Delhi Coaching Centre: सीसीपीए ने भ्रामक विज्ञापन के लिए कोचिंग संस्थान पर लगाया 3 लाख रुपये का जुर्माना
Press Trust of India | August 18, 2024 | 06:40 PM IST | 2 mins read
सीसीपीए ने कहा कि ‘श्रीराम आईएएस’ ने यूपीएससी सीएसई 2022 में 200 से अधिक चयनों का दावा किया, जबकि जवाब में केवल 171 सफल उम्मीदवारों का विवरण पेश किया गया।
नई दिल्ली: केंद्रीय उपभोक्ता संरक्षण प्राधिकरण (CCPA) ने भ्रामक विज्ञापन प्रकाशित करने और उपभोक्ता अधिकारों का उल्लंघन करने के लिए कोचिंग संस्थान ‘श्रीराम आईएएस’ पर 3 लाख रुपये का जुर्माना लगाया है। भ्रामक विज्ञापन संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) सिविल सेवा परीक्षा 2022 के संबंध में अपने दावों से संबंधित था।
एक आधिकारिक बयान के अनुसार, सेंट्रल कंज्यूमर प्रोटेक्शन अथॉरिटी ने ‘श्रीराम आईएएस’ पर भ्रामक विज्ञापन के लिए तीन लाख रुपये का जुर्माना लगाया है।
उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम 2019 के उल्लंघन के मद्देनजर मुख्य आयुक्त निधि खरे और आयुक्त अनुपम मिश्रा की अध्यक्षता वाली सीसीपीए ने यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा 2022 के संबंध में भ्रामक विज्ञापन के लिए ‘श्रीराम आईएएस’ कोचिंग संस्थान के खिलाफ आदेश जारी किया है।
सीसीपीए ने बताया कि कोचिंग संस्थान और ऑनलाइन एडटेक मंच संभावित उम्मीदवारों (उपभोक्ताओं) को प्रभावित करने के लिए उन्हीं सफल उम्मीदवारों की तस्वीरों और नामों का उपयोग करते हैं, जबकि ऐसे उम्मीदवारों द्वारा चुने गए पाठ्यक्रम और पाठ्यक्रम की अवधि का खुलासा नहीं किया जाता है।
सीसीपीए ने विज्ञापन सामग्री का हवाला देते हुए कहा कि ‘श्रीराम आईएएस’ ने अपने विज्ञापन में ‘यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा 2022 में 200 से अधिक चयन’ और भारत का नंबर एक प्रतिष्ठित यूपीएससी/ आईएएस कोचिंग संस्थान होने का दावा किया।
केंद्रीय उपभोक्ता संरक्षण प्राधिकरण ने आगे कहा, इससे उपभोक्ताओं को यह लगता है कि संस्थान द्वारा दावा किए गए सभी सफल अभ्यर्थियों ने संस्थान द्वारा वेबसाइट पर विज्ञापित सशुल्क पाठ्यक्रमों का चयन किया था।
बयान में कहा गया कि, ‘श्रीराम आईएएस’ ने अपने जवाब में यूपीएससी सीएसई 2022 में 200 से अधिक चयनों के अपने दावे के मुकाबले केवल 171 सफल उम्मीदवारों का विवरण पेश किया। इन 171 अभ्यर्थियों में से 102 अभ्यर्थी निःशुल्क ‘इंटरव्यू गाइडेंस प्रोग्राम (IGP) से, 55 अभ्यर्थी निःशुल्क टेस्ट सीरीज से, 9 अभ्यर्थी जीएस क्लासरूम कोर्स से तथा 5 अभ्यर्थी निःशुल्क कोचिंग प्रदान करने के लिए राज्य सरकार और संस्थान के बीच हस्ताक्षरित समझौता ज्ञापन के तहत विभिन्न राज्यों से थे।
सेंट्रल कंज्यूमर प्रोटेक्शन अथॉरिटी (सीसीपीए) ने कहा कि, “इस तथ्य का खुलासा उनके (SRIRAM's IAS- Coaching institute ) विज्ञापन में नहीं किया गया, जिससे उपभोक्ता धोखा खा रहे हैं।”
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