IIT Roorkee: आईआईटी रुड़की ने राष्ट्रीय और वैश्विक बीमारियों के उपचारों के लिए विकसित किया एंटीबॉडी खोज मंच
Press Trust of India | January 21, 2026 | 11:21 AM IST | 2 mins read
आईआईटी-रुड़की के वैज्ञानिकों के नेतृत्व में किया गया यह अनुसंधान संक्रामक रोगों, कैंसर, स्वप्रतिरक्षी विकारों और उभरते रोगजनकों सहित व्यापक लक्ष्यों के विरुद्ध अत्यधिक स्थिर तथा एंटीबॉडी की जल्द से जल्द पहचान को सक्षम बनाता है।
देहरादून: भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (IIT), रुड़की ने किफायती स्वास्थ्य सेवा, महामारी की तैयारी और स्वदेशी जैवप्रौद्योगिकी नवाचार की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बढ़ाते हुए अगली पीढ़ी का एक एंटीबॉडी खोज मंच विकसित किया है। इसमें विभिन्न राष्ट्रीय और वैश्विक बीमारियों के निदान व उपचारों को रूपांतरित करने की क्षमता है।
आईआईटी-रुड़की के वैज्ञानिकों के नेतृत्व में किया गया यह महत्वपूर्ण अनुसंधान संक्रामक रोगों, कैंसर, स्वप्रतिरक्षी विकारों और उभरते रोगजनकों सहित व्यापक लक्ष्यों के विरुद्ध अत्यधिक स्थिर तथा एंटीबॉडी की जल्द से जल्द पहचान को सक्षम बनाता है। इस पहल से खासतौर पर सार्वजनिक स्वास्थ्य आपात स्थितियों के दौरान स्वास्थ्य प्रतिक्रिया में समाधान तलाशना है।
आईआईटी रुड़की के जैवविज्ञान और जैवअभियांत्रिकी विभाग के प्रोफेसर राजेश कुमार ने कहा, “यह कार्य विज्ञान के प्रति आईआईटी-रुड़की की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।”
उन्होंने कहा, “भारत के भीतर एक सार्वभौमिक, उच्च-विविधता एंटीबॉडी खोज प्रणाली विकसित कर हम तेज रोग प्रतिक्रिया के लिए राष्ट्रीय क्षमताओं को सुदृढ़ कर रहे हैं और उन जनसंख्याओं के लिए किफायती निदान व उपचारों के विकास को गति दे रहे हैं, जिन्हें इसकी सबसे अधिक आवश्यकता है।” यह अनुसंधान विशेष रूप से निम्न और मध्यम-आय वाले देशों के लिए प्रासंगिक है, जहां समय पर और लागत-प्रभावी स्वास्थ्य समाधानों तक पहुंच एक सतत चुनौती बनी हुई है।
यह पहल, भारत सरकार की आत्मनिर्भर भारत और ‘मेक इन इंडिया’ जैसी प्रमुख प्राथमिकताओं का भी समर्थन करती है, क्योंकि यह स्वदेशी अनुसंधान क्षमताओं को सुदृढ़, बौद्धिक संपदा का सृजन व आयातित जैविक उत्पादों पर निर्भरता को कम करती है।
आईआईटी रुड़की के निदेशक प्रोफेसर के. के. पंत ने बताया, “यह विकास दर्शाता है कि कैसे मौलिक अनुसंधान, अनुवादात्मक उद्देश्य और उद्योग सहयोग के साथ मिलकर तात्कालिक सामाजिक चुनौतियों का समाधान किया जा सकता है।”
आईआईटी रुड़की ने प्रौद्योगिकी अंतरण, विस्तार और एंटीबॉडी-आधारित समाधानों के सत्यापन के समर्थन के लिए आईएमजीनएक्स इंडिया प्राइवेट लिमिटेड के साथ एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए हैं ताकि सहयोगात्मक अनुसंधान, एंटीबॉडी अभियांत्रिकी, निदान, उपचार व जैवप्रसंस्करण विकास जैसे क्षेत्रों में दक्षता विकास को बढ़ावा दिया जा सके।
आईएमजीनएक्स इंडिया प्राइवेट लिमिटेड के एक वरिष्ठ प्रतिनिधि ने कहा, “आईआईटी-रुड़की के साथ यह सहयोग अकादमिक अनुसंधान और औद्योगिक विकास में पूरक शक्तियों को एक साथ लाता है, जिसका साझा उद्देश्य अगली पीढ़ी की एंटीबॉडी प्रौद्योगिकियों को मापनीय और किफायती स्वास्थ्य समाधानों में रूपांतरित करना है।”
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