Santosh Kumar | September 23, 2026 | 07:48 AM IST | 2 mins read
उम्मीदवार बोर्ड की वेबसाइट पर दिए गए लिंक के जरिए अपना पिछला रोल नंबर, नाम, पिता का नाम, मां का नाम या रजिस्ट्रेशन नंबर डालकर अपने एडमिट कार्ड डाउनलोड कर सकते हैं।

नई दिल्ली: हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड, भिवानी ने अक्टूबर 2026 की कक्षा 10वीं-12वीं की सप्लीमेंट्री/कंपार्टमेंट परीक्षाओं के लिए एडमिट कार्ड जारी कर दिए हैं। ये एडमिट कार्ड एकेडमिक और हरियाणा ओपन स्कूल (एचओएस) स्ट्रीम के उन छात्रों के लिए उपलब्ध हैं जो कंपार्टमेंट, आंशिक/पूर्ण सुधार, री-अपीयर, सीटीपी, ओसीटीपी और अतिरिक्त विषयों जैसी श्रेणियों में आते हैं। छात्र आधिकारिक वेबसाइट bseh.org.in से प्रवेश पत्र डाउनलोड कर सकते हैं।
परीक्षाएं 1 से 22 अक्टूबर तक होंगी। उम्मीदवार बोर्ड की वेबसाइट पर दिए गए लिंक के जरिए अपना पिछला रोल नंबर, नाम, पिता का नाम, मां का नाम या रजिस्ट्रेशन नंबर डालकर अपने एडमिट कार्ड डाउनलोड कर सकते हैं।
उम्मीदवारों को ए4 साइज के पेपर पर एडमिट कार्ड का रंगीन प्रिंट लेना होगा। अगर एडमिट कार्ड में कोई गलती है, तो उसे 25 सितंबर तक बोर्ड ऑफिस में जाकर, मूल डॉक्यूमेंट्स और सुधार शुल्क के साथ ठीक करवाया जा सकता है।
जिन उम्मीदवारों का रोल नंबर रोक दिया गया है, वे भी बोर्ड ऑफिस में जरूरी डॉक्यूमेंट्स जमा करके एडमिट कार्ड जारी करवा सकते हैं। परीक्षा शुरू होने के बाद परीक्षार्थी को फोटो और हस्ताक्षर में बदलाव की अनुमति नहीं दी जाएगी।
हरियाणा बोर्ड 10वीं-12वीं कक्षा की कंपार्टमेंट परीक्षा के लिए परीक्षार्थियों को परीक्षा केंद्र पर परीक्षा शुरू होने से कम से कम 30 मिनट पहले पहुंचना होगा और अपने साथ मूल आधार कार्ड तथा रंगीन प्रवेश पत्र लाना अनिवार्य है।
दिव्यांग परीक्षार्थियों को लेखक के लिए मुख्य केंद्र अधीक्षक द्वारा मुख्य चिकित्सा अधिकारी से प्रमाणित दिव्यांग प्रमाण पत्र या यूडीआईडी कार्ड की जांच के बाद परीक्षा शुरू होने से एक घंटे पहले लेखक उपलब्ध कराया जाएगा।
वहीं, बोर्ड कार्यालय में सहायक सचिव द्वारा प्रमाण पत्र/यूडीआईडी कार्ड की जांच के बाद परीक्षा शुरू होने से एक दिन पहले भी लेखक की सुविधा उपलब्ध कराई जा सकती है। राज्य भर में कुल 140 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं।
बोर्ड द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार, किसी दूसरे व्यक्ति की जगह परीक्षा देना या अपनी जगह किसी और से परीक्षा दिलवाना सजा-योग्य अपराध है। ऐसे मामलों में, परीक्षार्थी के खिलाफ एफआईआर दर्ज की जा सकती है।