हिमाचल प्रदेश सरकार तृतीय श्रेणी के पदों में महिलाओं के लिए 25 प्रतिशत आरक्षण लागू करेगी - सीएम सुक्खू
Press Trust of India | March 9, 2026 | 08:35 AM IST | 2 mins read
एक आधिकारिक बयान के अनुसार, मुख्यमंत्री सुक्खू ने राज्य पुलिस में महिला उप-निरीक्षकों की भर्ती के लिए एक विशेष अभियान की भी घोषणा की।
नई दिल्ली: हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने 8 मार्च को घोषणा करते हुए कहा कि राज्य सरकार सरकारी विभागों में तृतीय श्रेणी के पदों पर भर्ती में महिलाओं के लिए 25 प्रतिशत आरक्षण प्रदान करने वाला कानून लाएगी। राज्य स्तरीय अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस समारोह की अध्यक्षता करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार पुलिस और अन्य सार्वजनिक सेवाओं में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है।
एक आधिकारिक बयान के अनुसार, मुख्यमंत्री सुक्खू ने राज्य पुलिस में महिला उप-निरीक्षकों की भर्ती के लिए एक विशेष अभियान की भी घोषणा की।
नाहन स्थित चौगान मैदान में एक सभा को संबोधित करते हुए सुक्खू ने कहा कि पदभार संभालने के बाद से वह ''दो मोर्चों पर युद्ध'' लड़ रहे हैं, जिसमें एक तरफ वह सरकार को अस्थिर करने की साजिशों से निपट रहे हैं, दूसरी तरफ 2027 तक हिमाचल प्रदेश को आत्मनिर्भर बनाने और 2032 तक दुनिया का सबसे समृद्ध राज्य बनाने के प्रयासों में जुटे हैं।
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उन्होंने आरोप लगाया कि 2024 के राज्यसभा चुनावों के दौरान चुनी हुई सरकार को गिराने के प्रयास में लोकतंत्र को खरीदने के लिए धन बल का इस्तेमाल किया गया। मुख्यमंत्री ने बुनियादी ढांचे और चिकित्सा सुविधाओं को उन्नत करने के लिए नाहन मेडिकल कॉलेज के विकास के लिये 500 करोड़ रुपये के आवंटन की घोषणा की।
उन्होंने 'महिला सम्मान राशि' को एक लाख रुपये से बढ़ाकर दो लाख रुपये करने और अगले शैक्षणिक सत्र से नाहन स्थित सरकारी कॉलेज में प्राणी विज्ञान, एमबीए और इतिहास में स्नातकोत्तर पाठ्यक्रम शुरू करने की भी घोषणा की। अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस की शुभकामनाएं देते हुए सुक्खू ने कहा कि राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता महिलाओं का कल्याण है।
उन्होंने बताया कि सरकार ने पैतृक संपत्ति में 150 बीघा तक बेटियों के समान अधिकारों को सुनिश्चित किया है। उन्होंने कहा कि साथ ही 'इंदिरा गांधी सुख शिक्षा योजना' के तहत राज्य सरकार विधवाओं के बच्चों की उच्च शिक्षा के लिए भी आर्थिक सहायता प्रदान कर रही है।
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