Donald Trump ने हार्वर्ड में पढ़ने के इच्छुक विदेशी छात्रों का अमेरिका में प्रवेश रोकने के लिए उठाया कदम
Press Trust of India | June 5, 2025 | 10:31 AM IST | 2 mins read
हार्वर्ड ने कहा कि वह अपने विदेशी छात्रों की सुरक्षा करता रहेगा। अधिकारियों ने कहा कि यह कदम गलत और बदले की भावना से भरा है।
वाशिंगटन: अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हार्वर्ड विश्वविद्यालय में पढ़ने के इच्छुक लगभग सभी विदेशी छात्रों का देश में प्रवेश रोकने के लिए एक शासकीय आदेश पर हस्ताक्षर किए हैं। यह ‘आइवी लीग स्कूल’ से अंतरराष्ट्रीय छात्रों को दूर रखने का उनका नया प्रयास है। ‘आइवी लीग’ हार्वर्ड विश्वविद्यालय समेत अमेरिका के 8 प्रतिष्ठित निजी विश्वविद्यालयों का समूह है।
ट्रंप ने बुधवार को एक शासकीय आदेश पर हस्ताक्षर किए जिसमें घोषणा की गई है कि हार्वर्ड को मैसाचुसेट्स के कैम्ब्रिज स्थित अपने परिसर में विदेशी छात्रों को दाखिला देने की अनुमति देना राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा होगा।
Harvard University: ट्रंप ने आदेश में क्या लिखा?
ट्रंप ने आदेश में लिखा, ‘‘मैंने यह तय किया है कि उक्त वर्णित विदेशी नागरिकों के वर्ग का प्रवेश अमेरिका के हितों के लिए हानिकारक है क्योंकि मेरे विचार में हार्वर्ड के आचरण ने इसे विदेशी छात्रों और शोधकर्ताओं के लिए अनुपयुक्त गंतव्य बना दिया है।’’
पिछले सप्ताह बोस्टन की एक संघीय अदालत ने गृह मंत्रालय सुरक्षा विभाग को हार्वर्ड में अंतर्राष्ट्रीय छात्रों पर प्रतिबंध लगाने से रोक दिया था, लेकिन ट्रम्प के आदेश में एक अलग कानूनी प्राधिकार का उपयोग किया गया है।
12 देशों के लोग अमेरिका नहीं आ सकेंगे
ट्रम्प ने एक व्यापक संघीय कानून का हवाला दिया जो राष्ट्रपति को उन विदेशियों पर प्रतिबंध लगाने की शक्ति देता है जिनका प्रवेश "संयुक्त राज्य अमेरिका के हितों के लिए हानिकारक हो सकता है।" उन्होंने बुधवार को यह घोषणा की।
ट्रंप ने यह भी कहा कि 12 देशों के लोग अमेरिका नहीं आ सकेंगे और 7 देशों के लोगों पर कुछ प्रतिबंध लगाए जाएंगे। इसमें कई अन्य कानूनों का भी जिक्र किया गया है, जिसमें आतंकी संगठनों से जुड़े विदेशियों पर प्रतिबंध लगाने वाले कानून भी शामिल हैं।
हार्वर्ड ने कहा कि वह अपने विदेशी छात्रों की सुरक्षा करता रहेगा। अधिकारियों ने कहा कि ट्रंप प्रशासन का यह कदम गलत और बदले की भावना से भरा है, जो हार्वर्ड की अभिव्यक्ति की आज़ादी के अधिकार का उल्लंघन करता है।
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