IIT-K Golden Jubilee Reunion: आईआईटी कानपुर को गोल्डन जुबली रीयूनियन में 1976 बैच से 13.40 करोड़ रुपये मिले
Santosh Kumar | February 10, 2026 | 07:15 PM IST | 1 min read
आईआईटी कानपुर के डायरेक्टर प्रोफेसर मनिंद्र अग्रवाल ने इस योगदान पर गर्व जताते हुए कहा कि 1976 बैच की उपलब्धियां और मूल्य इंस्टीट्यूट के लिए गर्व का विषय हैं।
नई दिल्ली: इंडियन इंस्टिट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी कानपुर (आईआईटी कानपुर) के 1976 बैच ने अपने गोल्डन जुबली रीयूनियन के दौरान अपने पुराने संस्थान को ₹13.40 करोड़ देने की घोषणा की। हाल ही में कैंपस में हुए इस रीयूनियन में 50 साल बाद देश और विदेश के पुराने छात्र इकट्ठा हुए। इस डोनेशन का मकसद इंस्टिट्यूट के खास एकेडमिक, रिसर्च और इंस्टीट्यूशनल कामों को मजबूत करना है।
इस पर इंस्टीट्यूट की तरफ से बयान में भी जारी किया गया। आईआईटी कानपुर के डायरेक्टर प्रोफेसर मनिंद्र अग्रवाल ने इस योगदान पर गर्व जताते हुए कहा कि 1976 बैच की उपलब्धियां और मूल्य इंस्टीट्यूट के लिए गर्व का विषय हैं।
यह दान आने वाली पीढ़ियों के लिए एकेडमिक और इंस्टीट्यूशनल इकोसिस्टम को मजबूत करेगा। यह डोनेशन IIT कानपुर के एजुकेशन, रिसर्च, इंफ्रास्ट्रक्चर और इनोवेशन के अलग-अलग एरिया में मदद करेगा।
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बैच की ओर से, एल्युम्नाई मुक्तेश पंत ने लगभग 25 साल पहले किए गए एक बैच के कंट्रीब्यूशन का ज़िक्र किया, जो इंस्टिट्यूट के समझदारी भरे इन्वेस्टमेंट से बढ़ा और बाद में एलवीएडी प्रोजेक्ट की ओर लगाया गया।
एल्युम्नाई के लगातार शामिल होने की तारीफ करते हुए, रिसोर्सेज और एल्युम्नाई के डीन प्रो. अमेय करकरे ने कहा कि एल्युम्नाई आईआईटी कानपुर की सबसे बड़ी ताकत हैं। उन्होंने कहा कि यह डोनेशन इंस्टीट्यूशनल डेवलपमेंट को बढ़ाएगा।
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