Delhi Air Pollution: डीओई ने कक्षा 9 और 11 के छात्रों के लिए हाइब्रिड कक्षाएं संचालित करने का दिया निर्देश
Press Trust of India | January 16, 2025 | 09:29 AM IST | 2 mins read
वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग ने दिल्ली-एनसीआर के प्राधिकारियों को निर्देश दिया कि वे चरण 3 और 4 के तहत सभी कार्रवाई तत्काल प्रभाव से लागू करें।
नई दिल्ली: दिल्ली शिक्षा निदेशालय (डीओई) ने बुधवार (15 जनवरी) को सभी स्कूलों को कक्षा 9 और कक्षा 11 तक के विद्यार्थियों के लिए ‘हाइब्रिड’ कक्षाएं संचालित करने का निर्देश दिया। वायु गुणवत्ता में तेज गिरावट के बीच राष्ट्रीय राजधानी में क्रमिक प्रतिक्रिया कार्य योजना (GRAP) के चौथे चरण के तहत प्रतिबंध लागू किए गए हैं।
भारत मौसम विज्ञान विभाग और भारतीय उष्णकटिबंधीय मौसम विज्ञान संस्थान ने पूर्वानुमान जताया है कि एक्यूआई जल्द ही 400 के पार जा सकता है। वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (सीएक्यूएम) ने दिल्ली-एनसीआर के प्राधिकारियों को निर्देश दिया कि वे चरण 3 और 4 के तहत सभी कार्रवाई तत्काल प्रभाव से लागू करें।
शिक्षा निदेशालय ने एक परिपत्र में कहा, “शिक्षा निदेशालय, नई दिल्ली नगरपालिका परिषद (एनडीएमसी), दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) और दिल्ली छावनी बोर्ड के अंतर्गत आने वाले सभी सरकारी, सरकारी सहायता प्राप्त, गैर-सहायता प्राप्त निजी स्कूलों के प्रमुखों को निर्देश दिया जाता है कि वे कक्षा 9 और 11 तक के छात्रों के लिए हाइब्रिड कक्षाएं संचालित करें। यह निर्देश तत्काल प्रभाव से लागू होगा और अगली सूचना तक प्रभावी रहेगा।”
Also read UP Schools Closed 2025: उत्तर प्रदेश के कई जिलों में 8वीं तक स्कूलों की शीतकालीन छुट्टियां बढ़ीं
चरण 4 के प्रतिबंधों में सभी निर्माण गतिविधियों पर प्रतिबंध, दिल्ली में गैर-जरूरी प्रदूषण फैलाने वाले ट्रकों का प्रवेश और कक्षा 10 और 12 को छोड़कर स्कूल की कक्षाओं को अनिवार्य रूप से हाइब्रिड मोड में स्थानांतरित करना शामिल है। जानकारी के अनुसार, वायु गुणवत्ता सूचकांक मंगलवार को 275 से बढ़कर बुधवार शाम 6 बजे 396 हो गया।
गैर-आवश्यक डीजल ट्रकों को दिल्ली में प्रवेश करने पर प्रतिबंध है, जबकि चरण 4 के तहत आवश्यक सेवाओं को छोड़कर, दिल्ली में पंजीकृत बीएस-IV और पुराने डीजल से चलने वाले भारी माल वाहनों पर प्रतिबंध है।
सर्दियों के दौरान, दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र में जीआरएपी के तहत प्रतिबंध लागू होते हैं। जो वायु गुणवत्ता को चार चरणों में वर्गीकृत करता है, जिनमें चरण 1 (खराब, एक्यूआई 201-300), चरण 2 (बहुत खराब एक्यूआई 301-400), चरण 3 (गंभीर, एक्यूआई 401-450) और चरण 4 (गंभीर प्लस, एक्यूआई 450 से ऊपर) को शामिल किया गया है।
अगली खबर
]विशेष समाचार
]- IIM Lucknow: आईआईएम लखनऊ ने फैमिली बिजनेस में एमबीए प्रोग्राम लॉन्च किया, पहला बैच जुलाई 2027 में, फीस जानें
- IRIS 2026: 27 क्षेत्रों के 54 स्कॉलर्स को मिला फैकल्टी रिसर्च अवार्ड; आईआईटी, एम्स, आईआईएम के शोधकर्ता शामिल
- IRIS 2026: इंडिया रिसर्च एंड इम्पैक्ट समिट 1 अक्टूबर को, नीति आयोग सदस्य समेत कई दिग्गज एजुकेटर्स होंगे शामिल
- UPSC Mains Marks: केंद्रीय सूचना आयोग ने यूपीएससी मेंस के अंकों का विवरण प्रकाशित करने की सिफारिश की
- JEE Advanced: जेईई-एडवांस्ड में 3 प्रयास की मांग तेज, 12,000 से अधिक अभ्यर्थियों ने मंत्रालय को दिया प्रतिवेदन
- NITI Aayog Report: स्कूलों में छठी कक्षा से ही रोजगारपरक कौशल पर हो ध्यान, नीति आयोग का सुझाव
- आजादी के 80वें साल में भी 'कागजी' दावों के बीच फंसी शिक्षा व्यवस्था; पेपर लीक व बजट की कमी से जूझ रहे छात्र
- Teacher Vacancy Crisis: बिहार में टीचर्स के 2.70 लाख+ पद खाली; झारखंड, एमपी समेत कई राज्यों में हजारों वैकेंसी
- NEET 2026 Paper Leak: नीट पेपर तैयार और अनुवाद का काम एक ही समूह के शिक्षकों को देने से हुई गड़बड़ी - सूत्र
- MCC NEET Counselling 2026: नीट काउंसलिंग शेड्यूल जल्द, जेपी नड्डा ने की समीक्षा, छात्र-केंद्रित कई बड़े सुधार