
खेडकर ने आरोपों से इनकार करते हुए कहा कि उन्होंने कोई गलत जानकारी नहीं दी है और यूपीएससी को उनकी उम्मीदवारी को अयोग्य घोषित करने का कोई अधिकार नहीं है।
‘वन टाइम रजिस्ट्रेशन’ पोर्टल पर पंजीकरण के समय अभ्यर्थियों की पहचान के सत्यापन के लिए स्वैच्छिक आधार पर आधार-प्रमाणीकरण करने की अनुमति है।