीय छात्र संगठन (NSUI) ने बुधवार को आरोप लगाया कि दिल्ली पुलिस जामिया मिल्लिया इस्लामिया के गेट नंबर-4 से उसके दो सदस्यों को हिरासत में लेकर किसी अज्ञात स्थान पर ले गई है। विश्वविद्यालय में छात्र संघ चुनाव बहाल करने की मांग को लेकर जारी प्रदर्शन 28 अक्टूबर को 17वें दिन में प्रवेश कर गया। एनएसयूआई ने हिरासत में लिए गए छात्रों की पहचान संगठन की जामिया इकाई के अध्यक्ष फैजान और उसके सोशल मीडिया प्रकोष्ठ के पूर्व राष्ट्रीय प्रमुख जीशान के रूप में की है। 

एनएसयूआई ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा कि उसके सदस्यों द्वारा विश्वविद्यालय में छात्र संघ चुनाव बहाल करने की मांग को लेकर अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल जारी रखने के बीच दोनों को हिरासत में लिया गया। संगठन ने कहा, “छात्र संघ चुनाव की बहाली की मांग करना कोई अपराध नहीं है! छात्रों को हिरासत में लेकर उनकी आवाज दबाई नहीं जा सकती। छात्र अधिकारों की लड़ाई जारी रहेगी।”

कांग्रेस नेता राहुल गांधी के प्रदर्शन स्थल पर पहुंचने की संभावना संबंधी खबरों के बीच बुधवार को विश्वविद्यालय के द्वारों के बाहर सुरक्षा बढ़ा दी गई और दिल्ली पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी परिसर पहुंचे। पुलिस सूत्रों ने बताया कि कुछ छात्रों को भी हिरासत में लेकर विश्वविद्यालय परिसर से हटा दिया गया। जामिया मिल्लिया इस्लामिया छात्र संघ (जेएमआईएसयू) की बहाली की मांग को लेकर प्रदर्शन विश्वविद्यालय के इस फैसले के बावजूद जारी है कि छात्र संघ के संविधान को मंजूरी मिलने के 15 दिन के भीतर चुनाव कराए जाएंगे। 

Also readJamia Student Protests: जामिया ने भूख हड़ताल कर रहे छात्र को अंतिम नोटिस जारी कर परिसर खाली करने को कहा 

प्रदर्शनकारी छात्रों का कहना है कि प्रशासन को चुनाव की निश्चित तिथि घोषित करनी चाहिए। जामिया में छात्र संघ चुनाव 2006 से नहीं हुए हैं। छात्रों ने संघ के संविधान को मंजूरी देने के लिए भी समयसीमा निर्धारित करने की मांग की है। विश्वविद्यालय ने सोमवार को आदेश जारी कर कहा था कि छात्र संघ के संविधान को मंजूरी मिलने के 15 दिन के भीतर चुनाव कराए जाएंगे। 

इसके साथ ही प्रदर्शन के दौरान छात्रों को जारी निलंबन और कारण बताओ नोटिस वापस ले लिए गए तथा सुरक्षाकर्मियों के आचरण की जांच के लिए एक समिति गठित की गई। 

प्रदर्शनकारी छात्रों ने कहा कि प्रशासन का फैसला उनकी मांगों को पूरा नहीं करता, क्योंकि छात्र संघ के संविधान को मंजूरी देने की कोई समय-सीमा तय नहीं की गई है। उनकी मांग है कि 2006 से नहीं हुए छात्र संघ चुनाव की निश्चित तारीख घोषित की जाए। छात्रों के संगठन के मुताबिक, चार छात्र इस मुद्दे पर अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर हैं। संस्थान में तनाव के बीच जामिया ने छात्रों की सुरक्षा का हवाला देते हुए 24 अक्टूबर को सभी कक्षाएं ऑनलाइन कर दी थीं।

MakeCAREERS360
My Trusted Source
Trusted Source ImageAdd as a preferred source on google
[

विशेष समाचार

]

Download Our App

Start you preparation journey for JEE / NEET for free today with our APP

  • Students300M+Students
  • College36,000+Colleges
  • Exams550+Exams
  • Ebooks1500+Ebooks
  • Certification16000+Certifications