आईआईएमयू में ग्लोबल सप्लाई चेन मैनेजमेंट, डिजिटल एंटरप्राइज मैनेजमेंट में एक वर्षीय एमबीए के लिए पंजीकरण शुरू
Saurabh Pandey | September 26, 2024 | 03:53 PM IST | 2 mins read
आईआईएम उदयपुर में ग्लोबल सप्लाई चेन मैनेजमेंट और डिजिटल एंटरप्राइज मैनेजमेंट में एक वर्षीय एमबीए कार्यक्रम के लिए आवेदन करने वाले उम्मीदवार के पास न्यूनतम 10+2 की स्कूली शिक्षा और कम से कम 50% अंकों या समकक्ष ग्रेड पॉइंट औसत (सीजीपीए) के साथ किसी भी विषय में स्नातक की डिग्री होनी चाहिए।
नई दिल्ली : भारतीय प्रबंधन संस्थान उदयपुर (आईआईएमयू) ने ग्लोबल सप्लाई चेन मैनेजमेंट (जीएससीएम) और डिजिटल एंटरप्राइज मैनेजमेंट (डीईएम) में एक वर्षीय फुल टाइम एमबीए कार्यक्रमों के लिए प्रवेश शुरू कर दिया है। यह कार्यक्रम किसी भी क्षेत्र में न्यूनतम 3 वर्ष के अनुभव वाले प्रोफेशनल्स के लिए है।
जीएससीएम कार्यक्रम मैनेजमेंट के बुनियादी सिद्धांतों और ग्लोबल सप्लाई चेन मैनेजमेंट और लॉजिस्टिक्स में गहन विशेषज्ञता में एक ठोस आधार प्रदान करता है। डीईएम में एमबीए देश का पहला ऐसा कार्यक्रम है, जहां छात्र डिजिटल सिस्टम को मैनेज करने और डेटा-संचालित निर्णय लेने और डिजिटल सिस्टम में जटिल और विविध टीमों का नेतृत्व करने के लिए उन सिस्टम का उपयोग करने के तौर तरीके सीखते हैं।
इन कार्यक्रमों का पाठ्यक्रम न केवल समकालीन मैनेजमेंट क्षेत्रों में मजबूत नींव बनाता है, बल्कि ग्लोबल सप्लाई चेन और डिजिटल के क्षेत्र में अत्याधुनिक और समसामयिक विषयों को भी शामिल करता है। पिछले बैचों को उद्योग जगत से शानदार प्लेसमेंट प्रतिक्रिया मिली है, जिसमें मैनेजमेंट, प्रौद्योगिकी, सप्लाई चेन कंसल्टिंग और अन्य डोमेन की अग्रणी कंपनियों ने छात्रों की भर्ती की है।
IIMU MBA Program: पात्रता मानदंड
- आईआईएम उदयपुर में ग्लोबल सप्लाई चेन मैनेजमेंट और डिजिटल एंटरप्राइज मैनेजमेंट में एक वर्षीय एमबीए कार्यक्रम के लिए आवेदन करने वाले उम्मीदवार के पास न्यूनतम 10+2 की स्कूली शिक्षा और कम से कम 50% अंकों या समकक्ष ग्रेड पॉइंट औसत (सीजीपीए) के साथ किसी भी विषय में स्नातक की डिग्री/समकक्ष योग्यता होनी चाहिए।
- एससी, एसटी और पीडब्ल्यूडी श्रेणियों के आवेदकों के पास न्यूनतम 45% या समकक्ष सीजीपीए होना चाहिए।
- उच्चतर माध्यमिक स्कूली शिक्षा पूरी करने के बाद स्नातक स्तर की न्यूनतम तीन वर्ष की शिक्षा जरूरी।
- जीमैट परीक्षा (10वां संस्करण)/ जीमैट परीक्षा (फोकस संस्करण) (ऑनलाइन या केंद्र आधारित) स्कोर, या जीआरई स्कोर (केंद्र पर या घर पर), परीक्षा की तारीख से पांच साल से अधिक पुराना न हो, या परीक्षाओं का सीएटी स्कोर 2021 या उसके बाद लिया गया हो।
- 28 फरवरी, 2025 तक न्यूनतम 36 महीने का पूर्णकालिक कार्य अनुभव (स्नातक होने के बाद)।
- संस्थान ईडब्ल्यूएस, एनसी-ओबीसी, एससी, एसटी और पीडब्ल्यूडी के लिए भारत सरकार की आरक्षण नीति का पालन करेगा।
सेंटर ऑफ एक्सीलेंस केंद्रों के सलाहकार बोर्डों के सदस्य
ये कार्यक्रम आईआईएम उदयपुर में ग्लोबल सप्लाई चेन मैनेजमेंट और डिजिटल एंटरप्राइज में सेंटर ऑफ एक्सीलेंस केंद्रों के सलाहकार बोर्डों के मार्गदर्शन से लाभान्वित होते हैं। इन बोर्डों के सदस्य देश की कई सफल कंपनियों के अत्यधिक अनुभवी बिजनेस लीडर हैं, जिनमें एक्सेंचर, फ्लिपकार्ट, आईबीएम, डेल्हीवरी, डेलॉइट, डीपी वर्ल्ड, रिलायंस इंडस्ट्रीज, मैनहट्टन एसोसिएट्स, ट्रांसवर्ल्ड और अन्य शामिल हैं।
अगली खबर
]विशेष समाचार
]- बिहार में खुलेगा राष्ट्रीय कला विश्वविद्यालय, ‘भोजपुरी के शेक्सपियर’ भिखारी ठाकुर के नाम पर बनेगा म्यूजियम
- NEET Exam: नीट की कंप्यूटर आधारित परीक्षा से गड़बड़ियों पर लगेगी रोक, बोले पूर्व यूजीसी अध्यक्ष जगदीश कुमार
- JEE Main 2026 Session 2: जेईई मेन सेशन 2 के लिए परसेंटाइल, रॉ मार्क्स व नॉर्मलाइजेशन का सरल विश्लेषण जानें
- JEE Main 2026: एनआईटी भोपाल में बीटेक प्रवेश के लिए जेईई मेन में कितने अंक होने चाहिए; जानें कटऑफ, फीस, पैकेज
- JEE Main 2026 Cutoff for General Category: जेईई मेन 2026 के लिए सामान्य कैटेगरी की अपेक्षित कटऑफ जानें
- JEE Main 2026: एनआईटी पटना के लिए जेईई मेन में कितने मार्क्स चाहिए? जानें पात्रता, फीस, कटऑफ, औसत पैकेज
- JEE Main 2026: एनआईटी इलाहाबाद में प्रवेश के लिए जेईई मेन में कितने अंक चाहिए? पात्रता, फीस और कटऑफ जानें
- JEE Main 2026: एनआईटी दिल्ली के लिए जेईई मेन में कितने मार्क्स चाहिए? जानें पात्रता, फीस, कटऑफ, औसत पैकेज
- राजस्थान की शिक्षा व्यवस्था में बदलाव की तैयारी, ‘लाडू’, ‘रोटलो’ और ‘मोटो बापो’ जैसे स्थानीय शब्द होंगे शामिल
- राजस्थान में 7,000+ कम नामांकन वाले स्कूलों को मर्ज करने की तैयारी, कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने जताया विरोध