IIT Madras: आईआईटी मद्रास ने AI और डेटा एनालिटिक्स में बीटेक प्रोग्राम किया शुरू, जेईई एडवांस से मिलेगा प्रवेश
Abhay Pratap Singh | June 14, 2024 | 03:06 PM IST | 2 mins read
जोसा काउंसलिंग 2024 के माध्यम से वाधवानी स्कूल ऑफ डेटा साइंस एंड एआई नए बीटेक कार्यक्रम में 50 छात्रों को प्रवेश देगा।
नई दिल्ली: भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान मद्रास (IIT Madras) ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और डेटा एनालिटिक्स में बीटेक प्रोग्राम शुरू किया है। आगामी शैक्षणिक सत्र 2024-25 से इस कार्यक्रम में छात्रों को प्रवेश दिया जाएगा। जेईई एडवांस 2024 परीक्षा के माध्यम से अभ्यर्थी बीटेक कार्यक्रम में प्रवेश ले सकेंगे।
इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी मद्रास के नए बीटेक कोर्स एआई और डेटा एनालिटिक्स में 50 छात्रों को प्रवेश दिया जाएगा। बता दें कि, 2024 बैच के लिए संयुक्त सीट आवंटन प्राधिकरण (JOSAA) काउंसलिंग 2024 ऑफिशियल वेबसाइट josaa.nic.in पर आयोजित की जा रही है।
संस्थान ने एक आधिकारिक बयान में कहा कि, “हमारा लक्ष्य दुनिया भर में शीर्ष एआई-केंद्रित स्कूलों में से एक बनना है और साथ ही डेटा साइंस और एआई से संबंधित नीति क्षेत्रों पर सरकार और नीति निर्माताओं को सलाह देना है।” वाधवानी स्कूल ऑफ डेटा साइंस एंड एआई द्वारा यह पाठ्यक्रम आयोजित किया जाएगा।
इस इंजीनियरिंग कार्यक्रम का उद्देश्य एआई और डेटा एनालिटिक्स के विविध पहलुओं में विशेषज्ञता प्रदान करना तथा उद्योगों में इसके अनुप्रयोगों का एक व्यापक दृष्टिकोण शामिल करना है। इसमें गणित के मूल सिद्धांतों, डेटा साइंस/ एआई/ मशीन लर्निंग फाउंडेशन/ एप्लीकेशन डेवलपमेंट और डिजाइन पर जोर दिया जाएगा।
कार्यक्रम पर प्रकाश डालते हुए आईआईटी मद्रास के निदेशक प्रोफेसर वी कामकोटि ने कहा, “एआई इंजीनियरिंग, विज्ञान और मानविकी विषयों में विकसित हो रहा है। इस क्षेत्र में सफल होने के लिए इन बहु-विषयक संबंधों को समझना काफी महत्वपूर्ण है। एआई और डेटा एनालिटिक्स में बीटेक इस पहलू को संबोधित करने के लिए विशिष्ट रूप से सक्षम है।”
प्रोफेसर कामकोटि ने आगे कहा कि, “यह दुनिया में अपनी तरह का पहला कार्यक्रम है। इस प्रोग्राम के माध्यम से आईआईटी मद्रास शीर्ष स्तर के एआई पेशेवरों, उद्यमियों और शोधकर्ताओं को तैयार करेगा, जो एआई की चुनौतियों का आत्मविश्वास के साथ सामना कर सकें।”
इस कार्यक्रम पर प्रकाश डालते हुए वाधवानी स्कूल ऑफ डेटा साइंस एंड एआई के प्रमुख प्रोफेसर बी रविंद्रन ने कहा, “एआई उस बिंदु पर है जहां कंप्यूटर विज्ञान 30 साल पहले था। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) एक बहुत ही परिवर्तनकारी तकनीक होगी। यह इस पीढ़ी और शायद आने वाली पीढ़ी के लिए भी तकनीकी विकास को परिभाषित करेगी।”
प्रोफेसर रविंद्र ने आगे कहा कि, एआई और डेटा एनालिटिक्स में बीटेक कार्यक्रम स्नातक पाठ्यक्रम होगा। हम यह सुनिश्चित करेंगे कि छात्रों को एआई के मूल सिद्धांतों के बारे में पर्याप्त जानकारी हो ताकि यदि वे अनुसंधान करियर में जाना चाहें तो वे स्वयं ही चीजें सीख सकें।
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