Press Trust of India | August 16, 2026 | 11:42 AM IST | 2 mins read
चंपई सोरेन ने कहा कि सैकड़ों छात्र अपने घरों से दूर स्वतंत्रता दिवस पर भी जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में रहने को मजबूर हैं। अगर आप नौकरी बेचने वाले गिरोह का हिस्सा नहीं हैं तो सीबीआई जांच की सिफारिश करने में क्या परेशानी है?

नई दिल्ली: झारखंड में भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के खिलाफ आंदोलन कर रहे छात्रों ने शनिवार को देश के 80वें स्वतंत्रता दिवस के मौके पर रांची में ‘तिरंगा यात्रा’ निकाली और 20 अगस्त को मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के आवास का घेराव करने की घोषणा की। प्रदर्शनकारी मुख्यमंत्री से इस्तीफे की मांग कर रहे हैं। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि रविवार को राज्य के सभी 24 जिलों में मुख्यमंत्री और कांग्रेस नेता राहुल गांधी के पुतले जलाए जाएंगे।
उन्होंने आरोप लगाया कि सत्तारूढ़ झामुमो-कांग्रेस गठबंधन उनकी मांगों पर ठोस कार्रवाई करने में विफल रहा है। छात्रों के आंदोलन का शनिवार को 22वां दिन है। स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर रांची में निकाली गई तिरंगा यात्रा में हजारों छात्र और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे अभ्यर्थी शामिल हुए। इनमें दो ऐसे प्रदर्शनकारी भी शामिल थे जो व्हीलचेयर पर हैं और अनशन कर रहे हैं। प्रदर्शनकारी भर्ती परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता और रिफॉर्म की मांग कर रहे हैं।
जेएसएससी-जेपीएससी रिफॉर्म मंच के नेता रविंद्र पासवान ने कहा, “हम 20 अगस्त को मुख्यमंत्री आवास का घेराव करेंगे। हम मुख्यमंत्री के इस्तीफे की मांग करते हैं, क्योंकि झामुमो और कांग्रेस दोनों हमारे साथ राजनीति कर रहे हैं। अगर मुख्यमंत्री उनकी बात नहीं सुन रहे हैं तो कांग्रेस नेता राहुल गांधी को झामुमो नीत गठबंधन से समर्थन वापस लेना चाहिए।” प्रदर्शनकारियों ने कहा कि जब तक सरकार उनकी मांगें पूरी नहीं करती, तब तक आंदोलन वापस नहीं लिया जाएगा।
उनकी प्रमुख मांगों में जिन परीक्षाओं में कथित गड़बड़ी मिली है, उन्हें रद्द करना और भर्ती प्रक्रिया की स्वतंत्र जांच कराना शामिल है। छात्रों ने अनियमितताओं की जांच केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) या झारखंड से बाहर के सेवानिवृत्त न्यायाधीशों की समिति से कराने की मांग की है। जेएसएससी-जेपीएससी रिफॉर्म मंच ने संदिग्ध मानी जा रही जेएसएससी-सीजीएल और कुछ जेपीएससी परीक्षाओं को रद्द करने की भी मांग की है।
प्रदर्शनकारियों ने झारखंड के छात्रों से 20 अगस्त को प्रस्तावित घेराव में शामिल होने के लिए रांची पहुंचने की अपील की। उन्होंने कहा कि मांगें पूरी होने तक आंदोलन जारी रहेगा। छात्र नेताओं ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर भी निशाना साधते हुए कहा कि उन्होंने छात्रों का समर्थन किया था, लेकिन उसके बाद कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। उन्होंने मांग की कि यदि झामुमो सरकार उनकी चिंताओं पर कार्रवाई नहीं करती है तो कांग्रेस को अपना समर्थन वापस लेना चाहिए।
चंपई सोरेन ने कहा कि सैकड़ों छात्र अपने घरों से दूर स्वतंत्रता दिवस पर भी जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में रहने को मजबूर हैं। उन्होंने कहा, “अगर आप नौकरी बेचने वाले गिरोह का हिस्सा नहीं हैं तो सीबीआई जांच की सिफारिश करने में क्या परेशानी है?” वहीं, राज्य सरकार ने भर्ती प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी और सुरक्षित बनाने के लिए कदम उठाने की बात कही है।