JAIN Online M.Com Program: जैन ऑनलाइन ने अकाउंटिंग एंड फाइनेंस में 2 वर्षीय एम. कॉम प्रोग्राम शुरू किया
Saurabh Pandey | January 16, 2025 | 03:34 PM IST | 2 mins read
हाल के सर्वेक्षणों के अनुसार, अकाउंटिंग एंड फाइनेंस क्षेत्रों में वर्तमान में बड़े पैमाने पर 70,000-100,000 नौकरियों के अवसर हैं, जो इसे करियर विकास के लिए सबसे अधिक मांग वाले डोमेन में से एक बनाता है।
नई दिल्ली : जैन ऑनलाइन, जैन (डीम्ड-टू-बी यूनिवर्सिटी) की ई-लर्निंग शाखा, अकाउंटिंग और फाइमेंस में 2-वर्षीय ऑनलाइन मास्टर ऑफ कॉमर्स (एम.कॉम) कार्यक्रम शुरू कर रहा है। इस कार्यक्रम का उद्देश्य शिक्षार्थियों को प्रतिस्पर्धी बिजनेस माहौल में उत्कृष्टता प्राप्त करने के लिए आवश्यक एडवांस्ड एनालिटिकल और फाइनेंशियल स्किल से लैस करना है।
हाल के सर्वेक्षणों के अनुसार, अकाउंटिंग एंड फाइनेंस क्षेत्रों में वर्तमान में बड़े पैमाने पर 70,000-100,000 नौकरियों के अवसर हैं, जो इसे करियर विकास के लिए सबसे अधिक मांग वाले डोमेन में से एक बनाता है। इस कार्यक्रम के स्नातक अपनी रोजगार क्षमता में 40% तक की वृद्धि देख सकते हैं, जो आर्थिक सलाहकार, मुख्य वित्त अधिकारी, बाहरी लेखा परीक्षक, निवेश बैंकर, अनुसंधान विश्लेषक, कॉर्पोरेट मूल्यांकन विशेषज्ञ, कर, सलाहकार जैसी प्रभावशाली कैरियर भूमिकाओं के लिए पेशेवरों को तैयार करने में इसके महत्व को उजागर करता है।
JAIN Online M.Com Program: सेमेस्टर फीस
जैन ऑनलाइन के 2 वर्षीय अकाउंटिंग एंड फाइनेंस में एम. कॉम प्रोग्राम के लिए प्रति सेमेस्टर 32500 रुपये फीस जमा करना होगा। इसमें 2500 रुपये पहली बार एडमिशन के लिए रजिस्ट्रेशन करते समय जमा करना होगा। कुल मिलाकर दो वर्ष के लिए उम्मीदवारों को 130,000 रुपये सेमेस्टरवाइज जमा करना होगा।
JAIN Online M.Com Program: पात्रता मानदंड
यूजीसी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से किसी भी स्ट्रीम में न्यूनतम तीन तीन वर्ष की अवधि के स्नातक (बैचलर) कार्यक्रम में उत्तीर्ण होना चाहिए। इसके साथ ही जो उम्मीदवार स्नातक कार्यक्रम के अंतिम सेमेस्टर में हैं वे भी आवेदन करने के पात्र हैं।
JAIN Online M.Com Program: पाठ्यक्रम में चार सेमेस्टर
इस पाठ्यक्रम में चार सेमेस्टर में पेश किए जाने वाले हैं, जिसमें फाइनेंशियल मॉडलिंग, फिनटेक, डेरिवेटिव, बैंकिंग और फाइनेंशियल सेवाएं, कॉर्पोरेट लॉ, इन्वेस्ट एनालिसिस, जीएसटी और कस्टम लॉ और कई अन्य हैं। प्रोजेक्ट रिसर्च के माध्यम से शिक्षार्थियों को प्रैक्टिकल अनुभव भी प्राप्त होगा, जो वास्तविक दुनिया की वित्तीय चुनौतियों पर काबू पाने के लिए महत्वपूर्ण होगा।
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जैन (डीम्ड-टू-बी-यूनिवर्सिटी) के कुलपति डॉ. राज सिंह ने कहा कि अकाउंटिंग और फाइनेंस में हमारा ऑनलाइन एम.कॉम शिक्षार्थियों को थ्योरी और प्रैक्टिकल नॉलेज दोनों से लैस करके उद्योग की जरूरतों को पूरा करने के लिए डिजाइन किया गया है। फिनटेक और फाइनेंशियल मॉडलिंग जैसे एडवांस्ड विषयों का अनुभव प्रदान करके, यह कार्यक्रम शिक्षार्थियों को फाइनेंस क्षेत्र में उच्च मांग वाली भूमिकाओं में सफलता के लिए आवश्यक स्किल बनाने में मदद करेगा।
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