Saurabh Pandey | August 27, 2026 | 06:51 PM IST | 2 mins read
आईआईटी दिल्ली ने छात्रों की भलाई के लिए बीटेक की पढ़ाई से न्यूनतम CGPA की शर्त हटा दी है और कोर्स का बोझ हल्का किया है। साथ ही, छात्रों का तनाव कम करने के लिए 24 घंटे मानसिक स्वास्थ्य सहायता, काउंसलिंग और मेंटरशिप जैसी सुविधाएं लागू की हैं।

नई दिल्ली : आईआईटी दिल्ली (IIT Delhi) ने अपने छात्रों की भलाई और मानसिक स्वास्थ्य को प्राथमिकता देते हुए अपने सपोर्ट इन्फ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने के लिए कई अहम पहल की हैं। संस्थान का उद्देश्य एक ऐसा वातावरण तैयार करना है जहां प्रत्येक छात्र खुद को सुरक्षित महसूस करे।
नए पाठ्यक्रम के तहत प्रथम सेमेस्टर के क्रेडिट बोझ को कम किया गया है, लाइफ स्किल्स कोर्स शामिल किए गए हैं और पहले वर्ष की कक्षा में छात्रों की संख्या 30-60 तक सीमित की गई है। वीकेंड परीक्षाओं को कम किया गया है और शैक्षणिक सत्र 2024-25 से बी.टेक. की डिग्री के लिए न्यूनतम CGPA मानदंड को पूरी तरह हटा दिया गया है।
स्टूडेंट-टीचर इंटरैक्शन काउंसिल (STIC) के मार्गदर्शन में नियमित गेट-टू-गेदर का आयोजन किया जा रहा है। फैकल्टी सदस्य ओपन-डोर ऑफिस आवर्स, हॉस्टल गतिविधियों और फीडबैक लूप्स के जरिए छात्रों से सीधे संवाद कर रहे हैं।
छात्रों की 24/7 सहायता के लिए काउंसलर्स, AIIMS/VIMHANS के विशेषज्ञों की टीम उपलब्ध है। बाहरी इलाज का खर्च पूरी तरह से रीइम्बर्स किया जाता है। 'यूजी बडी प्रोग्राम' का विस्तार पीजी और इंटरनेशनल छात्रों तक किया गया है, जबकि NRCVEE द्वारा 2001 से योग और ध्यान मॉड्यूल चलाए जा रहे हैं।
शिकायतों के तुरंत और पारदर्शी समाधान के लिए एक केंद्रीकृत ट्रैकिंग ERP पोर्टल और बोर्ड फॉर स्टूडेंट वेलफेयर (BSW) की व्यवस्था की गई है।
स्टूडेंट अफेयर्स काउंसिल (SAC) द्वारा छात्रों का प्रतिनिधित्व किया जा रहा है। वहीं, 2023 से काम कर रहा एकेडमिक प्रोग्रेस ग्रुप (APG) पढ़ाई में कठिनाई का सामना कर रहे छात्रों को शाम के समय ट्यूशन और बैकलाग पूरा करने में मदद कर रहा है।
'ऑफिस ऑफ डाइवर्सिटी एंड इंक्लूजन' (ODI) 2022 से कैंपस में भेदभाव-मुक्त माहौल और सभी के लिए सुलभता (एक्सेसिबिलिटी) से जुड़े प्रोग्राम चला रहा है। इसके साथ ही, 'इनिशिएटिव फॉर जेंडर इक्विटी एंड सेंसिटाइजेशन' (IGES), 'इनिशिएटिव फॉर कास्ट इक्विटी' (ICE), 'ऑफिस ऑफ एक्सेसिबल एजुकेशन' (OAE) वगैरह नए छात्रों के लिए खास ओरिएंटेशन प्रोग्राम चलाते हैं। ये प्रोग्राम जाति, लिंग, भाषा, क्षेत्र और जातीयता से जुड़े छिपे हुए और खुले भेदभाव के बारे में जागरूकता और ट्रेनिंग देते हैं।
छात्रों का कल्याण और मानसिक स्वास्थ्य आईआईटी दिल्ली के लिए सबसे अहम है। संस्थान अपने सिस्टम को और मजबूत करता रहेगा और सभी जरूरी कदम उठाएगा ताकि छात्रों को उनकी पढ़ाई के दौरान जरूरी मदद और देखभाल मिल सके।