IIT Madras: आईआईटी मद्रास ने डिजिटल मैरीटाइम-सप्लाई चेन में दुनिया का पहला एमबीए प्रोग्राम किया लॉन्च
Saurabh Pandey | June 28, 2024 | 05:38 PM IST | 2 mins read
आईआईटी मद्रास की तरफ से छात्रों को छात्रवृत्ति भी दी जाएगी, जिसमें पाठ्यक्रम शुल्क का 50% तक शामिल होगा, और पाठ्यक्रम बैंक ऋण के लिए पात्र है।
नई दिल्ली : भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान-मद्रास (आईआईटी-मद्रास) ने वर्किंग प्रोफेशनल्स के लिए डिजिटल मैरीटाइम और सप्लाई चेन में दुनिया का पहला ऑनलाइन एमबीए कार्यक्रम शुरू किया है। नया एमबीए पाठ्यक्रम मैनेजमेंट स्टडी, महासागर इंजीनियरिंग विभाग के साथ-साथ उद्योग भागीदार आई-मैरीटाइम कंसल्टेंसी द्वारा विकसित किया गया है। इसका उद्देश्य समुद्री व्यापार और आपूर्ति श्रृंखला प्रबंधन में वैश्विक कामकाजी पेशेवरों को कुशल बनाना है।
डिजिटल मैरीटाइम और सप्लाई चेन में एमबीए करने के लिए उम्मीदवारों को कम से कम 60 प्रतिशत अंकों के साथ स्नातक की डिग्री और न्यूनतम दो साल का कार्य अनुभव वाले छात्र एमबीए कार्यक्रम के लिए आवेदन करने के पात्र हैं। नए आईआईटी मद्रास एमबीए कार्यक्रम के लिए प्रवेश प्रक्रिया में शॉर्टलिस्ट किए गए उम्मीदवारों के लिए एक ऑनलाइन परीक्षा और उसके बाद एक व्यक्तिगत साक्षात्कार शामिल है।
यह 2-वर्षीय कार्यक्रम IoT, AI, ML और ब्लॉकचेन जैसी अत्याधुनिक डिजिटल तकनीकों पर ध्यान केंद्रित करेगा, जिससे छात्रों की आधुनिक समुद्री चुनौतियों से निपटने और करियर में आगे बढ़ने में मदद मिलेगी।
एमबीए प्रोग्राम की फीस 9 लाख रुपये
चयनित उम्मीदवार एक टोकन राशि का भुगतान करके सीट ब्लॉक कर सकते हैं। नए एमबीए प्रोग्राम की फीस 9 लाख रुपये है और इसका भुगतान किश्तों में किया जा सकता है। इसके बाद उम्मीदवार आवश्यक दस्तावेज ऑनलाइन जमा कर सकते हैं और बाकी शुल्क का भुगतान करके प्रक्रिया पूरी कर सकते हैं।
आईआईटी मद्रास एमबीए प्रोग्राम
आईआईटी मद्रास एमबीए प्रोग्राम को चार साल तक बढ़ाया जा सकता है। इसमें 900 घंटे के कक्षा सत्र और परियोजना कार्य शामिल हैं, जिससे कुल 192 क्रेडिट बनते हैं। कार्यक्रम के पाठ्यक्रम में छह ऑन-कैंपस विसर्जन मॉड्यूल और डिजिटल समुद्री पुस्तकालय सहित आईआईटी मद्रास के शिक्षण संसाधनों तक पहुंच शामिल है।
एमबीए (डिजिटल समुद्री और आपूर्ति श्रृंखला) कार्यक्रम के पहलुओं पर प्रकाश डालते हुए आईआईटी मद्रास के निदेशक प्रोफेसर वी. कामकोटि ने कहा कि यह अभिनव कार्यक्रम आधुनिक समुद्री जटिलताओं को सुलझाने में प्रोफेशनल्स और उद्यमियों की विशेषज्ञता को बढ़ाने के लिए डिजाइन किया गया है।
आईआईटी मद्रास के एमबीए (डिजिटल मैरीटाइम एंड सप्लाई चेन) प्रोग्राम के चेयरपर्सन और आईआईटी मद्रास के डीन (फैकल्टी) प्रो. के. मुरली ने कहा कि यह कार्यक्रम कामकाजी पेशेवरों के लिए तैयार किया गया है। आईआईटी मद्रास में, हम आपकी सफलता के लिए प्रतिबद्ध हैं।
आईआईटी मद्रास के प्रबंधन अध्ययन विभाग के प्रमुख, प्रो. एम. थेनमोझी ने कहा कि समुद्री और आपूर्ति श्रृंखला उद्योगों में डिजिटल प्रौद्योगिकियों का एकीकरण साइबर सुरक्षा सुनिश्चित करने से लेकर डेटा एनालिटिक्स के प्रबंधन और ब्लॉकचेन को लागू करने तक महत्वपूर्ण चुनौतियां पेश करता है।
अगली खबर
]विशेष समाचार
]- IRIS 2026: 27 क्षेत्रों के 54 स्कॉलर्स को मिला फैकल्टी रिसर्च अवार्ड; आईआईटी, एम्स, आईआईएम के शोधकर्ता शामिल
- IRIS 2026: इंडिया रिसर्च एंड इम्पैक्ट समिट 1 अक्टूबर को, नीति आयोग सदस्य समेत कई दिग्गज एजुकेटर्स होंगे शामिल
- UPSC Mains Marks: केंद्रीय सूचना आयोग ने यूपीएससी मेंस के अंकों का विवरण प्रकाशित करने की सिफारिश की
- JEE Advanced: जेईई-एडवांस्ड में 3 प्रयास की मांग तेज, 12,000 से अधिक अभ्यर्थियों ने मंत्रालय को दिया प्रतिवेदन
- NITI Aayog Report: स्कूलों में छठी कक्षा से ही रोजगारपरक कौशल पर हो ध्यान, नीति आयोग का सुझाव
- आजादी के 80वें साल में भी 'कागजी' दावों के बीच फंसी शिक्षा व्यवस्था; पेपर लीक व बजट की कमी से जूझ रहे छात्र
- Teacher Vacancy Crisis: बिहार में टीचर्स के 2.70 लाख+ पद खाली; झारखंड, एमपी समेत कई राज्यों में हजारों वैकेंसी
- NEET 2026 Paper Leak: नीट पेपर तैयार और अनुवाद का काम एक ही समूह के शिक्षकों को देने से हुई गड़बड़ी - सूत्र
- MCC NEET Counselling 2026: नीट काउंसलिंग शेड्यूल जल्द, जेपी नड्डा ने की समीक्षा, छात्र-केंद्रित कई बड़े सुधार
- NEET Paper Leak: एक नहीं कई बार लीक हो चुका है नीट का पेपर; जानिए काला सच