Independence Day 2025: भारत कल मनाएगा अपना 79वां स्वतंत्रता दिवस, इतिहास और इस वर्ष की थीम जानें
Abhay Pratap Singh | August 14, 2025 | 02:06 PM IST | 2 mins read
ब्रिटिश शासन से 1947 में आजादी के बाद पहली बार भारतीय राष्ट्रीय ध्वज 15 अगस्त, 1947 को दिल्ली के लाल किले पर भारत के प्रथम प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू द्वारा फहराया गया था।
नई दिल्ली: भारत इस वर्ष 15 अगस्त को अपना 79वां स्वतंत्रता दिवस मनाएगा। साल 1947 को इसी दिन भारत को ब्रिटिश शासन से आजादी मिली थी। स्वतंत्रता दिवस का मुख्य कार्यक्रम दिल्ली के लाल किले में आयोजित किया जाएगा, जहां प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी राष्ट्रीय ध्वज तिरंगा फहराएंगे, उसके बाद राष्ट्रगान, गार्ड ऑफ ऑनर और 21 तोपों की सलामी दी जाएगी।
अंग्रेजी हुकूमत से 1947 में आजादी के बाद पहली बार भारतीय राष्ट्रीय ध्वज 15 अगस्त, 1947 को दिल्ली के लाल किले पर भारत के प्रथम प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू द्वारा फहराया गया था। उस दिन से हर साल भारत के प्रधानमंत्री द्वारा लाल किले पर आयोजित स्वतंत्रता दिवस समारोह का नेतृत्व किया जाता है।
Independence Day 2025 Theme: स्वतंत्रता दिवस 2025 थीम
सरकार ने अभी तक 79वें स्वतंत्रता दिवस की आधिकारिक थीम की घोषणा नहीं की है। उम्मीद है कि यह समारोह “अमृत काल” पर केंद्रित होगा, जिसमें समावेशी विकास, नवाचार, एकता और राष्ट्र-निर्माण पर जोर दिया जाएगा। हालांकि, पिछलों वर्षों में स्वतंत्रता दिवस की थीम ‘एकता, देशभक्ति, सामाजिक विकास और स्वतंत्रता सेनानियों के योगदान’ पर आधारित रही।
भारत की स्वतंत्रता की आधिकारिक घोषणा ब्रिटिश संसद ने भारतीय स्वतंत्रता अधिनियम 1947 के माध्यम से की थी। भारत में स्वतंत्रता दिवस एक राष्ट्रीय अवकाश है, जिसे पूरे देश में ध्वजारोहण समारोहों, सांस्कृतिक कार्यक्रमों और राज्यों की राजधानियों, स्कूलों और सार्वजनिक स्थानों पर परेड के साथ मनाया जाता है।
इस वर्ष सरकार दिल्ली के 79वें स्वतंत्रता दिवस समारोह में 50 सफाई कर्मचारियों को उनकी सेवा के लिए विशेष अतिथि के रूप में सम्मानित करेगी। दिल्ली के प्रत्येक क्षेत्रीय कार्यालय को 5 कर्मचारियों, जिनमें तीन महिलाओं और दो पुरुषों तथा उनके जीवनसाथी को नामित करने के लिए कहा गया है।
79th Independence Day 2025: भारत के स्वतंत्रता दिवस का इतिहास
- भारतीय स्वतंत्रता संग्राम में असहयोग आंदोलन (1920-22), सविनय अवज्ञा आंदोलन (1930-32) और भारत छोड़ो आंदोलन (1942) जैसे कई आंदोलन शामिल थे।
- द्वितीय विश्व युद्ध के चलते आर्थिक संकट का सामना कर रही ब्रिटिश सरकार ने भारत को स्वतंत्रता देने के लिए तैयार थी।
- भारत के अंतिम वायसराय लार्ड माउंटबेटन ने भारत की आजादी के लिए 15 अगस्त, 1947 की तिथि का चयन किया था।
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