Abhay Pratap Singh | August 8, 2026 | 05:07 PM IST | 2 mins read
आईआईटी दिल्ली के 2026 दीक्षांत समारोह में 587 डॉक्टर ऑफ फिलॉसफी (PhD) स्कॉलर्स समेत कुल 3,036 छात्रों को डिग्रियां प्रदान की गईं।

नई दिल्ली: भारतीय प्रौद्योगिक संस्थान दिल्ली (IIT Delhi) द्वारा 8 अगस्त को आयोजित 57वें दीक्षांत समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। इस दौरान अपने संबोधन में पीएम ने छात्रों से बिना सोच-समझकर स्वीकार करने वाली बातों को परखने और उन पर सवाल उठाने की अपील की। उन्होंने आगे कहा, सिर्फ सवाल पूछकर मत रुकें, उनका समाधान खोजने का साहस भी रखें।
आईआईटी दिल्ली के 2026 दीक्षांत समारोह में 587 डॉक्टर ऑफ फिलॉसफी (PhD) स्कॉलर्स समेत कुल 3,036 छात्रों को डिग्रियां प्रदान की गईं।
प्रधानमंत्री मोदी ने आईआईटी दिल्ली के सोनीपत कैंपस में AI-पावर्ड हाई-परफॉर्मेंस फैसिलिटी ‘परम प्रज्ञा’ का भी उद्घाटन किया, जो एडवांस्ड रिसर्च और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) में भारत की क्षमताओं को मजबूत करने की दिशा में एक और कदम है।
मोदी ने आईआईटी ग्रेजुएट्स को संबोधित करते हुए कहा, “आप ऐसे समय में संस्थान से निकल रहे हैं, जब दुनिया बहुत तेजी से बदल रही है। आज दुनिया की स्ट्रैटेजिक इक्वेशंस बहुत तेजी से और ग्लोबल पावर बैलेंस प्रति पल बदल रहा है। इसके पीछे सबसे बड़ी फोर्स है - टेक्नोलॉजी की स्पीड। आज कोई भी निश्चित रूप से नहीं कह सकता कि आने वाले 20-30 वर्षों में दुनिया कैसी होगी।”
अगले 30-35 साल में आप जो कुछ भी करेंगे, वो विकसित भारत की हमारी यात्रा को प्रभावित करेगा। आपके हर निर्णय का आधार ये भी होना चाहिए कि इससे देश को क्या फायदा होगा? इससे देश की कौन सी जरूरत पूरी होगी। आज भारत Economic Self-Reliance, Technological Self-Reliance, Industrial Self-Reliance ऐसे हर सेक्टर में आत्मनिर्भर बनने के लिए काम कर रहा है। यही विकसित भारत की मजबूत नींव का सबूत है।
देश का युवा जितना सशक्त होगा, उतना ही देश सशक्त होगा। सरकार की आधुनिक नीतियों के चलते आज देश में युवाओं के लिए नए-नए सेक्टर्स भी बन रहे हैं।
भारत की स्टार्टअप रिवोल्यूशन को इसी पीढ़ी के आप जैसे युवाओं ने ही तराशा है। यूनिकॉर्न, डिजिटल पेमेंट, फिनटेक रिवोल्यूशन से देश के लाखों युवाओं को पहली बार कुछ नया करने का अवसर मिला है। पीएम रिसर्च फिलोशिप ने प्रतिभाशाली युवाओं को रिसर्च का मौका दिया है।
मोदी ने कहा कि मैं साफ मानता हूं, चिप से लेकर के शिप तक सब कुछ यहीं पर, आप ही के हाथों से बनेगा और कहीं कोई युवा पूरे आत्मविश्वास से कह रहा है - “First in my bloodline to make a chip in India”। उन्होंने कहा, ‘वन नेशन वन सब्सक्रिप्शन’ के माध्यम से आज इंटरनेशनल रिसर्च जर्नल्स देश के छोटे से छोटे शहर में बिना किसी अतिरिक्त लागत के पहुंच रही हैं।